{"_id":"66e8b3d45aa7ee82670d2cf4","slug":"after-court-case-city-council-caught-600-monkeys-in-5-months-rewari-news-c-198-1-rew1001-209423-2024-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: कोर्ट केस के बाद नगर परिषद ने 5 माह में पकड़े 600 बंदर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: कोर्ट केस के बाद नगर परिषद ने 5 माह में पकड़े 600 बंदर
Tue, 17 Sep 2024 04:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 17 Sep 2024 04:10 AM IST
विज्ञापन
प्रवेश चौहान
रेवाड़ी। पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट से सिविल कोर्ट में केस जाने के बाद नगर परिषद ने शहर में बंदरों को पकड़ने में तेजी दिखाई है। नगर परिषद के अधिकारियों का दावा है कि पिछले 5 महीने में शहर से 600 बंदर पकड़े गए हैं।
नगर परिषद ने शक्ति नगर, सेक्टर-3, सेक्टर-4 और अन्य स्थानों में बंदरों को पकड़ने की बात कही है। बंदर पकड़ने के मामले में कोर्ट में 19 सितंबर को सुनवाई होनी है जिसमें नगर परिषद प्रशासन कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट देगा। पिछली सुनवाई में नगर परिषद की ओर से चीफ सेक्रेट्री इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने कहा था कि अगली तारीख तक बड़े पैमाने पर बंदरों को पकड़ा जाएगा। वहीं शहरवासी सुनील, आशुतोष, राजेश, रामपाल का कहना है कि अगर मामला कोर्ट में नहीं जाता तो बंदरों को नहीं पकड़ा जाता। मामला कोर्ट में जाने के बाद ही नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने के लिए प्रयास तेज किए हैं।
सीएलजी समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता सुनील भार्गव ने बताया कि उन्होंने शहर बंदरों के उत्पाद को लेकर पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट में शिकायत की थी। अदालत ने बंदरों को पकड़ने का आदेश दिया था लेकिन बंदरों को नहीं पकड़ा जा सका था। इसके बाद सिविल जज की अदालत में केस दायर किया था। आरोप लगाया कि नगर परिषद की ओर से 3 दिन पहले शक्ति नगर में पिंजरा लगाया गया था, जबकि यह कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदर मचा रहे उत्पात
रेवाड़ी शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदर उत्पात मचा रहे हैं। कोसली क्षेत्र में बंदर हमला कर कई लोगों को घायल कर चुके हैं। बंदरों के काटने के मामले अस्पताल में रोजाना आते हैं। कोसली में बंदरों को पकड़ने के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। कोसली क्षेत्र के लोगों ने भी बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
वर्जन
नगर परिषद ने 5 महीने में 600 बंदरों को पकड़ा है। आगे भी बंदरों को पकड़ा जाएगा। इसके लिए प्रयास जारी है।-सुधीर कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
विज्ञापन
रेवाड़ी। पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट से सिविल कोर्ट में केस जाने के बाद नगर परिषद ने शहर में बंदरों को पकड़ने में तेजी दिखाई है। नगर परिषद के अधिकारियों का दावा है कि पिछले 5 महीने में शहर से 600 बंदर पकड़े गए हैं।
नगर परिषद ने शक्ति नगर, सेक्टर-3, सेक्टर-4 और अन्य स्थानों में बंदरों को पकड़ने की बात कही है। बंदर पकड़ने के मामले में कोर्ट में 19 सितंबर को सुनवाई होनी है जिसमें नगर परिषद प्रशासन कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट देगा। पिछली सुनवाई में नगर परिषद की ओर से चीफ सेक्रेट्री इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने कहा था कि अगली तारीख तक बड़े पैमाने पर बंदरों को पकड़ा जाएगा। वहीं शहरवासी सुनील, आशुतोष, राजेश, रामपाल का कहना है कि अगर मामला कोर्ट में नहीं जाता तो बंदरों को नहीं पकड़ा जाता। मामला कोर्ट में जाने के बाद ही नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने के लिए प्रयास तेज किए हैं।
विज्ञापन
सीएलजी समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता सुनील भार्गव ने बताया कि उन्होंने शहर बंदरों के उत्पाद को लेकर पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट में शिकायत की थी। अदालत ने बंदरों को पकड़ने का आदेश दिया था लेकिन बंदरों को नहीं पकड़ा जा सका था। इसके बाद सिविल जज की अदालत में केस दायर किया था। आरोप लगाया कि नगर परिषद की ओर से 3 दिन पहले शक्ति नगर में पिंजरा लगाया गया था, जबकि यह कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदर मचा रहे उत्पात
रेवाड़ी शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदर उत्पात मचा रहे हैं। कोसली क्षेत्र में बंदर हमला कर कई लोगों को घायल कर चुके हैं। बंदरों के काटने के मामले अस्पताल में रोजाना आते हैं। कोसली में बंदरों को पकड़ने के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। कोसली क्षेत्र के लोगों ने भी बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
वर्जन
नगर परिषद ने 5 महीने में 600 बंदरों को पकड़ा है। आगे भी बंदरों को पकड़ा जाएगा। इसके लिए प्रयास जारी है।-सुधीर कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।