{"_id":"5b5a1db44f1c1b4b748b7273","slug":"21532632500-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आषाढ़ में लगी सावन की झड़ी ने दी गर्मी से राहत, बढ़ाई परेशानी भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आषाढ़ में लगी सावन की झड़ी ने दी गर्मी से राहत, बढ़ाई परेशानी भी
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आषाढ़ में लगी सावन की झड़ी, गर्मी से राहत बढ़ाई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। आषाढ़ में लगी सावन की झड़ी ने बेशक लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव से परेशानी भी दी है। वीरवार को सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा। वीरवार को बावल में सबसे कम पांच तो जाटूसाना में सबसे अधिक 38 एमएम बरसात हुई। औसत के हिसाब से आज जिले में करीब 16 एमएम बारिश हुई। आषाढ़ के इस महीने में अभी तक 190 एमएम बारिश हो चुकी है।
मानसून की दस्तक के बाद ही जिले में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। कभी हलकी तो कभी मूसलाधार बरसात हुई। कई बार हल्की बूंदाबांदी का भी सिलसिला चला। वीरवार को सुबह से ही बरसात की झड़ी लगी रही। वीरवार को रेवाड़ी में 14 एमएम, बावल में 5, कोसली में 7 तो जाटूसाना में सबसे अधिक 38 एमएम बारिश हुई। पूरे जिले में अभी तक 190 एमएम बारिश हो चुकी है। किसान रामसिंह, महेश, सूरत सिंह, कुरड़ाराम, दलीप तथा भीम सिंह ने बताया कि बाजरे की फसल पूरी तरह बरसात पर निर्भर करती है। अच्छी बरसात होने से उन्हें खरीदकर पानी देने की जरूरत नहीं है। किसानों ने बताया कि अच्छी बरसात होने से भूमिगत जलस्तर भी बढ़ जाएगा। फिलहाल भूमिगत जलस्तर 200 से 250 फीट पर है। जिले का खंड खोल डार्क जोन घोषित किया हुआ है, जो पूरी तरह बरसात पर निर्भर है। यदि अच्छी बरसात हो जाती है तो खंड के 58 गांवों के लोगों को कुछ लाभ होगा।
सड़कों पर जाम की स्थिति
वीरवार को दोपहर तक रही बारिश की झड़ी की वजह से शहर की सड़कों के साथ निर्माणाधीन रेवाड़ी-धारूहेड़ा सड़क मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। गांव हांसाका सहित अन्य स्थानों पर अभी तक सड़क मार्ग के निर्माणाधीन होने के कारण बने कीचड़ में वाहन फंस रहे हैं जिसके चलते यहां पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। वीरवार को भी यहां काफी समय तक जाम लगा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। आषाढ़ में लगी सावन की झड़ी ने बेशक लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव से परेशानी भी दी है। वीरवार को सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा। वीरवार को बावल में सबसे कम पांच तो जाटूसाना में सबसे अधिक 38 एमएम बरसात हुई। औसत के हिसाब से आज जिले में करीब 16 एमएम बारिश हुई। आषाढ़ के इस महीने में अभी तक 190 एमएम बारिश हो चुकी है।
मानसून की दस्तक के बाद ही जिले में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। कभी हलकी तो कभी मूसलाधार बरसात हुई। कई बार हल्की बूंदाबांदी का भी सिलसिला चला। वीरवार को सुबह से ही बरसात की झड़ी लगी रही। वीरवार को रेवाड़ी में 14 एमएम, बावल में 5, कोसली में 7 तो जाटूसाना में सबसे अधिक 38 एमएम बारिश हुई। पूरे जिले में अभी तक 190 एमएम बारिश हो चुकी है। किसान रामसिंह, महेश, सूरत सिंह, कुरड़ाराम, दलीप तथा भीम सिंह ने बताया कि बाजरे की फसल पूरी तरह बरसात पर निर्भर करती है। अच्छी बरसात होने से उन्हें खरीदकर पानी देने की जरूरत नहीं है। किसानों ने बताया कि अच्छी बरसात होने से भूमिगत जलस्तर भी बढ़ जाएगा। फिलहाल भूमिगत जलस्तर 200 से 250 फीट पर है। जिले का खंड खोल डार्क जोन घोषित किया हुआ है, जो पूरी तरह बरसात पर निर्भर है। यदि अच्छी बरसात हो जाती है तो खंड के 58 गांवों के लोगों को कुछ लाभ होगा।
विज्ञापन
सड़कों पर जाम की स्थिति
वीरवार को दोपहर तक रही बारिश की झड़ी की वजह से शहर की सड़कों के साथ निर्माणाधीन रेवाड़ी-धारूहेड़ा सड़क मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। गांव हांसाका सहित अन्य स्थानों पर अभी तक सड़क मार्ग के निर्माणाधीन होने के कारण बने कीचड़ में वाहन फंस रहे हैं जिसके चलते यहां पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। वीरवार को भी यहां काफी समय तक जाम लगा रहा।
विज्ञापन