{"_id":"5b4506c94f1c1b08278b5b91","slug":"81531250377-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो विषयों में फेल छात्र पुनर्मूल्यांकन में हुआ पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो विषयों में फेल छात्र पुनर्मूल्यांकन में हुआ पास
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली फेल, छात्र पास
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार तो मामला बेहद हैरान करने वाला है। दसवीं की परीक्षा में शामिल एक छात्र को पहले तो बोर्ड ने फेल दिखा दिया। जब पुनर्मूल्यांकन कराया तो उसमें छात्र का एक या दो नंबर नहीं अपितु पूरे 60 नंबर बढ़ गए और उसको उत्तीर्ण भी कर दिया। इससे एक बार बोर्ड की प्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है।
जिले के गांव धामलाका स्थित सरस्वती विहार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र भानू पुत्र ओमबीर ने इस वर्ष दसवीं कक्षा की परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उसमें छात्र भानू को अनुत्तीर्ण दिखाया गया था। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की तरफ से छात्र को दसवीं कक्षा में ही दोबारा प्रवेश दे दिया गया। ऑनलाइन परिणाम में अनुत्तीर्ण घोषित करने के बाद जब सेंटर से अंक तालिका लेकर आया उसमें भी भानू को अनुत्तीर्ण दिखाया गया था। इसके बाद जब स्कूल की तरफ से पुनर्मूल्यांकन कराया गया तो उसमें छात्र के एक-दो नहीं अपितु पूरे 60 नंबर बढ़ गए और उसको उत्तीर्ण कर दिया गया।
इन विषयों में बढ़े नंबर
पहले भेजी गई अंक तालिका में भानू को हिंदी विषय में 64, अंग्रेजी में 19, गणित में 78, सामाजिक विज्ञान में 45, विज्ञान में 14 तथा संस्कृत विषय में 64 अंक मिले। पुनर्मूल्यांकन के बाद अंग्रेजी विषय में 19 नंबर से सीधे 46 नंबर और विज्ञान विषय में 14 के स्थान 57 नंबर बढ़कर मिले। इस प्रकार दोनों विषयों में कुल 60 नंबरों की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद भानू उत्तीर्ण हो गया। इसी तरह इसी स्कूल की छात्रा सुषमा और प्रिया के भी आठ से दस नंबर तक पुनर्मूल्यांकन में बढ़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार तो मामला बेहद हैरान करने वाला है। दसवीं की परीक्षा में शामिल एक छात्र को पहले तो बोर्ड ने फेल दिखा दिया। जब पुनर्मूल्यांकन कराया तो उसमें छात्र का एक या दो नंबर नहीं अपितु पूरे 60 नंबर बढ़ गए और उसको उत्तीर्ण भी कर दिया। इससे एक बार बोर्ड की प्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है।
जिले के गांव धामलाका स्थित सरस्वती विहार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र भानू पुत्र ओमबीर ने इस वर्ष दसवीं कक्षा की परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उसमें छात्र भानू को अनुत्तीर्ण दिखाया गया था। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की तरफ से छात्र को दसवीं कक्षा में ही दोबारा प्रवेश दे दिया गया। ऑनलाइन परिणाम में अनुत्तीर्ण घोषित करने के बाद जब सेंटर से अंक तालिका लेकर आया उसमें भी भानू को अनुत्तीर्ण दिखाया गया था। इसके बाद जब स्कूल की तरफ से पुनर्मूल्यांकन कराया गया तो उसमें छात्र के एक-दो नहीं अपितु पूरे 60 नंबर बढ़ गए और उसको उत्तीर्ण कर दिया गया।
विज्ञापन
इन विषयों में बढ़े नंबर
पहले भेजी गई अंक तालिका में भानू को हिंदी विषय में 64, अंग्रेजी में 19, गणित में 78, सामाजिक विज्ञान में 45, विज्ञान में 14 तथा संस्कृत विषय में 64 अंक मिले। पुनर्मूल्यांकन के बाद अंग्रेजी विषय में 19 नंबर से सीधे 46 नंबर और विज्ञान विषय में 14 के स्थान 57 नंबर बढ़कर मिले। इस प्रकार दोनों विषयों में कुल 60 नंबरों की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद भानू उत्तीर्ण हो गया। इसी तरह इसी स्कूल की छात्रा सुषमा और प्रिया के भी आठ से दस नंबर तक पुनर्मूल्यांकन में बढ़े हैं।
विज्ञापन