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आईएमटी बावल में 220केवी ट्रांसफार्मर जला, 29 विदेशी व 18 छोटी कंपनियों में सप्लाई ठप
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रेवाड़ी/बावल। बावल औद्योगिक क्षेत्र 220 केवी सबस्टेशन का मुख्य ट्रांसफार्मर जलने से वीरवार को 29 विदेशी कंपनी व 18 छोटी कंपनियों में बिजली सप्लाई ठप होने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। आनन-फानन में गुरुग्राम से लेकर रेवाड़ी के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया।
अधिकारियों की माने तो ट्रांसफार्मर को बदला जाएगा, ऐसे में अगले 15 दिन लग सकते हैं। बता दें कि इस 220केवी सब स्टेशन से 45एमवीए बिजली सप्लाई होती है, वहीं 6 छोटे बिजली घर भी इससे ही संचालित होते हैं। ऐसे में अब निगम अधिकारियों के सामने कंपनियों का संचालन एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि इन कंपनियों में 10 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उत्पादन ठप होने से चेन सप्लाई से लेकर कर्मचारियों पर भी असर पड़ेगा। हालांकि निगम की ओर से एचएसआईआईडीसी के 133केवी पावर हाउस पर कुछ लोड शिफ्ट करने की बात कही जा रही है, लेकिन विकल्प के रूप में भी 50 प्रतिशत से ज्यादा बिजली सप्लाई नहीं की जा सकती है। ऐसे में निगम अधिकारी जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर लगाने वाली कंपनी काम पूरा कराने मेें जुट गई है। बताया जा रहा है बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए करीब 6 साल पहले ही इस सब स्टेशन को बनाया गया था। मौके पर गुरुग्राम से एसई ट्रांसमिसन अनिल यादव व एसई ऑपरेशन रेवाड़ी एमएल रोहिल्ला देर रात तक प्रभावित साइट पर अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान के लिए जुटे रहे।
औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक कर मांगा सहयोग
बावल में अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अलावा एक हजार से अधिक कंपनी संचालित हैं। लेकिन 28 विदेशी कंपनियों में बिजली सप्लाई बंद होने की गूंज विदेशों तक पहुंच गई है। जानकारों की माने तो बिजली सप्लाई ठप होने से कंपनियों में उत्पादन की लागत तीन गुणा तक बढ़ जाती है। क्योंकि बिजली नहीं मिलने पर पूरा दिन कंपनी डीजल पर चलाई जाएगी, ऐसे में इन कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाएगा। इसके अलावा अधिकतर कंपनी हीरो, मारुति के पार्ट्स बनाने का काम करती हैं, ऐसे में इसका असर सप्लाई चेन पर भी हो सकता है। इसको देखते हुए ही बिजली निगम की ओर से औद्योगिक संगठनों का सहयोग मांगा जा रहा है। इसको लेकर अधिकारी कंपनी संचालकों के साथ बैठक भी कर रहे हैं। बता दें कि प्रभावित कंपनी में मुसासी इंडिया, एएसआई इंडिया सहित अनेक जापानी व चीनी कंपनियां शामिल हैं।
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वीरवार को 220केवी सबस्टेशन में लगा ट्रांसफार्मर जलने से औद्योगिक क्षेत्र की 29 विदेशी व 18 छोटी कंपनियों की बिजली सप्लाई ठप हो गई है। इस ट्रांसफार्मर को ठीक होने में कम से कम 15 दिन का समय लगेगा, ऐसे में विकल्प के तौर पर 133केवी एचएसआईआईडीसी पावर हाउस पर कुछ लोड शिफ्ट किया जाएगा। लेकिन इसमें भी कंपनियों को महज 50 प्रतिशत तक ही आपूर्ति की जा सकती है। पूरा 45 एमवीए लोड चलाना मुश्किल है। कंपनी संचालकों का सहयोग मांगा जा रहा है। ट्रांसफार्मर क्यों जला इसकी भी जांच की जा रही है।
-एमएल रोहिल्ला, एसई बिजली निगम रेवाड़ी
बिजली सप्लाई ठप होने से कंपनियों का खर्चा तीन गुणा तक बढ़ जाता है। अगले 15 दिनों की बात करें तो करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाएगा। डीजल की कीमत पहले से ही ज्यादा चल रही है, ऐसे में कंपनियों के सामने यह बड़ा संकट है। उम्मीद है कि स्थिति को देखते हुए निगम अधिकारी जल्द समाधान करेंगे।
-विनोद जोशी, कंपनी प्रबंधक
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अधिकारियों की माने तो ट्रांसफार्मर को बदला जाएगा, ऐसे में अगले 15 दिन लग सकते हैं। बता दें कि इस 220केवी सब स्टेशन से 45एमवीए बिजली सप्लाई होती है, वहीं 6 छोटे बिजली घर भी इससे ही संचालित होते हैं। ऐसे में अब निगम अधिकारियों के सामने कंपनियों का संचालन एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि इन कंपनियों में 10 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उत्पादन ठप होने से चेन सप्लाई से लेकर कर्मचारियों पर भी असर पड़ेगा। हालांकि निगम की ओर से एचएसआईआईडीसी के 133केवी पावर हाउस पर कुछ लोड शिफ्ट करने की बात कही जा रही है, लेकिन विकल्प के रूप में भी 50 प्रतिशत से ज्यादा बिजली सप्लाई नहीं की जा सकती है। ऐसे में निगम अधिकारी जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर लगाने वाली कंपनी काम पूरा कराने मेें जुट गई है। बताया जा रहा है बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए करीब 6 साल पहले ही इस सब स्टेशन को बनाया गया था। मौके पर गुरुग्राम से एसई ट्रांसमिसन अनिल यादव व एसई ऑपरेशन रेवाड़ी एमएल रोहिल्ला देर रात तक प्रभावित साइट पर अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान के लिए जुटे रहे।
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औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक कर मांगा सहयोग
बावल में अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अलावा एक हजार से अधिक कंपनी संचालित हैं। लेकिन 28 विदेशी कंपनियों में बिजली सप्लाई बंद होने की गूंज विदेशों तक पहुंच गई है। जानकारों की माने तो बिजली सप्लाई ठप होने से कंपनियों में उत्पादन की लागत तीन गुणा तक बढ़ जाती है। क्योंकि बिजली नहीं मिलने पर पूरा दिन कंपनी डीजल पर चलाई जाएगी, ऐसे में इन कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाएगा। इसके अलावा अधिकतर कंपनी हीरो, मारुति के पार्ट्स बनाने का काम करती हैं, ऐसे में इसका असर सप्लाई चेन पर भी हो सकता है। इसको देखते हुए ही बिजली निगम की ओर से औद्योगिक संगठनों का सहयोग मांगा जा रहा है। इसको लेकर अधिकारी कंपनी संचालकों के साथ बैठक भी कर रहे हैं। बता दें कि प्रभावित कंपनी में मुसासी इंडिया, एएसआई इंडिया सहित अनेक जापानी व चीनी कंपनियां शामिल हैं।
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वीरवार को 220केवी सबस्टेशन में लगा ट्रांसफार्मर जलने से औद्योगिक क्षेत्र की 29 विदेशी व 18 छोटी कंपनियों की बिजली सप्लाई ठप हो गई है। इस ट्रांसफार्मर को ठीक होने में कम से कम 15 दिन का समय लगेगा, ऐसे में विकल्प के तौर पर 133केवी एचएसआईआईडीसी पावर हाउस पर कुछ लोड शिफ्ट किया जाएगा। लेकिन इसमें भी कंपनियों को महज 50 प्रतिशत तक ही आपूर्ति की जा सकती है। पूरा 45 एमवीए लोड चलाना मुश्किल है। कंपनी संचालकों का सहयोग मांगा जा रहा है। ट्रांसफार्मर क्यों जला इसकी भी जांच की जा रही है।
-एमएल रोहिल्ला, एसई बिजली निगम रेवाड़ी
बिजली सप्लाई ठप होने से कंपनियों का खर्चा तीन गुणा तक बढ़ जाता है। अगले 15 दिनों की बात करें तो करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाएगा। डीजल की कीमत पहले से ही ज्यादा चल रही है, ऐसे में कंपनियों के सामने यह बड़ा संकट है। उम्मीद है कि स्थिति को देखते हुए निगम अधिकारी जल्द समाधान करेंगे।
-विनोद जोशी, कंपनी प्रबंधक