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Rewari News: जेएलएन नहर में छोड़ा 570 क्यूसेक पानी, कल से नियमित होगी आपूर्ति
Sat, 14 Jun 2025 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 14 Jun 2025 11:45 PM IST
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फोटो: 04रेवाड़ी। शहर के दिल्ली रोड स्थित पंप हाउस पर नहर में चलता पानी। संवाद
- फोटो : :युवक की मौत के बाद बिलखते परिजन।
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दो माह से पेयजल की राशनिंग से जूझ रहे शहरवासियों को अब सोमवार सो नियमित रूप से पेयजल मिलेगा। साल्हावास पंप हाउस से जेएलएन नहर में 570 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शुक्रवार को रेवाड़ी में पानी पहुंचने के बाद वाटर टैंकों को भरा जा रहा है।
अगर पानी नहीं छोड़ा गया होता तो कुछ दिन बाद ही तीन दिन छोड़कर जलापूर्ति करने की नौबत पैदा हो जाती। 570 क्यूसेक पानी मिलने से काफी हद तक पानी की समस्या दूर हुई है। जेएलएन नहर में पानी पहुंचते ही कालाका और लिसाना में बने वॉटर टैंकों को भरा जा रहा है। इन टैंकों के भरने के बाद लोगों को एक माह तक पानी दिया जा सकेगा।
पिछले दिनों पंजाब सरकार की ओर से भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले पानी में कटौती किए जाने के बाद रेवाड़ी में जल संकट गहरा गया था। नहर में जो पानी 16 दिन के लिए आता था, वह 7 से 8 दिन के लिए ही आया था। इससे पहले जब नहर में पानी आता था तो 16 दिन तक नियमित पानी की सप्लाई होती थी।
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शहर में पेयजल की समस्या हमेशा बनी रहती है जिससे पेयजल की राशनिंग होती है। गर्मी के सीजन में हर माह 600 क्यूसेक पानी की आपूर्ति तय है, लेकिन कटौती के बाद से 150 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा जा रहा था, जो अपर्याप्त था। इससे पहले औसतन 300 से 400 क्यूसेक पानी ही मिल रहा था।
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रेवाड़ी। दो माह से पेयजल की राशनिंग से जूझ रहे शहरवासियों को अब सोमवार सो नियमित रूप से पेयजल मिलेगा। साल्हावास पंप हाउस से जेएलएन नहर में 570 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शुक्रवार को रेवाड़ी में पानी पहुंचने के बाद वाटर टैंकों को भरा जा रहा है।
अगर पानी नहीं छोड़ा गया होता तो कुछ दिन बाद ही तीन दिन छोड़कर जलापूर्ति करने की नौबत पैदा हो जाती। 570 क्यूसेक पानी मिलने से काफी हद तक पानी की समस्या दूर हुई है। जेएलएन नहर में पानी पहुंचते ही कालाका और लिसाना में बने वॉटर टैंकों को भरा जा रहा है। इन टैंकों के भरने के बाद लोगों को एक माह तक पानी दिया जा सकेगा।
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पिछले दिनों पंजाब सरकार की ओर से भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले पानी में कटौती किए जाने के बाद रेवाड़ी में जल संकट गहरा गया था। नहर में जो पानी 16 दिन के लिए आता था, वह 7 से 8 दिन के लिए ही आया था। इससे पहले जब नहर में पानी आता था तो 16 दिन तक नियमित पानी की सप्लाई होती थी।
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शहर में पेयजल की समस्या हमेशा बनी रहती है जिससे पेयजल की राशनिंग होती है। गर्मी के सीजन में हर माह 600 क्यूसेक पानी की आपूर्ति तय है, लेकिन कटौती के बाद से 150 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा जा रहा था, जो अपर्याप्त था। इससे पहले औसतन 300 से 400 क्यूसेक पानी ही मिल रहा था।