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दूषित पानी से परेशान पुराना शहर, संक्रामक बीमारी का खतरा
Updated Thu, 07 Jun 2018 11:44 PM IST
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दूषित पानी से परेशान पुराना शहर, संक्रामक बीमारी का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
प्रचंड गर्मी में शहर के कई हिस्सों में दूषित पेयजल की आपूर्ति होने से लोग परेशान हैं। पुराना शहर के दर्जनों मोहल्लों में समस्या गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पेयजल के सेवन से कई तरह की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसमें जान तक जा सकती है। लोगों का कहना है कि इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग को कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उधर विभाग का कहना है कि शहर के कुछ हिस्सों में यह समस्या है। उसकी वजह पुराने कनेक्शन हैं। पुरानी लाइनें नालियों और सीवर की लाइनों से होकर गुजरती हैं। जर्जर होने के कारण उनमें लीकेज की समस्या है। वर्तमान में कई मोहल्लों में जिस पानी की आपूर्ति की जा रही है, उसको पीना तो दूर अन्य कामों में भी नहीं लाया जा सकता।
पुराने शहर के मोहल्ला रावलीहाट, मुक्तिवाड़ा, शुक्रपुरा, अर्जुन नगर माता चौक सहित अन्य क्षेत्रों में दूषित पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि इन क्षेत्रों में पहली बार दूषित पानी आया है इससे पहले भी कई बार इस तरह की समस्या आ चुकी है। अभी तक इसका ठोस समाधान नहीं हुआ है। इसकी बड़ी वजह शहर के पुराने सीवरेज सिस्टम को माना जा रहा है। दरसल इस क्षेत्र में लगभग 40 पुरानी सीवर लाइन है जो कि अधिक चौड़ी भी नहीं है। पेयजल लाइन भी इसी सीवर लाइन के अंदर से डाली हुई है। इस कारण लीकेज लाइनों से सीवर का पानी घरों तक पहुंच जाता है। गर्मियों के दौरान पेयजल लाइनों में लीकेज बढ़ने की वजह से यह समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। सप्लाई के समय इतना दूषित पानी आ रहा है जिसका किसी भी कार्य में उपयोग करना मुश्किल काम है। इस कारण लोगों को इस गर्मी के दौरान बेहद मुश्किल से काम चलाना पड़ा रहा है। शिकायत के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग लीकेज का पता लगाने में स्वयं को असहाय महसूस कर रही है।
हर माह जांच के लिए आते हैं सैंपल
पेयजल की जांच करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से लैब स्थापित की गई है। इसके माध्यम से लोग शुल्क अदा करके अपने यहां सप्लाई हो रहे पानी की जांच करा सकते हैं। इस लैब में औसतन हर माह में 50 से अधिक पानी के सैंपल जांच के लिए आते हैं। इसमें भूमिगत पानी के साथ शहर में सप्लाई किया जा रहा पानी भी शामिल है। गांवों से आने वाले पानी में टीडीएस और फ्लोराइड की मात्रा अधिक होती है। बावल क्षेत्र के कुछ गांवों में औद्योगिक इकाइयों द्वारा छोड़े जाने वाले केमिकल की वजह से इसमें लेड की भी मात्रा मिलती है।
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जानलेवा हो सकता है दूषित पानी का सेवन
शहर में यह बहुत बड़ी समस्या है। इसको लोग बेहद हलके में लेते हैं। जलजनित रोग जानलेवा भी हो सकते हैं। जिस तरह सामान्य संक्रमण में ही बीमार हो जाते हैं उस स्थिति में जब सीवर के पानी की मिलावट की वजह से शरीर के अंदर हजारों बैक्टीरिया पहुंच जाते हैं। ये बैक्टीरिया इतने घातक होते हैं कि इनके असर से जान जाने की भी संभावना बनी रहती है। दूषित पानी की वजह फूड प्वाइजनिंग, हैजा, पीलिया, गैस्ट्रो-इंटराइटिस, जियार्डियोसिस जैसे रोग हो सकते हैं। दूषित पानी का सेवन नहीं करना चाहिए।
- डॉ. सुदर्शन पंवार, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल
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समस्या को लेकर हम पूरी तरह गंभीर
हमारा लक्ष्य लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। शहर के कुछ हिस्सों में यह समस्या है लेकिन उसकी वजह पुराने कनेक्शन हैं। कनेक्शन के लिए डाली गई लाइनें नालियों और सीवर की लाइन से होकर गुजरती है। लीकेज होने की वजह से वह पानी उसमें जाता है। जहां से भी समस्या आ रही है हम प्राथमिकता से उसका समाधान कर रहे हैं। - देवीलाल, अधीक्षक अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
धारूहेड़ा भी समस्या से अछूता नहीं
दूषित पानी की इस समस्या से औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा भी अछूता नहीं है। दरअसल धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र मेें प्रदूषित पानी भिवाड़ी से आता है। इसकी वजह से यहां का भूमिगत पानी भी खराब है। दूसरी तरफ धारूहेड़ा में हाल ही में सीवर लाइनें डाली गईं हैं। उनके व्यवस्थित रूप से चालू नहीं होने के कारण यहां पर पेयजल लाइनों के माध्यम से दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। संतोष कॉलोनी, हरी नगर, बास रोड, नीलगिरी कॉलोनी में यह समस्या अधिक है। ये कुछ साल पहले ही नियमित हुई थीं। इससे यहां पर अब सीवर और पेयजल लाइन डाली गईं हैं।
क्या कहते हैं लोग
शहर में दूषित पानी की बहुत बड़ी समस्या है। जनस्वास्थ्य विभाग इसको लेकर गंभीर नही है। गर्मियों के मौसम में एक तरफ वैसे ही बेहद कम पानी आता है। गंदा पानी आने के कारण करीब 15 मिनट तक नल चलाकर साफ पानी का इंतजार करना पड़ता है। मोहल्ले में पिछले दस दिनों से यह समस्या बनी हुई है। - विक्रम सिंह, मुक्तिवाड़ा।
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हम समस्या को लेकर हर स्तर पर शिकायत कर चुके है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि 20 दिनों से भी अधिक समय से दूषित पानी आ रहा है। इसे पीने के उपयोग में तो बिल्कुल भी नहीं लिया जा सकता है। इस कारण पीने के लिए अलग से कैंपर मंगाने पड़ते हैं। - सीता देवी, शुक्रपुरा
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सप्लाई के दौरान बहुत अधिक सीवर का पानी मिलकर आता है। उसका कोई उपयोग भी नहीं किया जा सकता है। एक पखवाड़े से भी अधिक समय से यह समस्या बनी हुई है लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। हर स्तर पर शिकायत के बाद यही हाल हैं। इस कारण पानी का टैंकर मंगाना पड़ता है। - अनिल कुमार, शुक्रपुरा
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हमारे मोहल्ले में यह समस्या लगातार बनी रहती है। कभी किसी क्षेत्र में तो कभी किसी क्षेत्र में पेयजल सप्लाई के साथ सीवर का पानी आता है। अब गर्मियों के दौरान तो बच्चों के बीमार होने का और भी अधिक खतरा बना रहता है। इसके कारण इस पानी का उपयोग हम केवल कपड़े धोने में करते हैं। - पवन कुमार, अर्जुन नगर
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दूषित पानी की वजह से लगभग 15 मिनट तक तो पानी के साफ होने का इंतजार किया जाता है। इसके बाद जब पानी साफ हो जाता है तो कुछ समय बाद चला जाता है। इसकी वजह से कॉलोनी के सभी लोग परेशान है। शिकायत के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। दूषित पानी से बच्चे भी बीमार हो जाते हैं। - गोविंद सिंह, अर्जुन नगर
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हमारे मोहल्ले में यह समस्या बेहद गंभीर है जिसके कारण सभी परेशान है। एक तरफ गर्मी में पहले ही पानी कम आता है वहीं दूषित पानी आने के कारण उसके साफ होने का इंतजार करना पड़ता है। जिससे बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। - मीना, शुक्रपुरा
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
प्रचंड गर्मी में शहर के कई हिस्सों में दूषित पेयजल की आपूर्ति होने से लोग परेशान हैं। पुराना शहर के दर्जनों मोहल्लों में समस्या गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पेयजल के सेवन से कई तरह की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसमें जान तक जा सकती है। लोगों का कहना है कि इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग को कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उधर विभाग का कहना है कि शहर के कुछ हिस्सों में यह समस्या है। उसकी वजह पुराने कनेक्शन हैं। पुरानी लाइनें नालियों और सीवर की लाइनों से होकर गुजरती हैं। जर्जर होने के कारण उनमें लीकेज की समस्या है। वर्तमान में कई मोहल्लों में जिस पानी की आपूर्ति की जा रही है, उसको पीना तो दूर अन्य कामों में भी नहीं लाया जा सकता।
पुराने शहर के मोहल्ला रावलीहाट, मुक्तिवाड़ा, शुक्रपुरा, अर्जुन नगर माता चौक सहित अन्य क्षेत्रों में दूषित पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि इन क्षेत्रों में पहली बार दूषित पानी आया है इससे पहले भी कई बार इस तरह की समस्या आ चुकी है। अभी तक इसका ठोस समाधान नहीं हुआ है। इसकी बड़ी वजह शहर के पुराने सीवरेज सिस्टम को माना जा रहा है। दरसल इस क्षेत्र में लगभग 40 पुरानी सीवर लाइन है जो कि अधिक चौड़ी भी नहीं है। पेयजल लाइन भी इसी सीवर लाइन के अंदर से डाली हुई है। इस कारण लीकेज लाइनों से सीवर का पानी घरों तक पहुंच जाता है। गर्मियों के दौरान पेयजल लाइनों में लीकेज बढ़ने की वजह से यह समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। सप्लाई के समय इतना दूषित पानी आ रहा है जिसका किसी भी कार्य में उपयोग करना मुश्किल काम है। इस कारण लोगों को इस गर्मी के दौरान बेहद मुश्किल से काम चलाना पड़ा रहा है। शिकायत के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग लीकेज का पता लगाने में स्वयं को असहाय महसूस कर रही है।
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हर माह जांच के लिए आते हैं सैंपल
पेयजल की जांच करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से लैब स्थापित की गई है। इसके माध्यम से लोग शुल्क अदा करके अपने यहां सप्लाई हो रहे पानी की जांच करा सकते हैं। इस लैब में औसतन हर माह में 50 से अधिक पानी के सैंपल जांच के लिए आते हैं। इसमें भूमिगत पानी के साथ शहर में सप्लाई किया जा रहा पानी भी शामिल है। गांवों से आने वाले पानी में टीडीएस और फ्लोराइड की मात्रा अधिक होती है। बावल क्षेत्र के कुछ गांवों में औद्योगिक इकाइयों द्वारा छोड़े जाने वाले केमिकल की वजह से इसमें लेड की भी मात्रा मिलती है।
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जानलेवा हो सकता है दूषित पानी का सेवन
शहर में यह बहुत बड़ी समस्या है। इसको लोग बेहद हलके में लेते हैं। जलजनित रोग जानलेवा भी हो सकते हैं। जिस तरह सामान्य संक्रमण में ही बीमार हो जाते हैं उस स्थिति में जब सीवर के पानी की मिलावट की वजह से शरीर के अंदर हजारों बैक्टीरिया पहुंच जाते हैं। ये बैक्टीरिया इतने घातक होते हैं कि इनके असर से जान जाने की भी संभावना बनी रहती है। दूषित पानी की वजह फूड प्वाइजनिंग, हैजा, पीलिया, गैस्ट्रो-इंटराइटिस, जियार्डियोसिस जैसे रोग हो सकते हैं। दूषित पानी का सेवन नहीं करना चाहिए।
- डॉ. सुदर्शन पंवार, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल
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समस्या को लेकर हम पूरी तरह गंभीर
हमारा लक्ष्य लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। शहर के कुछ हिस्सों में यह समस्या है लेकिन उसकी वजह पुराने कनेक्शन हैं। कनेक्शन के लिए डाली गई लाइनें नालियों और सीवर की लाइन से होकर गुजरती है। लीकेज होने की वजह से वह पानी उसमें जाता है। जहां से भी समस्या आ रही है हम प्राथमिकता से उसका समाधान कर रहे हैं। - देवीलाल, अधीक्षक अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
धारूहेड़ा भी समस्या से अछूता नहीं
दूषित पानी की इस समस्या से औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा भी अछूता नहीं है। दरअसल धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र मेें प्रदूषित पानी भिवाड़ी से आता है। इसकी वजह से यहां का भूमिगत पानी भी खराब है। दूसरी तरफ धारूहेड़ा में हाल ही में सीवर लाइनें डाली गईं हैं। उनके व्यवस्थित रूप से चालू नहीं होने के कारण यहां पर पेयजल लाइनों के माध्यम से दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। संतोष कॉलोनी, हरी नगर, बास रोड, नीलगिरी कॉलोनी में यह समस्या अधिक है। ये कुछ साल पहले ही नियमित हुई थीं। इससे यहां पर अब सीवर और पेयजल लाइन डाली गईं हैं।
क्या कहते हैं लोग
शहर में दूषित पानी की बहुत बड़ी समस्या है। जनस्वास्थ्य विभाग इसको लेकर गंभीर नही है। गर्मियों के मौसम में एक तरफ वैसे ही बेहद कम पानी आता है। गंदा पानी आने के कारण करीब 15 मिनट तक नल चलाकर साफ पानी का इंतजार करना पड़ता है। मोहल्ले में पिछले दस दिनों से यह समस्या बनी हुई है। - विक्रम सिंह, मुक्तिवाड़ा।
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हम समस्या को लेकर हर स्तर पर शिकायत कर चुके है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि 20 दिनों से भी अधिक समय से दूषित पानी आ रहा है। इसे पीने के उपयोग में तो बिल्कुल भी नहीं लिया जा सकता है। इस कारण पीने के लिए अलग से कैंपर मंगाने पड़ते हैं। - सीता देवी, शुक्रपुरा
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सप्लाई के दौरान बहुत अधिक सीवर का पानी मिलकर आता है। उसका कोई उपयोग भी नहीं किया जा सकता है। एक पखवाड़े से भी अधिक समय से यह समस्या बनी हुई है लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। हर स्तर पर शिकायत के बाद यही हाल हैं। इस कारण पानी का टैंकर मंगाना पड़ता है। - अनिल कुमार, शुक्रपुरा
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हमारे मोहल्ले में यह समस्या लगातार बनी रहती है। कभी किसी क्षेत्र में तो कभी किसी क्षेत्र में पेयजल सप्लाई के साथ सीवर का पानी आता है। अब गर्मियों के दौरान तो बच्चों के बीमार होने का और भी अधिक खतरा बना रहता है। इसके कारण इस पानी का उपयोग हम केवल कपड़े धोने में करते हैं। - पवन कुमार, अर्जुन नगर
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दूषित पानी की वजह से लगभग 15 मिनट तक तो पानी के साफ होने का इंतजार किया जाता है। इसके बाद जब पानी साफ हो जाता है तो कुछ समय बाद चला जाता है। इसकी वजह से कॉलोनी के सभी लोग परेशान है। शिकायत के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। दूषित पानी से बच्चे भी बीमार हो जाते हैं। - गोविंद सिंह, अर्जुन नगर
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हमारे मोहल्ले में यह समस्या बेहद गंभीर है जिसके कारण सभी परेशान है। एक तरफ गर्मी में पहले ही पानी कम आता है वहीं दूषित पानी आने के कारण उसके साफ होने का इंतजार करना पड़ता है। जिससे बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। - मीना, शुक्रपुरा