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एनएचएम
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बर्खास्तगी के नोटिस के बावजूद हड़ताल चौथे दिन जारी, कई स्कूलों में नहीं बंटी कृमि नाशक दवा
-अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहे बंद, आउटसोर्स कर्मियों के सहारे दौड़ी एंबुलेंस
-रोडवेज तालमेल कमेटी ने हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों को समर्थन दिया।
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बर्खास्तगी का नोटिस दिए जाने के बावजूद एनएचएम कर्मचारियों ने चौथे दिन हड़ताल जारी रखी। कर्मचारियों ने हड़ताल 11 फरवरी तक बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिलेभर के स्कूलों में बच्चों की दी जाने एलबेंडाजोल की गोलियों भी नहीं दी जा सकी। अधिकांश में आशा वर्कर के सहारे काम चलाया गया। हड़ताल के कारण जिले के 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह प्रभावित रहे। अधिकांश पीएचसी बंद हैं।
विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों द्वारा 5 फरवरी से विरोध-प्रदर्शन और हड़ताल जारी है। दो दिवसीय हड़ताल से शुरू हुआ विरोध प्रदेश स्तरीय यूनियन के आह्वान पर तीन दिन और बढ़ा दिया गया। शुक्रवार को कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वे डरने वाले नहीं है। सरकार जब तक मांगें नहीं मान लेती हड़ताल जारी रहेगी। रोडवेज तालमेल कमेटी ने हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों को समर्थन दिया।
इस मौके पर संतोष, प्रवीन यादव, रोडवेज से प्रधान बीरसिंह, यशपाल यादव, श्याम शर्मा, मुनेश यादव, सतबीर यादव, राधा यादव, योगेश यादव, डॉ. मनोज, रविन्द्र, शर्मिला, बबील यादव, कविता आदि ने भी अपने विचार रखे।
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ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
एनएचएम कर्मचारियों की नियुक्ति एंबुलेंस व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सबसे अधिक है। हड़ताल के चलते सबसे ज्यादा असर भी इन्ही जगह दिखाई दे रहा है। एंबुलेंस के अलावा पीएचसी पर सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कुछ पीएचसी ऐसी है, जहां दरवाजों में कुंडी लगाई हुई है। आकेड़ा, कुतुबपुर व राजीव नगर में एक-एक एएनएम होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सेे प्रभावित रही।
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आशा वर्कर्स के सहारे खिलाई कृमि नाशक दवा
शुक्रवार को जिले भर के स्कूलों में प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को कृमि नाशक दवा खिलाई जानी थी, लेकिन एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई स्कूलों में ये दवा नहीं खिलाई जा सकी। जबकि कुछ स्कूलों में आशा वर्कर्स ने दवा बांटी।
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आउटसोर्स चालकों ने चलाई एंबुलेंस
शुक्रवार को आउटसोर्स पर काम कर रहे दो कर्मचारी काम पर लौट आए। इन कर्मचारियों के सहारे एंबुलेंस चलाई गई। मरीजों को थोड़ी राहत अवश्य मिली, लेकिन अधिकांश मरीजों को प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों की सेवा लेनी पड़ी।
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पीएचसी में नहीं हो पा रही डिलिवरी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण जिले के 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से प्रभावित है। शहरी क्षेत्र में तीन व ग्रामीण क्षेत्र में 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिनमें कार्यरत एनएचएम कर्मचारियों हड़ताल में शामिल होने से इन केंद्रों में न तो डिलिवरी हो पा रही है और न ही मरीजों को अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
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सरकार जब तक मांगों को नहीं मानती, कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेश स्तरीय कमेटी के आह्वान पर हड़ताल को 11 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी सरकार द्वारा बर्खास्त करने की धमकी से डरने वाले नहीं है।
पंकज कुमार, जिला प्रधान एनएचएम
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कुछ चालक काम पर लौटे हैं, जिनसे एंबुलेंस को चलवाया गया है। हड़ताल से ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ रहा है। नियमित कर्मचारी काम संभाल रहे हैं।
डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ
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-अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहे बंद, आउटसोर्स कर्मियों के सहारे दौड़ी एंबुलेंस
-रोडवेज तालमेल कमेटी ने हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों को समर्थन दिया।
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बर्खास्तगी का नोटिस दिए जाने के बावजूद एनएचएम कर्मचारियों ने चौथे दिन हड़ताल जारी रखी। कर्मचारियों ने हड़ताल 11 फरवरी तक बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिलेभर के स्कूलों में बच्चों की दी जाने एलबेंडाजोल की गोलियों भी नहीं दी जा सकी। अधिकांश में आशा वर्कर के सहारे काम चलाया गया। हड़ताल के कारण जिले के 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह प्रभावित रहे। अधिकांश पीएचसी बंद हैं।
विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों द्वारा 5 फरवरी से विरोध-प्रदर्शन और हड़ताल जारी है। दो दिवसीय हड़ताल से शुरू हुआ विरोध प्रदेश स्तरीय यूनियन के आह्वान पर तीन दिन और बढ़ा दिया गया। शुक्रवार को कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वे डरने वाले नहीं है। सरकार जब तक मांगें नहीं मान लेती हड़ताल जारी रहेगी। रोडवेज तालमेल कमेटी ने हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों को समर्थन दिया।
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इस मौके पर संतोष, प्रवीन यादव, रोडवेज से प्रधान बीरसिंह, यशपाल यादव, श्याम शर्मा, मुनेश यादव, सतबीर यादव, राधा यादव, योगेश यादव, डॉ. मनोज, रविन्द्र, शर्मिला, बबील यादव, कविता आदि ने भी अपने विचार रखे।
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ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
एनएचएम कर्मचारियों की नियुक्ति एंबुलेंस व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सबसे अधिक है। हड़ताल के चलते सबसे ज्यादा असर भी इन्ही जगह दिखाई दे रहा है। एंबुलेंस के अलावा पीएचसी पर सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कुछ पीएचसी ऐसी है, जहां दरवाजों में कुंडी लगाई हुई है। आकेड़ा, कुतुबपुर व राजीव नगर में एक-एक एएनएम होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सेे प्रभावित रही।
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आशा वर्कर्स के सहारे खिलाई कृमि नाशक दवा
शुक्रवार को जिले भर के स्कूलों में प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को कृमि नाशक दवा खिलाई जानी थी, लेकिन एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई स्कूलों में ये दवा नहीं खिलाई जा सकी। जबकि कुछ स्कूलों में आशा वर्कर्स ने दवा बांटी।
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आउटसोर्स चालकों ने चलाई एंबुलेंस
शुक्रवार को आउटसोर्स पर काम कर रहे दो कर्मचारी काम पर लौट आए। इन कर्मचारियों के सहारे एंबुलेंस चलाई गई। मरीजों को थोड़ी राहत अवश्य मिली, लेकिन अधिकांश मरीजों को प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों की सेवा लेनी पड़ी।
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पीएचसी में नहीं हो पा रही डिलिवरी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण जिले के 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से प्रभावित है। शहरी क्षेत्र में तीन व ग्रामीण क्षेत्र में 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिनमें कार्यरत एनएचएम कर्मचारियों हड़ताल में शामिल होने से इन केंद्रों में न तो डिलिवरी हो पा रही है और न ही मरीजों को अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
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सरकार जब तक मांगों को नहीं मानती, कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेश स्तरीय कमेटी के आह्वान पर हड़ताल को 11 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी सरकार द्वारा बर्खास्त करने की धमकी से डरने वाले नहीं है।
पंकज कुमार, जिला प्रधान एनएचएम
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कुछ चालक काम पर लौटे हैं, जिनसे एंबुलेंस को चलवाया गया है। हड़ताल से ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ रहा है। नियमित कर्मचारी काम संभाल रहे हैं।
डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ