{"_id":"5c61c4edbdec2273824475b8","slug":"31549911277-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल सौंदरीकरण पुरस्कार योजना में लगाया भेदभाव का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल सौंदरीकरण पुरस्कार योजना में लगाया भेदभाव का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल सुंदरीकरण पुरस्कार योजना में लगाया भेदभाव का आरोप
- स्कूल शिक्षा समिति ने सीएम विंडो पर की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाल्हावास को जिलास्तरीय मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण पुरस्कार योजना में शामिल कराने की मांग को लेकर शिक्षा समिति व ग्राम पंचायत ने जिला शिक्षा को अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि यह स्कूल खंड जाटूसाना में प्रथम रहा है। हर साल गणतंत्र दिवस समारोह में जिलास्तरीय पुरस्कार दिए जाते है, लेकिन इस बार जिलास्तर पर अभी तक स्कूलों को नाम घोषित नहीं किया है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पिछले तीन साल के पुरस्कार विजेताओं को शामिल नहीं करने का शिक्षा निदेशालय के निर्देश का हवाला दिया जा रहा है। शिक्षा समिति के सचिव अनिल आर्य ने जिला शिक्षा अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी प्रतियोगिता होने से पहले उनके नियम बनाए जाते है। लेकिन डीईओ को हमारे खंड स्तर पर विजेता हो जाने पर ऐसा नियम बना रहे है। अनिल आर्य ने कहा कि अगर अतिरिक्त निदेशक ने ऐसा कोई नियम बनाया है तो जिला शिक्षा अधिकारी को उसकी प्रति हमें दिखानी चाहिए।
विज्ञापन
- स्कूल शिक्षा समिति ने सीएम विंडो पर की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाल्हावास को जिलास्तरीय मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण पुरस्कार योजना में शामिल कराने की मांग को लेकर शिक्षा समिति व ग्राम पंचायत ने जिला शिक्षा को अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि यह स्कूल खंड जाटूसाना में प्रथम रहा है। हर साल गणतंत्र दिवस समारोह में जिलास्तरीय पुरस्कार दिए जाते है, लेकिन इस बार जिलास्तर पर अभी तक स्कूलों को नाम घोषित नहीं किया है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पिछले तीन साल के पुरस्कार विजेताओं को शामिल नहीं करने का शिक्षा निदेशालय के निर्देश का हवाला दिया जा रहा है। शिक्षा समिति के सचिव अनिल आर्य ने जिला शिक्षा अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी प्रतियोगिता होने से पहले उनके नियम बनाए जाते है। लेकिन डीईओ को हमारे खंड स्तर पर विजेता हो जाने पर ऐसा नियम बना रहे है। अनिल आर्य ने कहा कि अगर अतिरिक्त निदेशक ने ऐसा कोई नियम बनाया है तो जिला शिक्षा अधिकारी को उसकी प्रति हमें दिखानी चाहिए।