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Rewari News: पांच सौ पशुओं को 5 गोशालाओं में छोड़ने की बनी सहमति

Wed, 26 Feb 2025 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 26 Feb 2025 12:58 AM IST
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Agreement reached to release 500 animals in 5 cow shelters
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। नगर परिषद ने 500 बेसहारा पशुओं को पांच अलग-अलग गोशालाओं में छोड़ने की योजना तैयार की है। इसको लेकर नगर परिषद की पांच गोशालाओं के संचालकों के साथ सहमति बन गई है। एक-दो दिन में बेहसहारा पशुओं को पकड़ने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अबतक धारूहेड़ा और जाटूसाना की गोशाला में पशुओं को छोड़ने का कार्य किया जा रहा था। अब दोनों गोशालाएं पशुओं से भर चुकी हैं जिससे व्यवस्था बनाने में परेशानी हो रही थी। इसकी वजह से एजेंसी ने पशुओं को पकड़ने का कार्य पिछले सप्ताह बंद कर दिया था। इसके बाद नगर परिषद ने पांच गोशालाओं के संचालकों से बातचीत की। बातचीत में तय हुआ है कि इन पांचों गोशालाओं में करीब 500 पशु छोड़े जाएंगे। एजेंसी ने 26 दिनों में 500 से अधिक पशु छोड़े हैं। एजेंसी के मुताबिक उन्होंने 21 जनवरी से 17 फरवरी तक काम किया और तमाम गोवंशों को पकड़कर गोशाला में भेजा। धारूहेड़ा की गोशाला ने पहले ही दिन पशु छोड़ने से मना कर दिया गया था। जाटूसाना गोशाला की क्षमता 500 की थी। उसके बाद भी नौ गोवंशों को अतिरिक्त भेजा गया। मामला जब डीएमसी के पास पहुंचा तो इसका अलग से रास्ता निकाला गया। अब फिर से को पशुओं को पकड़ने का कार्य शुरू हो जाएगा।
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हर साल 1300 का लक्ष्य होने के कारण बढ़ रहे जिले में पशु

शहर की सड़कों पर करीब 4 हजार बेसहारा पशु घूम रहे हैं। नगर परिषद ने इस वर्ष करीब 1300 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष जब नगर परिषद ने सर्वे कराया था तो करीब 4 हजार बेसहारा पशुओं को चिह्नित किया गया था। नगर परिषद का दावा है कि इसमें से करीब 1300 पशुओं को पकड़ा जा चुका है। करीब 23-25 लाख रुपये की आसपास की राशि खर्च हुई थी। वहीं, एक अनुमान के मुताबिक अब बेसहारा पशुओं की संख्या 30 प्रतिशत और बढ़ चुकी है। इसके बाद भी 1300 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इस साल उम्मीद थी कि लक्ष्य बड़ा रखा जाएगा। हर साल पशुओं की संख्या बढ़ने का एक मुख्य कारण यह भी है कि लक्ष्य हमेशा एक जैसा ही रहा है। औसतन हर साल की बात करें तो 1300 के आसपास पशु पकड़े जाते हैं। साल 2021 में भी 1300 पशु, 2022, 2023, 2024 में भी स्थिति इसी प्रकार की रही। इस साल भी 1300 पशु पकड़े जाएंगे।
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बेसहारा पशुओं के कारण हो चुके हैं कई हादसे

तीन साल पहले बेसहारा पशु के हमले से एक फोटोग्राफर की मौत हो गई थी। इसके बाद शहर के लोगों ने कई दिन तक धरना-प्रदर्शन भी किया था। दिसंबर 2023 में भाड़ावास फाटक के पास आपस में लड़ते दो सांडों ने महिला पर हमला कर दिया था, जिससे उसके हाथ, पैर, सिर में गंभीर चोटें लगी थी। मार्च 2024 को शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में बीच सड़क पर दो सांड आपस में भिड़ गए थे। सांडों की लड़ाई में पास खड़ी दो कारें और एक बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी। पिछले दिनों एक बुजुर्ग की जान चली गई थी। पिछले दिनों गोवंश के हमले से नई बस्ती निवासी व्यापारी घायल हो गया था तथा एक बुजुर्ग की जान भी चली गई थी।

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वर्जन:

नगर परिषद ने 500 पशुओं को पांच अलग-अलग गोशालाओं में छोड़ने की योजना तैयार की है। पशुओं को पकड़ने का कार्य जल्द शुरू होगा। अभी तक धारूहेड़ा और जाटूसाना की गोशाला में पशुओं को छोड़ने का कार्य किया जा रहा था। -सुधीर कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद रेवाड़ी।
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