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दो साल में जिले के सभी गांव जुड़ेंगे नहरी पानी से
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:25 AM IST
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रेवाड़ी में नहीं रहेगी पानी की समस्या : डॉ. बनवारीलाल
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा है कि आगामी वर्षों में जिले के सभी गांवों को नहरी पेयजल योजना से जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद जिले के किसी भी गांव में पानी की समस्या नहीं रहेगी।
वे वीरवार को गांव बधराना में बनाई जा रही नहरी पेयजल परियोजना स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचा कार्य आगामी तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा ताकि लोगों को जल्द शुद्ध पानी मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पानी की कमी है और पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है। इससे लोगों को समस्या आ रही है।
बावल के 55 गांवों के लोगों को मिलेगा शुद्ध पानी : जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री ने बताया कि जिले के गांव बधराना में 93 करोड़ रुपये की लागत से 12 एकड़ जमीन पर नहरी पेयजल योजना का स्टेशन बनाया जा रहा है, जिससे बावल विधानसभा क्षेत्र के 55 गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। इस परियोजना के लिए जवाहर लाल नेहरू पंप हाउस नंबर 5 से 13 किलोमीटर लंबी बीस इंची 500 एमएम लोहे की पाइप से नहरी पानी लाया जाएगा। बधराना की परियोजना में 10 करोड़ 60 लाख लीटर पानी की क्षमता होगी और प्रतिदिन 60 लाख लीटर पानी फिल्टर करके गांवों के लोगों को सप्लाई किया जाएगा।
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पांच गांवों में बन रहे बूस्टिंग स्टेशन
उन्होंने कहा कि 55 गांवों में जलापूर्ति के लिए 5 मध्यवर्गीय बूस्टिंग स्टेशन (आईबीएस) नामतरू भांडौर, धामलावास, बवाना गुर्जर, धारन व बधराना गांवों में बनाए जाए रहे हैं, जिनसे इन गांवों को पेयजल के लिए जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त गांव खालेटा में 43 करोड़ रुपये की लागत से नहरी पेयजल योजना बनाई जाएगी, जिससे समीपवर्ती 15 गांवों को लाभ होगा। इस परियोजना का अगले सप्ताह टेंडर कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि धारूहेड़ा व नंदरामपुर बांस गांव के पास भी नहरी पेयजल योजना बनाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है, जिसे जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी। इससे भी कई गांवों को लाभ होगा।
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इन गांवों को होगा लाभ
डॉ. बनवारी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरी पेयजल आधारित योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिल सके इसके लिए बड़े-बड़े गांवों को चिन्हित कर योजनाएं बनाएं। उन्होंने बताया कि नहरी पेयजल योजना से बधराना आईबीएस से बधराना, कुंडल, आरामनगर, कनूका, बेरवाल, प्रागपुरा, सुलखा, पुंसिका, राजियाका, गोलियाकी, धारन आईबीएस से धारन, राजगढ़, गोबिंदपुर बांस, मेधपुर पेन की ढाणी, बालावास, नरसिंहपुर गढ़ी, टांकड़ी, खंडेवड़ा, भांडौर आईबीएस से भांडौर, ढाणी भांडौर, नंगली गोधा, ठोठवाल, धामलावास आईबीएस से धामलावास, मैलावास, पीथड़ावास, गुमीना, नारायणपुर, हुसैनपुर तथा बवाना गुर्जर आईबीएस से बवाना गुर्जर, हरजीपुर, टींट, पाली, चीताडूंगरा व ढाणी मलांग के गांव को पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
इसके अतिरिक्त गिंदोखर पेयजल घर की पानी की क्षमता को बढ़ाने के लिए जेएलएन से जोड़ा जा रहा है, जिससे गिंदौखर, राजपुरा खालसा, खडगवास, चांदुवास, बालावास अहीर, कालूवास गांव और खड़गवास पेयजल घर की क्षमता बढ़ाने के लिए भी इसे जेएलएन से जोड़ा जा रहा है। इससे चांदुवास के समीप के क्षेत्र को पर्याप्त पानी मिलेगा। उन्होंने बताया कि महाखारिया पेयजल घर को भी जेएलएन से जोड़ा जा रहा है, जिससे राजपुरा इस्तमुरार, ढाणी सांतों, बधराना व लाधूवास अहीर पेयजल घरों की भी क्षमता बढ़ाने के लिए इन्हें जेएलएन से जोड़ा जा रहा है। इससे भठेडा, प्राणपुरा, कढू, अलियावास, भवानीपुर, आलियावास, रोलियावास व लाधूवास अहीर, सहारनवास, बगडवा, भोतवास अहीर, सुंदरोज की ढाणी में पेयजल की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि बुढ़पुर व चिमनावास पेयजल घरों की क्षमता बढ़ाने का कार्य भी प्रगति पर है। इससे बुढ़पुर, लाखनौर, चिमनावास व खोरी के गांवों में भी पेयजल की कोई कमी नहीं रहेगी। इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता दलबीर सिह, कार्यकारी अभिंयता रविंद्र गोठवाल सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा है कि आगामी वर्षों में जिले के सभी गांवों को नहरी पेयजल योजना से जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद जिले के किसी भी गांव में पानी की समस्या नहीं रहेगी।
वे वीरवार को गांव बधराना में बनाई जा रही नहरी पेयजल परियोजना स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचा कार्य आगामी तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा ताकि लोगों को जल्द शुद्ध पानी मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पानी की कमी है और पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है। इससे लोगों को समस्या आ रही है।
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बावल के 55 गांवों के लोगों को मिलेगा शुद्ध पानी : जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री ने बताया कि जिले के गांव बधराना में 93 करोड़ रुपये की लागत से 12 एकड़ जमीन पर नहरी पेयजल योजना का स्टेशन बनाया जा रहा है, जिससे बावल विधानसभा क्षेत्र के 55 गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। इस परियोजना के लिए जवाहर लाल नेहरू पंप हाउस नंबर 5 से 13 किलोमीटर लंबी बीस इंची 500 एमएम लोहे की पाइप से नहरी पानी लाया जाएगा। बधराना की परियोजना में 10 करोड़ 60 लाख लीटर पानी की क्षमता होगी और प्रतिदिन 60 लाख लीटर पानी फिल्टर करके गांवों के लोगों को सप्लाई किया जाएगा।
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पांच गांवों में बन रहे बूस्टिंग स्टेशन
उन्होंने कहा कि 55 गांवों में जलापूर्ति के लिए 5 मध्यवर्गीय बूस्टिंग स्टेशन (आईबीएस) नामतरू भांडौर, धामलावास, बवाना गुर्जर, धारन व बधराना गांवों में बनाए जाए रहे हैं, जिनसे इन गांवों को पेयजल के लिए जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त गांव खालेटा में 43 करोड़ रुपये की लागत से नहरी पेयजल योजना बनाई जाएगी, जिससे समीपवर्ती 15 गांवों को लाभ होगा। इस परियोजना का अगले सप्ताह टेंडर कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि धारूहेड़ा व नंदरामपुर बांस गांव के पास भी नहरी पेयजल योजना बनाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है, जिसे जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी। इससे भी कई गांवों को लाभ होगा।
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इन गांवों को होगा लाभ
डॉ. बनवारी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरी पेयजल आधारित योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिल सके इसके लिए बड़े-बड़े गांवों को चिन्हित कर योजनाएं बनाएं। उन्होंने बताया कि नहरी पेयजल योजना से बधराना आईबीएस से बधराना, कुंडल, आरामनगर, कनूका, बेरवाल, प्रागपुरा, सुलखा, पुंसिका, राजियाका, गोलियाकी, धारन आईबीएस से धारन, राजगढ़, गोबिंदपुर बांस, मेधपुर पेन की ढाणी, बालावास, नरसिंहपुर गढ़ी, टांकड़ी, खंडेवड़ा, भांडौर आईबीएस से भांडौर, ढाणी भांडौर, नंगली गोधा, ठोठवाल, धामलावास आईबीएस से धामलावास, मैलावास, पीथड़ावास, गुमीना, नारायणपुर, हुसैनपुर तथा बवाना गुर्जर आईबीएस से बवाना गुर्जर, हरजीपुर, टींट, पाली, चीताडूंगरा व ढाणी मलांग के गांव को पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
इसके अतिरिक्त गिंदोखर पेयजल घर की पानी की क्षमता को बढ़ाने के लिए जेएलएन से जोड़ा जा रहा है, जिससे गिंदौखर, राजपुरा खालसा, खडगवास, चांदुवास, बालावास अहीर, कालूवास गांव और खड़गवास पेयजल घर की क्षमता बढ़ाने के लिए भी इसे जेएलएन से जोड़ा जा रहा है। इससे चांदुवास के समीप के क्षेत्र को पर्याप्त पानी मिलेगा। उन्होंने बताया कि महाखारिया पेयजल घर को भी जेएलएन से जोड़ा जा रहा है, जिससे राजपुरा इस्तमुरार, ढाणी सांतों, बधराना व लाधूवास अहीर पेयजल घरों की भी क्षमता बढ़ाने के लिए इन्हें जेएलएन से जोड़ा जा रहा है। इससे भठेडा, प्राणपुरा, कढू, अलियावास, भवानीपुर, आलियावास, रोलियावास व लाधूवास अहीर, सहारनवास, बगडवा, भोतवास अहीर, सुंदरोज की ढाणी में पेयजल की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि बुढ़पुर व चिमनावास पेयजल घरों की क्षमता बढ़ाने का कार्य भी प्रगति पर है। इससे बुढ़पुर, लाखनौर, चिमनावास व खोरी के गांवों में भी पेयजल की कोई कमी नहीं रहेगी। इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता दलबीर सिह, कार्यकारी अभिंयता रविंद्र गोठवाल सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।