फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   ‘सजना’ के लिए इंतजार, बाजार रहे गुलजार

‘सजना’ के लिए इंतजार, बाजार रहे गुलजार

Sun, 08 Oct 2017 12:03 AM IST
Updated Sun, 08 Oct 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
‘सजना’ के लिए इंतजार, बाजार रहे गुलजार
बाजार रहे गुलजार, सजने के लिए इंतजार
विज्ञापन

अमित विश्वकर्मा
रेवाड़ी।
करवाचौथ की पूर्व संध्या पर शनिवार को ब्यूटी पार्लर पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। एक महीने पहले ही ब्यूटी पार्लर बुक करने के बावजूद महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। युवतियों के साथ बड़ी आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या भी पार्लर में काफी अधिक देखी गई। इसी के साथ मेहंदी लगवाने के लिए लगाए टेंटों में भी महिलाओं की भीड़ देखी गई।
शहर के सेक्टर-3, पंजाबी मार्केट, मॉडल टाऊन और अन्य स्थानों पर ब्यूटी पार्लरों के बाहर मेहंदी लगाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। दुकानों के बाहर युवतियां बड़ी संख्या में महिलाओं को मेहंदी लगा रही थी। खास बात यह थी कि बाजार में मंदी के बीच शनिवार को बाजारों में काफी रौनक रही। शहर के चूड़ी बाजार से लेकर पंजाबी मार्केट में महिलाओं की खासी भीड़ रही। जीएसटी का असर ब्यूटी उत्पादों पर भी दिखाई दिया। कीमतों में तीस फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई। बावजूद इसके करवाचौथ पर महिलाओं में सजने की परंपरा में कोई कमी नहीं आई। पार्लर संचालिकाओं की मानें तो यहां आने वाली महिलाओं की संख्या इस बार बढ़ी है। संचालिकाओं का कहना है कि सजने-संवरने में कीमत नहीं देखी जाती है। पति के लिए महिलाएं पैसा खर्चने के लिए कोई कोताही नहीं बरतती हैं। जीएसटी बढ़ने पर बोझ जरूर बढ़ा है। लेकिन फेस पैक इत्यादि के कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई। जीएसटी से पहले की कीमत ही महिलाओं से वसूली जा रही है।
विज्ञापन


बाजारों में बढ़ी रौनक
नोटबंदी और उसके बाद जीएसटी से बाजारों से ग्राहक गायब हो गए थे। करवाचौथ पर महिलाओं में बाजारों में पहुंचकर खूब खरीदारी की। शहर की पंजाबी मार्केट, अपना बाजार, मौती चौक, गोकलगेट के बाजारों में महिलाएं भारी संख्या में दिखाई दी। सुहागनों के लिए चूड़ियों का विशेष महत्व होता है। सुहाग के चूडियों के साथ महिलाओं की पसंद में कंगन भी शुमार रहे। दुकानदारों की मानें तो बीते कुछ सालों से कंगनों की मांग बढ़ी है। चूड़ियों के साथ लाख के कड़े महिलाएं जरूरी खरीद रही हैं। लाल और हरे रंग की चूड़ियां भी शनिवार को खूब डिमांड में रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------
वर्जन-
पहले की तुलना में ब्यूटी पार्लर पर अधिक महिलाएं आई। महिलाओं ने एक महीने पहले बुकिंग की हुई थी। ब्यूटी प्रोडक्ट में तीस फीसदी तक की बढ़त हो गई है। लेकिन हमने किसी भी फेस पैक इत्यादि की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है। करवाचौथ महिलाओं के लिए स्पेशल होता है। इसलिए पैसे के बारे में ज्यादा नहीं सोचा जाता है। - काजल, मेट्रो ब्यूटी पार्लर, सेक्टर- 3 रेवाड़ी
----------
जीएसटी के बाद उत्पादों की कीमतों में भारी इजाफा हो गया है। लेकिन महिलाओं पर बोझ ने पड़े इसके लिए फेस पेक आदि में बढ़ोतरी नहीं की गई है। सजने- संवरने के लिए सभी समय के साथ-साथ पैसे खर्च कर रहे हैं। करवाचौथ पर तो महिलाओं में विशेष उत्साह रहता है। इसलिए जीएसटी आदि को कोई फर्क नहीं पड़ता है। - प्रियंका, ब्यूटीशियन, सेक्टर-3
------------------
करवा चौथ से एक दिन पहले युवाओं की भी पार्लर में खूब भीड़ रहती है। इसदिन 25-35 आयु वर्ग के लोग ब्लीचिंग आदि के साथ फेस पैक एवं अन्य काम करवाते हैं। पहले यह संख्या काफी कम रहती थी। लेकिन अब महिलाओं के साथ यूथ भी सजने संवरने में ध्यान दे रहा है। हमारे यहां पर पहले केवल महिलाओं की संख्या ज्यादा रहती थी। लेकिन अब बदलाव आ गया है। - विजय, ब्यूटी पार्लर, मॉडल टाउन
------------
करवा चौथ का पूरे साल इंतजार रहता है। पति हमेशा पत्नि की खुशियों के ध्यान के लिए त्याग करते हैं। महिलाओं का भी फर्ज बनता है कि वह पति के लिए त्याग करे। पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखना सौभाग्य की बात है। - अनिता, ग्रहणी
----
भारतीय परंपरा में प्रत्येक त्यौहार को बड़े शोध के बाद बनाया गया है। घर में पति-पत्नि के बीच प्यार रहे तो वहां पर लक्ष्मी का वास होता है। पति गिफ्ट देने में कोई कंजूसी नहीं बरतते हैं। करवा चौथ प्यार एवं समर्पण का त्यौहार है। - किरण, चौधरीवाड़ा निवासी
---
समय के साथ सब कुछ बदल जाता है। लेकिन भारतीय संस्कृति में त्यौहारों को महत्व नहीं बदलता है। पति-पत्नी का रिश्ता अटूट विश्वास पर टिका होता है। इसी को अटूट बनाए रखने एवं पति की लंबी आयु के लिए व्रत खास होता है। जीएसटी आदि का कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। - कीर्ति शर्मा, नई बस्ती
---------
करवा चौथ का खास महत्व है। पति पूरे साल पत्नी एवं परिवार की खुशियों के लिए त्याग करते हैं। महिलाएं भी करवाचौथ के दिन पानी तक नहीं पीती हैं। पूरे दिन पति की लंबी आयु की कामना करती है। पति द्वारा दिया गिफ्ट भी विशेष महत्व रखता है। - पूजा, ग्रहणी
---------
करवाचौथ परऊ जीएसटी का कोई मतलब नहीं है। पति ने बिना कुछ मांगे सरप्राइज गिफ्ट दिया है। यूं तो गिफ्ट अन्य मौकों पर ही मिलती है। लेकिन करवाचौथ के दिन मिलने वाले गिफ्ट का अपना महत्तव होता है। सजने-संवरने के साथ पति खूब शॉपिंग भी कराते हैं। - प्राकशी धींगड़ा, महिला
---
प्राचीन काल से ही महिलाएं पति के लिए व्रत कर उनकी लंबी आयु की कामना करती है। रिश्तों को बनाए रखने के लिए त्याग की भावना जरूर होनी चाहिए। महिलाएं परिवार एवं पति के लिए हमेशा त्याग करने के लिए तैयार रहती हैं। करवाचौथ तो है ही खास। - मीनाक्षी
-------
आप की पद एवं प्रतिष्ठा कुछ भी हो। लेकिन घर पर आप एक पत्नी हैं। करवा चौथ पर महिलाओं में एक अलग उत्साह रहता है। इसमें कुछ गलत भी नहीं है। पति की लंबी आयु के लिए व्रत बहुत छोटी सी बात है। कईं दिन भी भूखा रहना पड़े तो महिलाएं रह सकती है। लेकिन समर्पण दोनो साइड से होना जरूरी है। -डॉ. वर्तिका,

-----------------
व्रत करने की विधि एवं समय
करवाचौथ के व्रत में शिव-शिवा (पार्वती), स्वामी कार्तिक एवं चंद्रमा का पूजन कर करवा अर्पण करते हैँं। इस व्रत को विशेषकर सौभाग्यवती महिलाएं एवं नव विवाहिता रखती हैं। नवैद्य के 13 करवे, एक लौटा, एक वस्त्र एवं एक विशेष करवा पति के माता-पिता को देती है। व्रती ऊ नम: शिवाय से शिव तथा षण मुखाय नम:, कार्तिक स्वामी की पूजन कर चंद्रमा अर्घ्य देेकर भोजन करते हैं। - आचार्य राघवेंद्र दीक्षित, पंडित
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed