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Rewari News: 600 कर्मचारियों की जरूरत, 337 कर रहे काम
Wed, 08 Jan 2025 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:34 PM IST
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फोटो : 12नई अनाज मंडी के पास लगा कूड़े का ढेर। संवाद
रेवाड़ी। स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम कभी भी जिले में आ सकती है। गत वर्ष जिले की रैंकिग प्रदेश में 11वें और देश में 258वें नंबर पर थी। तमाम दावों के बीच जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों के चलते इस बार रैंकिंग में सुधर की आस टूटती नजर आ रही है।
शहर में हर रोज 100 टन कूड़ा निकलता है। शहर की आबादी 3 लाख के आसपास है। 600 कर्मचारियों की जरूरत है। 337 के करीब कर्मचारी हैं। 263 कर्मचारियों की ओर जरूरत है। स्वच्छता एप से शिकायत करने की सुविधा है, मगर लोग एप चलाने के लिए जागरूक नहीं है। एप में रोजाना 2 से 3 शिकायतें आती हैं, इसका समाधान नगर परिषद की तरफ से समय पर कर दिया जाता है। अभी कोई शिकायत पेंडिंग नहीं है। एप में 11 प्रकार की शिकायतें की जा सकती हैं।
गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ रिजल्ट में शहर को डबल प्लस मिला था। स्वच्छता के लिहाज से परिस्थितियां बेहद खराब हैं। शहर में हर चौक-चौराहे के आसपास कूड़े के ढेर हैं। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव की तरफ से शहरवासियों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने के लिए स्वच्छता महाअभियान भी शुरू किया गया है, किंतु लोग फिर भी कूड़ा इधर-उधर फेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अगस्त 2024 में शहरी एवं आवास मंत्रालय की ओर से टीम आनी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते टीम का दौरा नहीं हुआ। अब जल्द ही टीम के आने की संभावना जताई जा रही है।
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दिसंबर माह में स्वच्छ भारत मिशन के उपाध्यक्ष ने किया था रेवाड़ी का दौरा
दिसंबर के दूसरे सप्ताह में स्वच्छ भारत मिशन के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र जिले में आए थे। इस दौरान विभिन्न अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से संवाद किया गया था। स्वच्छ भारत मिशन की टीम सर्वेक्षण से पहले ही जिले में प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने आती है। लोगों ने सवाल उठाए थे कि कि यह टीम हर 3 महीने में जिले में आए और खुद जमीनी स्तर पर देख कर जाए। इससे अधिकारियों पर भी दबाव बनेगा और शहर को साफ सफाई करवाने को लेकर भी तत्परता दिखाई जाएगी। 1 साल बाद टीम के आने से मौजूदा परिस्थितियों का कुछ पता ही नहीं चल पाता है। लोगों ने टीम के औचक निरीक्षण की भी मांग की थी।
इन बिंदुओं पर सर्वेक्षण टीम करेगी जांच
- सफाई की व्यवस्था कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन।
- सामुदायिक शौचालय और टॉयलेट की सफाई।
- ओडीएफ की स्थिति।
- सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की स्थिति।
- सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थल पर पान-गुटखे के दाग।
- सीवरेज या ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति।
-- -- -- --
शहर की साफ सफाई का कार्य काफी बेहतर तरीके से चल रहा है। इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
सुधीर, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद
अभी से ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही सफाई को लेकर अभियान भी चलाया जा रहा है। उम्मीद है कि रेवाड़ी की रैंकिंग देश और प्रदेश दोनों में सुधरेगी।
प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन रेवाड़ी
पिछले वर्षों की स्वच्छता रैंकिंग:
वर्ष रेवाड़ी बावल धारूहेड़ा
2017 303-- --
2018 254 499 541
2019 264 536 716
2020 118 112 141
2021 190 472 123
2022 140 35 16
2023 258 246 186
-
गत वर्ष यह रही थी स्थिति
केंद्र राष्ट्रीय रैंकिंग राज्य रैंकिंग जोनल रैंकिंग
रेवाड़ी 258 11--
बावल 3113 47 246
धारूहेड़ा 3158 49 186
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शहर में हर रोज 100 टन कूड़ा निकलता है। शहर की आबादी 3 लाख के आसपास है। 600 कर्मचारियों की जरूरत है। 337 के करीब कर्मचारी हैं। 263 कर्मचारियों की ओर जरूरत है। स्वच्छता एप से शिकायत करने की सुविधा है, मगर लोग एप चलाने के लिए जागरूक नहीं है। एप में रोजाना 2 से 3 शिकायतें आती हैं, इसका समाधान नगर परिषद की तरफ से समय पर कर दिया जाता है। अभी कोई शिकायत पेंडिंग नहीं है। एप में 11 प्रकार की शिकायतें की जा सकती हैं।
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गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ रिजल्ट में शहर को डबल प्लस मिला था। स्वच्छता के लिहाज से परिस्थितियां बेहद खराब हैं। शहर में हर चौक-चौराहे के आसपास कूड़े के ढेर हैं। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव की तरफ से शहरवासियों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने के लिए स्वच्छता महाअभियान भी शुरू किया गया है, किंतु लोग फिर भी कूड़ा इधर-उधर फेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अगस्त 2024 में शहरी एवं आवास मंत्रालय की ओर से टीम आनी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते टीम का दौरा नहीं हुआ। अब जल्द ही टीम के आने की संभावना जताई जा रही है।
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दिसंबर माह में स्वच्छ भारत मिशन के उपाध्यक्ष ने किया था रेवाड़ी का दौरा
दिसंबर के दूसरे सप्ताह में स्वच्छ भारत मिशन के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र जिले में आए थे। इस दौरान विभिन्न अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से संवाद किया गया था। स्वच्छ भारत मिशन की टीम सर्वेक्षण से पहले ही जिले में प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने आती है। लोगों ने सवाल उठाए थे कि कि यह टीम हर 3 महीने में जिले में आए और खुद जमीनी स्तर पर देख कर जाए। इससे अधिकारियों पर भी दबाव बनेगा और शहर को साफ सफाई करवाने को लेकर भी तत्परता दिखाई जाएगी। 1 साल बाद टीम के आने से मौजूदा परिस्थितियों का कुछ पता ही नहीं चल पाता है। लोगों ने टीम के औचक निरीक्षण की भी मांग की थी।
इन बिंदुओं पर सर्वेक्षण टीम करेगी जांच
- सफाई की व्यवस्था कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन।
- सामुदायिक शौचालय और टॉयलेट की सफाई।
- ओडीएफ की स्थिति।
- सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की स्थिति।
- सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थल पर पान-गुटखे के दाग।
- सीवरेज या ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति।
शहर की साफ सफाई का कार्य काफी बेहतर तरीके से चल रहा है। इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
सुधीर, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद
अभी से ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही सफाई को लेकर अभियान भी चलाया जा रहा है। उम्मीद है कि रेवाड़ी की रैंकिंग देश और प्रदेश दोनों में सुधरेगी।
प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन रेवाड़ी
पिछले वर्षों की स्वच्छता रैंकिंग:
वर्ष रेवाड़ी बावल धारूहेड़ा
2017 303
2018 254 499 541
2019 264 536 716
2020 118 112 141
2021 190 472 123
2022 140 35 16
2023 258 246 186
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गत वर्ष यह रही थी स्थिति
केंद्र राष्ट्रीय रैंकिंग राज्य रैंकिंग जोनल रैंकिंग
रेवाड़ी 258 11
बावल 3113 47 246
धारूहेड़ा 3158 49 186