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कृष्ण के नाम रहा कुस्ती दुंगल का आखिरी कामड़ा---29
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जाटूसाना। निकवटर्ती गांव दड़ौली में गोगानवमी के उपलक्ष्य में कुश्ती का दंगल का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज के पहलवानों ने हिस्सा लिया। दंगल का आखिरी कामड़ा बायपुर के पहलवान कृष्ण व सोनू के सोनू के बीच हुआ। लगभग आधे घंटे तक चले दांवपेच के बाद कृष्ण पहलवान ने 71 हजार रुपये का यह कामड़ा अपने नाम किया। ग्रामीणों के सहयोग से हर वर्ष गोगानवमी पर कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया था, जिसमें हरियाणा के अलावा राजस्थान, यूपी व पंजाब के दर्जनों पहलवानों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में 11 हजार रुपये की 15 कुश्ती मुकाबले कराए गए। जिसमें से 12 कुश्ती मुकाबले बराबरी पर रहे। 21 हजार रुपये की छह कुश्तियां कराई गई और 31 हजार रुपये की तीन कुश्ती हुई। इसके अलावा 51 हजार रुपये की कुश्ती खुडन निवासी मिंटू व छारा निवासी विक्रम के बीच खेली गई, जिसमें दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे पर दाव खेलते हुए पटखनी देने की कोशिश की, लेकिन आखिरी समय पर मुकाबला बराबरी पर छूूटा। दंगल का आखिरी कामड़ा 71 हजार रुपये का था, जो बायपुर निवासी कृष्ण व मनोटी निवासी सोनू के बीच खेला गया। मुकाबला काफी रोचक रहा। करीब आधा घंटा जोर आजमाइश के बाद कृष्ण ने सोनू को पराजित कर कामड़े पर अपना कब्जा जमाया। गौरतलब है कि ग्रामीणों द्वारा बनाए गए खेल स्टेडियम में कुश्तियों के रोचक मुकाबलों को देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों की काफी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
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जाटूसाना। निकवटर्ती गांव दड़ौली में गोगानवमी के उपलक्ष्य में कुश्ती का दंगल का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज के पहलवानों ने हिस्सा लिया। दंगल का आखिरी कामड़ा बायपुर के पहलवान कृष्ण व सोनू के सोनू के बीच हुआ। लगभग आधे घंटे तक चले दांवपेच के बाद कृष्ण पहलवान ने 71 हजार रुपये का यह कामड़ा अपने नाम किया। ग्रामीणों के सहयोग से हर वर्ष गोगानवमी पर कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया था, जिसमें हरियाणा के अलावा राजस्थान, यूपी व पंजाब के दर्जनों पहलवानों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में 11 हजार रुपये की 15 कुश्ती मुकाबले कराए गए। जिसमें से 12 कुश्ती मुकाबले बराबरी पर रहे। 21 हजार रुपये की छह कुश्तियां कराई गई और 31 हजार रुपये की तीन कुश्ती हुई। इसके अलावा 51 हजार रुपये की कुश्ती खुडन निवासी मिंटू व छारा निवासी विक्रम के बीच खेली गई, जिसमें दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे पर दाव खेलते हुए पटखनी देने की कोशिश की, लेकिन आखिरी समय पर मुकाबला बराबरी पर छूूटा। दंगल का आखिरी कामड़ा 71 हजार रुपये का था, जो बायपुर निवासी कृष्ण व मनोटी निवासी सोनू के बीच खेला गया। मुकाबला काफी रोचक रहा। करीब आधा घंटा जोर आजमाइश के बाद कृष्ण ने सोनू को पराजित कर कामड़े पर अपना कब्जा जमाया। गौरतलब है कि ग्रामीणों द्वारा बनाए गए खेल स्टेडियम में कुश्तियों के रोचक मुकाबलों को देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों की काफी भीड़ उमड़ पड़ी थी।