{"_id":"6a2af48e5726856d130cbdb8","slug":"a-chair-dedicated-to-the-gita-along-with-certificate-courses-will-be-established-at-igu-rewari-news-c-198-1-rew1001-240039-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: आईजीयू में गीता से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्सों के साथ चेयर होगी स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: आईजीयू में गीता से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्सों के साथ चेयर होगी स्थापित
Thu, 11 Jun 2026 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:16 PM IST
विज्ञापन
आईजीयू और गीता ज्ञान संस्थानम् के बीच एमओयू के दौरान खड़े कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी और स्वाम
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय और गीता ज्ञान संस्थान (जीआईईओ गीता) कुरुक्षेत्र के बीच गीता के प्रचार-प्रसार को लेकर समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किया गया। विश्वविद्यालय की तरफ से कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी और जीआईईओ गीता की ओर से स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू का उद्देश्य गीता आधारित शिक्षा, शोध और अकादमिक गतिविधियों को नई गति देना है। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने बताया कि एमओयू के अनुसार इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय गीता संबंधी कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आवश्यक शैक्षणिक एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध कराएगा।
विश्वविद्यालय छात्रों को गीता अध्ययन और उससे जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। समझौते में शैक्षणिक गुणवत्ता और सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
विज्ञापन
जीआईईओ गीता संस्थान की ओर से स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों का विकास भी होना चाहिए। गीता के अध्ययन को विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से जोड़ना एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल है।
जीआईईओ गीता सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि एमओयू के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर गीता पर आधारित अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम संचालित करेंगी। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार, कार्यशालाएं और शोध संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
विज्ञापन
एमओयू का उद्देश्य गीता आधारित शिक्षा, शोध और अकादमिक गतिविधियों को नई गति देना है। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने बताया कि एमओयू के अनुसार इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय गीता संबंधी कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आवश्यक शैक्षणिक एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय छात्रों को गीता अध्ययन और उससे जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। समझौते में शैक्षणिक गुणवत्ता और सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
विज्ञापन
जीआईईओ गीता संस्थान की ओर से स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों का विकास भी होना चाहिए। गीता के अध्ययन को विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से जोड़ना एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल है।
जीआईईओ गीता सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि एमओयू के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर गीता पर आधारित अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम संचालित करेंगी। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार, कार्यशालाएं और शोध संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।