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फीस नहीं भरने पर 25 बच्चों को स्कूल से निकाला
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जिले में नियम 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से जबरन फीस वसूली का खेल चल रहा है। दिल्ली रोड स्थित एक शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले 25 बच्चों को फीस नहीं भरने पर स्कूल से निकाल दिया गया। बच्चों के अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर डीसी तक को शिकायत दी।
जिला शिक्षा अधिकारी से मिलने पहुंचे अभिभावक अजय कुमार, प्रमिला, देवेंद्र कुमार, भगवान दास, कृष्ण कुमार, रंजना, सुमन, परमजीत, खुशीराम, सपना, राजकुमारी, किरण देवी, अंजू, सतीश कुमार, ब्रह्मप्रकाश, संतोष, रेखा, पूनम व अमित ने बताया कि उनके बच्चों का वर्ष 2017-18 सेशन में दिल्ली रोड स्थित एक निजी स्कूल में नियम 134ए के तहत एडमिशन हुआ था। सरकार द्वारा 12वीं तक बच्चों की पढ़ाई मुफ्त की हुई थी। इसके बावजूद स्कूल संचालक शुरू से ही उनसे ट्रांसपोर्ट फीस लेते रहे। अब प्राइवेट स्कूलों ने मंथली फीस के लिए भी दबाव बनाना शुरू कर दिया।
इतना ही नहीं स्कूल संचालक ने 25 से ज्यादा बच्चों को फीस नहीं भरने पर स्कूल में एंट्री ही बैन कर दी है। अकाउंटेंट फोन पर अभिभावकों पर फीस जमा कराने का दबाव बना रहे है। जिला शिक्षा अधिकारी ने उनकी शिकायत सुनने के बाद डिप्टी डीईओ के पास भेज दिया लेकिन यहां भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर परिजन डीसी यशेंद्र सिंह से मिलने पहुंचे और प्राइवेट स्कूल की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
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जिला शिक्षा अधिकारी से मिलने पहुंचे अभिभावक अजय कुमार, प्रमिला, देवेंद्र कुमार, भगवान दास, कृष्ण कुमार, रंजना, सुमन, परमजीत, खुशीराम, सपना, राजकुमारी, किरण देवी, अंजू, सतीश कुमार, ब्रह्मप्रकाश, संतोष, रेखा, पूनम व अमित ने बताया कि उनके बच्चों का वर्ष 2017-18 सेशन में दिल्ली रोड स्थित एक निजी स्कूल में नियम 134ए के तहत एडमिशन हुआ था। सरकार द्वारा 12वीं तक बच्चों की पढ़ाई मुफ्त की हुई थी। इसके बावजूद स्कूल संचालक शुरू से ही उनसे ट्रांसपोर्ट फीस लेते रहे। अब प्राइवेट स्कूलों ने मंथली फीस के लिए भी दबाव बनाना शुरू कर दिया।
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इतना ही नहीं स्कूल संचालक ने 25 से ज्यादा बच्चों को फीस नहीं भरने पर स्कूल में एंट्री ही बैन कर दी है। अकाउंटेंट फोन पर अभिभावकों पर फीस जमा कराने का दबाव बना रहे है। जिला शिक्षा अधिकारी ने उनकी शिकायत सुनने के बाद डिप्टी डीईओ के पास भेज दिया लेकिन यहां भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर परिजन डीसी यशेंद्र सिंह से मिलने पहुंचे और प्राइवेट स्कूल की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
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