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डेंगू के 5 और मरीज मिले, संख्या हुई 158
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रेवाड़ी। जिले में डेंगू के तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार को डेंगू के 5 और केस मिले हैं। इसके बाद कुल केसों की संख्या 158 पहुंच गई है। नए मिले पांचों मरीजों को नागरिक अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इस समय प्राइवेट अस्पतालों में 29 मरीजों का इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 1663 लोगों के सैंपल लिए हैं, जिनमें से 158 मरीजों में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा जिले में 34 मरीज सक्रिय केस हैं। बुधवार को 50 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 5 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की रोकथाम के लिए हेल्पलाइन नंबर 01274-250764 जारी किया हुआ है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड और दो डॉक्टर ट्रामा सेंटर में नियुक्त कर दिए हैं जो 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। इसके अलावा कोसली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी 5 बेड के आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है।
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डेंगू-मलेरिया के 5 साल के आंकड़े
जिले में वर्ष 2018 में 82, 2019 में 27, 2020 में 39 व वर्ष 2021 में 306 और इस वर्ष में अब तक 158 केस मिले हैं। इसी तरह मलेरिया के वर्ष 2018 में 13, वर्ष 2019 में 8, वर्ष 2020 में 2 और वर्ष 2021 में 1 और इस वर्ष तीन मामले ही मिले हैं।
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नजर अंदाज करना पड़ सकता भारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डेंगू और मलेरिया के लक्षणों को नजर अंदाज नहीं करने और बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मलेरिया के लक्षण मादा मच्छरों के काटने के 6 से 8 दिन बाद शुरू होते हैं। इसमें ठंड लगकर बुखार का आना और बुखार के ठीक होने पर पसीना आना, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट की परेशानी, उल्टियां होना, बेहोशी आना, एनीमिया, त्वचा की पीली रंग की विकृति आदि लक्षण महसूस हो तो जांच कराना बेहतर है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए जिले के तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर गंबूजिया मछली को अब तक 281 तालाबों में मिट्टी का तेल और 187 जगह ताजा पानी में हजारों मछलियां डाली गई हैं। गंबूजिया मछली डेंगू-मलेरिया फैलाने वाले जानलेवा मच्छरों के लार्वा को खाकर लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचाती है।
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वर्जन
जिले में डेंगू के अब तक 158 केस आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को रोकने के लिए तैयारियां पूरी हैं। जहां भी केस मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग कराने के साथ ही स्लाइड भी तैयार की जा रही है। फॉगिंग के लिए डिमांड अनुसार दवाइयां भेजी जा रही हैं। विभाग की तरफ से घरों में कूलर, गमले या अन्य जगह पर भरे पानी में लार्वा भी जांच की जा रही है। अभी तक 2000 हजार से जयादा लोगों को नोटिस भी दिया जा चुका है।
- डॉ. विजय प्रकाश, नोडल अधिकारी, डेंगू एवं मलेरिया।
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स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 1663 लोगों के सैंपल लिए हैं, जिनमें से 158 मरीजों में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा जिले में 34 मरीज सक्रिय केस हैं। बुधवार को 50 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 5 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की रोकथाम के लिए हेल्पलाइन नंबर 01274-250764 जारी किया हुआ है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड और दो डॉक्टर ट्रामा सेंटर में नियुक्त कर दिए हैं जो 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। इसके अलावा कोसली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी 5 बेड के आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है।
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डेंगू-मलेरिया के 5 साल के आंकड़े
जिले में वर्ष 2018 में 82, 2019 में 27, 2020 में 39 व वर्ष 2021 में 306 और इस वर्ष में अब तक 158 केस मिले हैं। इसी तरह मलेरिया के वर्ष 2018 में 13, वर्ष 2019 में 8, वर्ष 2020 में 2 और वर्ष 2021 में 1 और इस वर्ष तीन मामले ही मिले हैं।
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नजर अंदाज करना पड़ सकता भारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डेंगू और मलेरिया के लक्षणों को नजर अंदाज नहीं करने और बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मलेरिया के लक्षण मादा मच्छरों के काटने के 6 से 8 दिन बाद शुरू होते हैं। इसमें ठंड लगकर बुखार का आना और बुखार के ठीक होने पर पसीना आना, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट की परेशानी, उल्टियां होना, बेहोशी आना, एनीमिया, त्वचा की पीली रंग की विकृति आदि लक्षण महसूस हो तो जांच कराना बेहतर है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए जिले के तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर गंबूजिया मछली को अब तक 281 तालाबों में मिट्टी का तेल और 187 जगह ताजा पानी में हजारों मछलियां डाली गई हैं। गंबूजिया मछली डेंगू-मलेरिया फैलाने वाले जानलेवा मच्छरों के लार्वा को खाकर लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचाती है।
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वर्जन
जिले में डेंगू के अब तक 158 केस आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को रोकने के लिए तैयारियां पूरी हैं। जहां भी केस मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग कराने के साथ ही स्लाइड भी तैयार की जा रही है। फॉगिंग के लिए डिमांड अनुसार दवाइयां भेजी जा रही हैं। विभाग की तरफ से घरों में कूलर, गमले या अन्य जगह पर भरे पानी में लार्वा भी जांच की जा रही है। अभी तक 2000 हजार से जयादा लोगों को नोटिस भी दिया जा चुका है।
- डॉ. विजय प्रकाश, नोडल अधिकारी, डेंगू एवं मलेरिया।