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Rewari News: एजेंट अश्वनी ने हरियाणा व यूपी के जिलों में परिचितों के जरिए बांटा था अपना नंबर

Thu, 12 Mar 2026 01:40 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:40 AM IST
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Agent Ashwani had distributed his number through acquaintances in the districts of Haryana and UP.
11jjrp04- गाजियाबाद में अवैध लिंग जांच करते पकडे़ गए आरोपी व साथ में स्वास्थ्य विभाग झज्जर की ट
झज्जर। अवैध लिंग जांच के मामले में फरार चल रहे आरोपी अश्वनी ने झज्जर, बहादुरगढ़, सोनीपत सहित हरियाणा व उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जानकारों के जरिये अपना नंबर फैला रखा था। उसी नंबर पर लोग उससे संपर्क करते थे। विभाग को भी उसका नंबर गुप्त सूत्र के जरिये मिला था। इसके बाद ही उसके साथ संपर्क कर 35 हजार रुपये में डील तय की थी।
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इसके बाद ही बीते रात विभाग ने छापामारी की थी। हालांकि आरोपी एजेंट अश्वनी टीम को देखकर फरार हो गया। वह छत के जरिये होता हुआ करीबन 10-12 घरों की छत को क्रॉस करते हुए भाग निकला। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपी अश्वनी गाजियाबाद के ही एक निजी मेडिकल कॉलेज में एलटी के पद पर कार्य करता है।
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छापामारी में पकड़े गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के ही रहने वाले हैं। बलवान सिंह गाजियाबाद जिले के गढ़ी मेरठ रोड निवासी है वहीं दूसरा आरोपी वसीम हापुड जिले के हाफिजपुर स्थित उबारपुर गांव का रहने वाला है।
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बलवान सिंह अपने साथी वसीम की पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड करता था जबकि फरार आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के एचआईजी प्रताप विहार सेक्टर-11 विजय नगर निवासी अश्वनी कुमार ग्राहक उपलब्ध करवाता था। 2020 में भी अवैध लिंग जांच करते पकड़ा गया था आरोपी।


जांच के बहाने ले गया था महिला के घर
नोडल ऑफिसर डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि जिस घर में अवैध लिंग जांच की गई, उस घर में महिला व उसकी दो बेटियां रहती है। महिला का पति विदेश में रहता है। महिला व अश्वनी की जान-पहचान अस्पताल में हुई थी क्योंकि महिला की एक बेटी बीमार रहती है और इलाज चल रहा है। इलाज कराने के नाम पर अश्वनी ने जान-पहचान हो गई।
इसके बाद वह उसके घर का प्रयोग अवैध लिंग जांच के नाम पर करने लगा। आरोपी इतने शातिर थे कि महिला को शक तक नहीं हुआ। 10 मार्च को भी आरोपी अश्वनी ने फोन पर महिला से कहा कि वह घर आ रहे हैं और वह चाय बना लें। महिला ने कार्रवाई के बाद टीम को बताया कि उसे लगा कि उसकी बेटी की थायराइड की जांच करने आ रहे हैं।
जब अश्वनी, डिकोय महिला घर पहुंची तो उसने महिला को बताया कि इसकी तबीयत खराब है और जांच करनी है। महिला ने जांच के लिए हां कर दी। इतनी देर में वसीम और बलवान भी आ गए और महिला को कमरे में ले जाकर जांच की। जब टीम ने जाते हुए आरोपियों को पकड़ा तब महिला को उनके कारनामों का पता चल सका।

उपायुक्त व सिविल सर्जन ने दी बधाई
जिला उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल एवं सिविल सर्जन झज्जर डॉ. मंजू कादयान ने अवैध लिंग जांच गिरोह के खिलाफ की गई इस सफल संयुक्त कार्रवाई पर पीएनडीटी टीम और पुलिस विभाग की सराहना की।
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