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Rewari News: भाकली में जलनिकासी की प्रस्तावित परियोजना का एडीसी ने लिया जायजा
Fri, 20 Feb 2026 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 20 Feb 2026 11:51 PM IST
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जलनिकासी व्यवस्था का जायजा लेते एडीसी राहुल मोदी। स्रोत : प्रशासन
कोसली। बारिश के मौसम में भाकली-1 और भाकली-2 में जलनिवासी को लेकर प्रशासन गंभीर है। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) राहुल मोदी ने शुक्रवार को क्षेत्र का दौरा कर प्रस्तावित परियोजनाओं का निरीक्षण किया।
एडीसी ने कोसली और भाकली गांवों में जलनिकासी से जुड़े प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने गुडियानी रोड स्थित पब्लिक हेल्थ विभाग के एसटीपी, भाकली चौक, साल्हावास रोड तथा केंद्रीय विद्यालय के समीप जलभराव वाले स्थानों का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम कोसली विजय कुमार यादव भी उनके साथ मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान पंचायती राज विभाग और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी। पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र गुलिया ने बताया कि विभाग ने करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से जलनिकासी की योजना तैयार की है।
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इस योजना के तहत पाइपलाइन आधारित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा और तालाब की खुदाई कर पानी का प्रबंधन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना को लागू करने के लिए रेलवे लाइन के नीचे पाइप डालने की आवश्यकता होगी, जिसके लिए रेलवे विभाग से मंजूरी लेनी पड़ेगी।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अशोक यादव ने बताया कि बरसाती पानी को ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचाने के लिए लगभग 26.71 करोड़ रुपये की लागत का विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
यह परियोजना सिंचाई विभाग की स्वीकृति के लिए भेजी गई है और मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू किया जा सकेगा। इस योजना के तहत स्थायी समाधान के रूप में व्यापक स्तर पर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने का प्रस्ताव है।
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जलभराव की यहां है गंभीर समस्या
कोसली, भाकली-1 और भाकली-2 गांवों के साथ-साथ साल्हावास रोड और नाहड़ रोड पर हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन बाधित होता है और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार पानी घरों तक पहुंच जाता है, जिससे संपत्ति और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं।
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योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराएं
एडीसी राहुल मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और प्रस्तावित योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए तकनीकी व प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाई जाएगी। इस मौके पर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गजराज सिंह, पंचायती राज विभाग के एसडीओ विकास कुमार, सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव कुमार, बीडीपीओ सुनीता, सरपंच रामकिशन जांगड़ा, जेई राहुल यादव, जेई सोमवीर, विजय पूनिया, सुरेश उपस्थित रहे।
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एडीसी ने कोसली और भाकली गांवों में जलनिकासी से जुड़े प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने गुडियानी रोड स्थित पब्लिक हेल्थ विभाग के एसटीपी, भाकली चौक, साल्हावास रोड तथा केंद्रीय विद्यालय के समीप जलभराव वाले स्थानों का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम कोसली विजय कुमार यादव भी उनके साथ मौजूद रहे।
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निरीक्षण के दौरान पंचायती राज विभाग और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी। पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र गुलिया ने बताया कि विभाग ने करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से जलनिकासी की योजना तैयार की है।
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इस योजना के तहत पाइपलाइन आधारित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा और तालाब की खुदाई कर पानी का प्रबंधन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना को लागू करने के लिए रेलवे लाइन के नीचे पाइप डालने की आवश्यकता होगी, जिसके लिए रेलवे विभाग से मंजूरी लेनी पड़ेगी।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अशोक यादव ने बताया कि बरसाती पानी को ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचाने के लिए लगभग 26.71 करोड़ रुपये की लागत का विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
यह परियोजना सिंचाई विभाग की स्वीकृति के लिए भेजी गई है और मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू किया जा सकेगा। इस योजना के तहत स्थायी समाधान के रूप में व्यापक स्तर पर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने का प्रस्ताव है।
जलभराव की यहां है गंभीर समस्या
कोसली, भाकली-1 और भाकली-2 गांवों के साथ-साथ साल्हावास रोड और नाहड़ रोड पर हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन बाधित होता है और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार पानी घरों तक पहुंच जाता है, जिससे संपत्ति और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं।
योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराएं
एडीसी राहुल मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और प्रस्तावित योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए तकनीकी व प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाई जाएगी। इस मौके पर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गजराज सिंह, पंचायती राज विभाग के एसडीओ विकास कुमार, सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव कुमार, बीडीपीओ सुनीता, सरपंच रामकिशन जांगड़ा, जेई राहुल यादव, जेई सोमवीर, विजय पूनिया, सुरेश उपस्थित रहे।