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Rewari News: लग्न समारोह से लौट रहे युवक को पिलाई शराब, तेजधार हथियार से किया हमला, पीजीआई में मौत
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मृतक संजीव
रेवाड़ी। जिले के गुलाबपुरा गांव में लग्न समारोह से लौट रहे देहलावास निवासी संजीव (25) की शुक्रवार देर रात गांव के ही युवकों ने हत्या कर दी। संजीव के साथ मारपीट शुक्रवार रात करीब 12 बजे देहलावास और गुलाबपुरा के बीच स्थित शिव मंदिर के पास हुई।
संजीव लग्न समारोह में शामिल होने के लिए गुलाबपुरा गांव गया था। इस मौके पर दो युवकों की आपस में किसी बात को लेकर बहस हो गई। तब संजीव ने जाकर बचाव किया। तभी झगड़े में शामिल संजीव के गांव के रहने वाले दूसरे पक्ष के युवकों ने कहा कि वह उसे शराब पिलाने के लिए ले जाएंगे, संजीव उनके साथ चला गया।
संजीव के पिता विजय सिंह ने बताया कि उसके बाद 2-3 अन्य युवकों को भी वहां बुला लिया। आरोपियों ने संजीव को पहले शराब पिलाई, फिर योजनाबद्ध तरीके से उसे अकेला पाकर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे बुरी तरह घायल कर दिया और मंदिर के पास अचेत अवस्था में छोड़कर फरार हो गए।
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परिवार को जब रात को सूचना मिली तो उसे सरकारी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पीजीआई में शनिवार सुबह करीब 6 बजे संजीव ने दम तोड़ दिया। परिवार ने 4 से 5 युवकों को लेकर पुलिस को शिकायत दी है।
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पिता बोले- हत्या क्रूरता से की गई, दोनों हाथ और पैर तक तोड़ दिए
पिता विजय सिंह ने बताया कि हत्या इतनी क्रूरता से की गई कि उसके दोनों हाथ और पैर तक तोड़ दिए गए थे। उसके सिर पर भी कई गहरी चोटें थीं जिनकी वजह से उसकी मौत हो गई। संजीव बेहद शांत स्वभाव का था और दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार को संभाल रहा था। उसके दो भाई और एक बहन हैं और वह भाइयों में सबसे बड़ा था। संजीव के पिता भी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ऐसे में उसकी मौत ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। संजीव एक मेहनतकश दिहाड़ी मजदूर था जो अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करता था।
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परिवार का आरोप- आश्वासन मिला था, आरोपियों को समझा दिया जाएगा
पिता विजय सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले संजीव की गांव के ही कुछ युवकों से मामूली कहासुनी हुई थी। आरोप है कि उसी विवाद को लेकर करीब एक सप्ताह पहले उसे खुलेआम धमकी दी गई थी कि उसे दस दिन के भीतर जान से मार दिया जाएगा। संजीव और उसके परिवार ने यह बात गांव के मौजिज व्यक्तियों को भी बताई थी जिन्होंने आश्वासन दिया था कि वे युवकों को समझा देंगे लेकिन इस आश्वासन से पहले ही यह धमकी सच साबित हो गई और संजीव की हत्या कर दी गई।
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संजीव लग्न समारोह में शामिल होने के लिए गुलाबपुरा गांव गया था। इस मौके पर दो युवकों की आपस में किसी बात को लेकर बहस हो गई। तब संजीव ने जाकर बचाव किया। तभी झगड़े में शामिल संजीव के गांव के रहने वाले दूसरे पक्ष के युवकों ने कहा कि वह उसे शराब पिलाने के लिए ले जाएंगे, संजीव उनके साथ चला गया।
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संजीव के पिता विजय सिंह ने बताया कि उसके बाद 2-3 अन्य युवकों को भी वहां बुला लिया। आरोपियों ने संजीव को पहले शराब पिलाई, फिर योजनाबद्ध तरीके से उसे अकेला पाकर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे बुरी तरह घायल कर दिया और मंदिर के पास अचेत अवस्था में छोड़कर फरार हो गए।
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परिवार को जब रात को सूचना मिली तो उसे सरकारी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पीजीआई में शनिवार सुबह करीब 6 बजे संजीव ने दम तोड़ दिया। परिवार ने 4 से 5 युवकों को लेकर पुलिस को शिकायत दी है।
पिता बोले- हत्या क्रूरता से की गई, दोनों हाथ और पैर तक तोड़ दिए
पिता विजय सिंह ने बताया कि हत्या इतनी क्रूरता से की गई कि उसके दोनों हाथ और पैर तक तोड़ दिए गए थे। उसके सिर पर भी कई गहरी चोटें थीं जिनकी वजह से उसकी मौत हो गई। संजीव बेहद शांत स्वभाव का था और दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार को संभाल रहा था। उसके दो भाई और एक बहन हैं और वह भाइयों में सबसे बड़ा था। संजीव के पिता भी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ऐसे में उसकी मौत ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। संजीव एक मेहनतकश दिहाड़ी मजदूर था जो अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करता था।
परिवार का आरोप- आश्वासन मिला था, आरोपियों को समझा दिया जाएगा
पिता विजय सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले संजीव की गांव के ही कुछ युवकों से मामूली कहासुनी हुई थी। आरोप है कि उसी विवाद को लेकर करीब एक सप्ताह पहले उसे खुलेआम धमकी दी गई थी कि उसे दस दिन के भीतर जान से मार दिया जाएगा। संजीव और उसके परिवार ने यह बात गांव के मौजिज व्यक्तियों को भी बताई थी जिन्होंने आश्वासन दिया था कि वे युवकों को समझा देंगे लेकिन इस आश्वासन से पहले ही यह धमकी सच साबित हो गई और संजीव की हत्या कर दी गई।