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Rewari News: 330 विद्यालयों में 5 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
Mon, 23 Sep 2024 01:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 23 Sep 2024 01:46 AM IST
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फोटो: 16रेवाड़ी। गांव टूमना स्थित सरकारी विद्यालय में परीक्षा देते हुए। स्रोत : विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रविवार को उल्लास कार्यक्रम के तहत जिले के 33़हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा में अधिकतम संख्या महिलाओं की रही। जिलेभर से 330 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। सफल परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान से बुनियादी साक्षरता का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
परीक्षा तीन घंटे की थी। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा देने की छूट दी गई थी। परीक्षा में 1 हजार पुरूष और 4 हजार महिलाओं ने भाग लिया। उल्लास परीक्षा का परिणाम परीक्षा के बाद ही घोषित करना था, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते परीक्षा का परिणाम एप पर अपलोड नहीं किया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही एप ठीक होगा परिणाम को अपलोड कर दिया जाएंगा। साथ ही परीक्षार्थी इस परीक्षा में पास होंगे उनको राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान की तरफ से साक्षरता का प्रमाण दिया जाएगा और जो परीक्षार्थी इस परीक्षा में असफल होंगे उनको दोबारा मार्च में मौका दिया जाएगा।
योजना का उद्देश्य 15 और उससे अधिक आयु के लोगों को सशक्त बनाना
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022 से पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम नामक उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की थी। योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी को सशक्त बनाना है। जो किसी कारणवश शिक्षित नहीं हो सके उन्हें शिक्षित करने का अवसर दिया जा रहा है।
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एक-एक कमरे में कई शिक्षकों की लगी ड्यूटी
परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए एक-एक कमरे में कई शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान जिन सवालों में परीक्षार्थी उलझते नजर आए उसमें शिक्षक उन्हें समझाते नजर आए। परीक्षार्थियों की चेकिंग के लिए दिल्ली से केंद्र सरकार की स्पेशल टीम समय-समय पर सेंटर की चेकिंग करने के लिए पहुंच रही थी।
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वर्जन:
जिले में रविवार को उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में परीक्षा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत 330 विद्यालयों में 5 हजार से अधिक परीक्षार्थी ने परीक्षा दी।
- मनदीप कुमार, जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर, रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। रविवार को उल्लास कार्यक्रम के तहत जिले के 33़हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा में अधिकतम संख्या महिलाओं की रही। जिलेभर से 330 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। सफल परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान से बुनियादी साक्षरता का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
परीक्षा तीन घंटे की थी। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा देने की छूट दी गई थी। परीक्षा में 1 हजार पुरूष और 4 हजार महिलाओं ने भाग लिया। उल्लास परीक्षा का परिणाम परीक्षा के बाद ही घोषित करना था, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते परीक्षा का परिणाम एप पर अपलोड नहीं किया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही एप ठीक होगा परिणाम को अपलोड कर दिया जाएंगा। साथ ही परीक्षार्थी इस परीक्षा में पास होंगे उनको राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान की तरफ से साक्षरता का प्रमाण दिया जाएगा और जो परीक्षार्थी इस परीक्षा में असफल होंगे उनको दोबारा मार्च में मौका दिया जाएगा।
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योजना का उद्देश्य 15 और उससे अधिक आयु के लोगों को सशक्त बनाना
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022 से पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम नामक उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की थी। योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी को सशक्त बनाना है। जो किसी कारणवश शिक्षित नहीं हो सके उन्हें शिक्षित करने का अवसर दिया जा रहा है।
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एक-एक कमरे में कई शिक्षकों की लगी ड्यूटी
परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए एक-एक कमरे में कई शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान जिन सवालों में परीक्षार्थी उलझते नजर आए उसमें शिक्षक उन्हें समझाते नजर आए। परीक्षार्थियों की चेकिंग के लिए दिल्ली से केंद्र सरकार की स्पेशल टीम समय-समय पर सेंटर की चेकिंग करने के लिए पहुंच रही थी।
वर्जन:
जिले में रविवार को उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में परीक्षा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत 330 विद्यालयों में 5 हजार से अधिक परीक्षार्थी ने परीक्षा दी।
- मनदीप कुमार, जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर, रेवाड़ी।