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हत्या के प्रयास मामले में जांच अधिकारी होने से खुन्नस पाले हुआ था आरोपी नरेश
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। खरखड़ा निवासी कुख्यात बदमाश नरेश कुमार ने धारूहेड़ा सीआईए प्रभारी रणबीर सिंह की हत्या की पटकथा वर्षों पहले ही लिख डाली थी। दरसल वर्ष 2007 में हत्या के एक मामले में नामजद होने के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और उसके बाद जब वर्ष 2007 में उसने अपने ताऊ पर गोली चलाई तब उस मामले की जांच अब सीआईए इंचार्ज रणवीर सिंह ने ही की। उस जांच की वजह से नरेश रणवीर सिंह के प्रति अपने मन में खुन्नस पाले हुआ था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्ष 2007 में तत्कालीन जांच अधिकारी रणवीर सिंह द्वारा जब मामले की जांच की जा रही तब नरेश ने उन्हें कथित तौर उनको मामले को रफा-दफा करने को कहा था। इसके बाद रणबीर सिंह द्वारा ऐसा नहीं किया गया जिसके बाद नरेश को जेल में जाना पड़ा था। इसके बाद अन्य मामलों में संलिप्तता की वजह से नरेश कुमार करीब छह माह पूर्व ही जेल से छूटकर आया था और उसने 3 अक्तूबर को गांव निवासी होटल संचालक रामबीर सिंह की हत्या कर दी। गांव खरखड़ा निवासी नरेश कुमार वर्ष 2000 से आपराधिक वारदातों में शामिल रहा था। हालांकि इससे पूर्व वह स्कूल में अच्छा एथलीट भी था लेकिन गलत संगत की वजह से उसने वर्ष 2000 में पहली हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। वर्ष 2007 में जमीन विवाद में नरेश ने अपने ताऊ पर गोली चला दी थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। ताऊ की हत्या के प्रयास के मामले उस समय धारूहेड़ा थाना में तैनात रणबीर सिंह मामले की जांच कर रहे थे। बताया गया है कि आरोपी ने रणबीर को मामले में ढ़िलाई देने की बात कही थी, लेकिन रणबीर ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से ही सीआईए टू प्रभारी से कुख्यात बदमाश नरेश की आंखों की किरकिरी बन गया था। जब सीआईए इंचार्ज नरेश को काबू करने लगा तो उसने आव देखा न ताव देखा और सीधे ही उन पर गोली चला दी।
नरेश पर दर्ज हैं ये केस
वर्ष 2000 में धारूहेड़ा थाना में हत्या का मामला
2001 वर्ष 2007 में थाना मुखर्जी नगर दिल्ली धारा-392, 34
वर्ष 2007 में थाना राजौरी गार्डन दिल्ली 379, 411, 34
वर्ष 2007 में थाना धारूहेड़ा धारा 307 आर्म्स एक्ट
वर्ष 2010 में थाना धारूहेड़ा धारा 307
वर्ष 2018 में अक्टूबर थाना धारूहेड़ा 302 आर्म्स एक्ट
वर्ष 2018, 15 नवंबर थाना धारूहेड़ा धारा 302, 307, आर्म्स एक्ट
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रेवाड़ी। खरखड़ा निवासी कुख्यात बदमाश नरेश कुमार ने धारूहेड़ा सीआईए प्रभारी रणबीर सिंह की हत्या की पटकथा वर्षों पहले ही लिख डाली थी। दरसल वर्ष 2007 में हत्या के एक मामले में नामजद होने के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और उसके बाद जब वर्ष 2007 में उसने अपने ताऊ पर गोली चलाई तब उस मामले की जांच अब सीआईए इंचार्ज रणवीर सिंह ने ही की। उस जांच की वजह से नरेश रणवीर सिंह के प्रति अपने मन में खुन्नस पाले हुआ था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्ष 2007 में तत्कालीन जांच अधिकारी रणवीर सिंह द्वारा जब मामले की जांच की जा रही तब नरेश ने उन्हें कथित तौर उनको मामले को रफा-दफा करने को कहा था। इसके बाद रणबीर सिंह द्वारा ऐसा नहीं किया गया जिसके बाद नरेश को जेल में जाना पड़ा था। इसके बाद अन्य मामलों में संलिप्तता की वजह से नरेश कुमार करीब छह माह पूर्व ही जेल से छूटकर आया था और उसने 3 अक्तूबर को गांव निवासी होटल संचालक रामबीर सिंह की हत्या कर दी। गांव खरखड़ा निवासी नरेश कुमार वर्ष 2000 से आपराधिक वारदातों में शामिल रहा था। हालांकि इससे पूर्व वह स्कूल में अच्छा एथलीट भी था लेकिन गलत संगत की वजह से उसने वर्ष 2000 में पहली हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। वर्ष 2007 में जमीन विवाद में नरेश ने अपने ताऊ पर गोली चला दी थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। ताऊ की हत्या के प्रयास के मामले उस समय धारूहेड़ा थाना में तैनात रणबीर सिंह मामले की जांच कर रहे थे। बताया गया है कि आरोपी ने रणबीर को मामले में ढ़िलाई देने की बात कही थी, लेकिन रणबीर ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से ही सीआईए टू प्रभारी से कुख्यात बदमाश नरेश की आंखों की किरकिरी बन गया था। जब सीआईए इंचार्ज नरेश को काबू करने लगा तो उसने आव देखा न ताव देखा और सीधे ही उन पर गोली चला दी।
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नरेश पर दर्ज हैं ये केस
वर्ष 2000 में धारूहेड़ा थाना में हत्या का मामला
2001 वर्ष 2007 में थाना मुखर्जी नगर दिल्ली धारा-392, 34
वर्ष 2007 में थाना राजौरी गार्डन दिल्ली 379, 411, 34
वर्ष 2007 में थाना धारूहेड़ा धारा 307 आर्म्स एक्ट
वर्ष 2010 में थाना धारूहेड़ा धारा 307
वर्ष 2018 में अक्टूबर थाना धारूहेड़ा 302 आर्म्स एक्ट
वर्ष 2018, 15 नवंबर थाना धारूहेड़ा धारा 302, 307, आर्म्स एक्ट