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Rewari News: मॉक ड्रिल में अग्निकांड के हादसे की स्थिति बनाई
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रेवाड़ी। लघु सचिवालय में मॉक ड्रिल के दौरान का दृश्य। स्रोत : डीपीआरओ
रेवाड़ी। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विभाग निर्देशों पर स्थानीय लघु सचिवालय परिसर में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस मॉक ड्रिल को उपायुक्त अभिषेक मीणा के निर्देशन पर किया गया।
इसमें पुलिस विभाग व स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका रही। मॉक ड्रिल में अग्निकांड के हादसे की स्थिति बनाई गई। यह अग्निकांड लघु सचिवालय के द्वितीय तल पर हुआ। वहां के स्टाफ सदस्य ने इसकी सूचना डायल 112 पर दी, उनसे नाम, पता, आग के प्रकार का ब्योरा लेकर फायर विभाग ने तुरंत गाड़ी भेजी। पुलिस विभाग व आपदा मित्र ने सभी लोगों को बाहर निकाला। धुआं अधिक होने के कारण अंदर जहरीली गैस बनी हुई थी, जिसमें फायरमैन बीए सेट पहन कर अंदर से रेस्क्यू ऑपरेशन करते हैं, जिसमें डबल हेंड शिट बेंड, फायर मेन लिफ्ट से 2 घायलों को निकालते हैं और एंबूलेंस के माध्यम से अस्पताल में भेज दिया जाता है।
इसके अतिरिक्त प्रथम मंजिल से एक घायल को चेयर लिफ्ट से उतारा जाता है। फायर ऑफिसर ने बताया कि किसी भी फायर, पुलिस या स्वास्थ्य सहायता के लिए डायल 112 पर सम्पर्क करें। इसके अतिरिक्त आपातकालीन सेवाओं को रास्ता अवश्य दें। घर या कार्यालय में अग्निशमन यंत्र रखे व आग लगने की स्थिति में मदद मिलने तक बचाव के रास्ते देख कर अपने व साथियों के जीवन की सुरक्षा करें। मौके पर एसडीएम सुरेंद्र सिंह, पुलिस उप-अधीक्षक, जिला राजस्व अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
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इसमें पुलिस विभाग व स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका रही। मॉक ड्रिल में अग्निकांड के हादसे की स्थिति बनाई गई। यह अग्निकांड लघु सचिवालय के द्वितीय तल पर हुआ। वहां के स्टाफ सदस्य ने इसकी सूचना डायल 112 पर दी, उनसे नाम, पता, आग के प्रकार का ब्योरा लेकर फायर विभाग ने तुरंत गाड़ी भेजी। पुलिस विभाग व आपदा मित्र ने सभी लोगों को बाहर निकाला। धुआं अधिक होने के कारण अंदर जहरीली गैस बनी हुई थी, जिसमें फायरमैन बीए सेट पहन कर अंदर से रेस्क्यू ऑपरेशन करते हैं, जिसमें डबल हेंड शिट बेंड, फायर मेन लिफ्ट से 2 घायलों को निकालते हैं और एंबूलेंस के माध्यम से अस्पताल में भेज दिया जाता है।
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इसके अतिरिक्त प्रथम मंजिल से एक घायल को चेयर लिफ्ट से उतारा जाता है। फायर ऑफिसर ने बताया कि किसी भी फायर, पुलिस या स्वास्थ्य सहायता के लिए डायल 112 पर सम्पर्क करें। इसके अतिरिक्त आपातकालीन सेवाओं को रास्ता अवश्य दें। घर या कार्यालय में अग्निशमन यंत्र रखे व आग लगने की स्थिति में मदद मिलने तक बचाव के रास्ते देख कर अपने व साथियों के जीवन की सुरक्षा करें। मौके पर एसडीएम सुरेंद्र सिंह, पुलिस उप-अधीक्षक, जिला राजस्व अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
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