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आईएमटी बावल में दम तोड़ रहा है स्वच्छ भारत मिशन
Updated Thu, 25 Jan 2018 12:31 AM IST
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आईएमटी बावल में दम तोड़ रहा है स्वच्छ भारत मिशन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले का सबसे बड़े बावल औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के सभी दावे फेल होते दिखाई दे रहे हैं। जगह-जगह पड़े गंदगी के ढेर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वेतन नहीं मिलने के कारण एचएसआईआईडीसी की ओर से ठेके पर लगाए करीब 26 सफाई कर्मचारियों ने कार्य करना बंद कर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र की स्वच्छता एवं रखरखाव के लिए प्रति वर्ष सभी कंपनियों से दो प्रतिशत मेंटेनेंस चार्ज वसूला जाता है। इसके बावजूद भी क्षेत्र के हालात दयनीय है। अनेक स्थानों पर कूड़े के ढेरों में आग लगा दी जाती है, इसमें धुआं उठता रहता है। हालांकि निगम की तरफ से सफाई व्यवस्था को चौक-चौबंद करने के लिए करीब 61 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है जो अभी तक चंडीगढ़ में विचाराधीन है।
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नहीं हैं सफाई कर्मी
निगम की तरफ से क्षेत्र की सफाई के लिए प्राइवेट संस्था को ठेका दिया गया है। यहां करीब 26 सफाई कर्मचारी कार्य करते थे। जानकारी के अनुसार सफाई कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं। इससे क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है।
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दिनभर जलता है कूड़ा
हालांकि कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कुंभकर्णी नींद के कारण लोगों औद्योगिक क्षेत्र में कूड़ा डालने के साथ ही उसमें आग भी लगा देते हैं। इससे कूड़ेे की बदबू के साथ ही लोगों को धुएं से भी परेशानी हो रही है। इसके अलावा पुल के समीप भी पड़े गंदगी के ढेर भी दिन भर सुलगते रहते हैं। वह हाईवे नंबर आठ पर स्थित है। औद्योगिक क्षेत्र में विकास एवं अन्य रखरखाव के लिए सभी कंपनियों से दो प्रतिशत मेंटेनेंस चार्ज वसूला जाता है।
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क्या कहते हैं प्रबंधक
क्षेत्र के रखरखाव एवं सुंदरता को बनाए रखने के लिए उद्योगपतियों की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाता है। अपनी कंपनियों के सामने तो सफाई करवा लेते है, लेकिन अन्य स्थानों पर तो निगम को ध्यान देना है। - अनुराधा यादव, वरिष्ठ प्रबंधक बावल।
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प्रदेश सरकार की ओर से भी स्वच्छता अभियान को लेकर भरपूर प्रयास किया जा रहा है। इसी अभियान को सफल बनाने के लिए वह अपनी कंपनी के सामने की सफाई करवाते रहते हैं। - रामपाल यादव, एचआर हेड बावल।
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आईएमटी बावल में उनकी कंपनी की तरफ से कई बार स्वच्छता अभियान चलाया गया है। सफाई होना बहुत जरूरी है। स्वच्छता से ही क्षेत्र के विकास का अनुमान लगाया जा सकता है। हालांकि निगम क्षेत्र के रखरखाव के प्रति गंभीर है। - प्रदीप हेतगांवकर, महाप्रबंधक बावल।
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क्या कहते हैं अधिकारी
निगम की तरफ से क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समय-समय पर क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जाता है। निगम की तरफ से क्षेत्र की सफाई के लिए करीब 61 लाख रुपये का प्रस्ताव बना कर भेजा गया है। जल्द ही आईएमटी को सुंदर बना दिया जाएगा। वेतन के मामले की जांच की जाएगी। - अमित दलाल, वरिष्ठ प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी बावल।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले का सबसे बड़े बावल औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के सभी दावे फेल होते दिखाई दे रहे हैं। जगह-जगह पड़े गंदगी के ढेर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वेतन नहीं मिलने के कारण एचएसआईआईडीसी की ओर से ठेके पर लगाए करीब 26 सफाई कर्मचारियों ने कार्य करना बंद कर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र की स्वच्छता एवं रखरखाव के लिए प्रति वर्ष सभी कंपनियों से दो प्रतिशत मेंटेनेंस चार्ज वसूला जाता है। इसके बावजूद भी क्षेत्र के हालात दयनीय है। अनेक स्थानों पर कूड़े के ढेरों में आग लगा दी जाती है, इसमें धुआं उठता रहता है। हालांकि निगम की तरफ से सफाई व्यवस्था को चौक-चौबंद करने के लिए करीब 61 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है जो अभी तक चंडीगढ़ में विचाराधीन है।
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नहीं हैं सफाई कर्मी
निगम की तरफ से क्षेत्र की सफाई के लिए प्राइवेट संस्था को ठेका दिया गया है। यहां करीब 26 सफाई कर्मचारी कार्य करते थे। जानकारी के अनुसार सफाई कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं। इससे क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है।
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दिनभर जलता है कूड़ा
हालांकि कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कुंभकर्णी नींद के कारण लोगों औद्योगिक क्षेत्र में कूड़ा डालने के साथ ही उसमें आग भी लगा देते हैं। इससे कूड़ेे की बदबू के साथ ही लोगों को धुएं से भी परेशानी हो रही है। इसके अलावा पुल के समीप भी पड़े गंदगी के ढेर भी दिन भर सुलगते रहते हैं। वह हाईवे नंबर आठ पर स्थित है। औद्योगिक क्षेत्र में विकास एवं अन्य रखरखाव के लिए सभी कंपनियों से दो प्रतिशत मेंटेनेंस चार्ज वसूला जाता है।
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क्या कहते हैं प्रबंधक
क्षेत्र के रखरखाव एवं सुंदरता को बनाए रखने के लिए उद्योगपतियों की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाता है। अपनी कंपनियों के सामने तो सफाई करवा लेते है, लेकिन अन्य स्थानों पर तो निगम को ध्यान देना है। - अनुराधा यादव, वरिष्ठ प्रबंधक बावल।
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प्रदेश सरकार की ओर से भी स्वच्छता अभियान को लेकर भरपूर प्रयास किया जा रहा है। इसी अभियान को सफल बनाने के लिए वह अपनी कंपनी के सामने की सफाई करवाते रहते हैं। - रामपाल यादव, एचआर हेड बावल।
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आईएमटी बावल में उनकी कंपनी की तरफ से कई बार स्वच्छता अभियान चलाया गया है। सफाई होना बहुत जरूरी है। स्वच्छता से ही क्षेत्र के विकास का अनुमान लगाया जा सकता है। हालांकि निगम क्षेत्र के रखरखाव के प्रति गंभीर है। - प्रदीप हेतगांवकर, महाप्रबंधक बावल।
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क्या कहते हैं अधिकारी
निगम की तरफ से क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समय-समय पर क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जाता है। निगम की तरफ से क्षेत्र की सफाई के लिए करीब 61 लाख रुपये का प्रस्ताव बना कर भेजा गया है। जल्द ही आईएमटी को सुंदर बना दिया जाएगा। वेतन के मामले की जांच की जाएगी। - अमित दलाल, वरिष्ठ प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी बावल।