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किराए पर रह रहे नप अधिकारी..

Wed, 14 Jun 2017 12:49 AM IST
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:49 AM IST
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किराए पर रह रहे नप अधिकारी..
कटे कनेक्शन, किराए के आवास में नप अधिकारी
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दीपेंद्र प्रताप सिंह
रेवाड़ी।
बिल जमा नहीं करने के कारण बिजली निगम ने नप अधिकारियों को डिफाल्टर की लिस्ट में शुमार किया है। सरकारी भवनों के बिजली कनेक्शन कटने और मीटर उखाड़ने के कारण अब नगर परिषद के अधिकारी किराए के आवास में रहने को मजबूर हैं। मॉडल टाउन में गुरु चौक पर बने सरकारी भवन अब वीरान पड़े हैं। खाली पड़े इन भवनों में सरकारी ताले भी नहीं लगे हैं। करीब 4.98 लाख रुपये बिजली बिल की अदायगी नहीं होने के कारण निगम ने कनेक्शन काटा था।
मॉडल टाउन में गुरु चौक के पास कार्यकारी अधिकारी, म्यूनिसिपल इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर्स के आवास हैं। ईओ और एमई पहले से ही गैर सरकारी मकानों में रह रहे हैं। तीनों बंगलों में पिछले कुछ समय से नगर परिषद के तीन जूनियर इंजीनियर सुनील, सत्यप्रकाश और शाकिर हुसैन रह रहे थे। हाल के समय में तीनों अलग-अलग जगह किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं। कारण, कुछ दिन पहले नगर परिषद ने यहां की बिजली लाइन काटने के बाद मीटर तक उखाड़ लिए हैं। बिजली निगम के अधिकारी ने बताया कि नगर परिषद की पिछले दो साल से 4.98 लाख की पेंडिंग थी। इसके बाद निगम ने नगर परिषद के सरकारी भवनों के कनेक्शन भी काट दिए थे। बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले टीम ने चेकिंग की तो इन सरकारी भवनों के पीछे पार्क के पास कुंडी लगाकर चोरी से बिजली चलाई जा रही थी। इसके बाद टीम ने पूरी लाइन हटा दी और 1.06 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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शाम होते ही छलकने लगते हैं जाम
सरकारी भवनों के बिजली कनेक्शन कटने के बाद ही सारे नगर परिषद के जूनियर इंजीनियर दूसरी जगहों पर किराए के मकानों में रहने लगे। इधर नगर परिषद ने इन सरकारी भवनों पर ताला लगाना भी मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में शाम होते ही इन भवनों पर इलाके के आसपास के असामाजिक तत्व इकट्ठे हो जाते हैं। अमर उजाला टीम वहां पहुंची तो बीयर की बोतलें भी पड़ी दिखाई दीं।
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स्ट्रीट लाइट्स का भी लाखों रुपये है बकाया
ऐसा नहीं है कि नगर परिषद के अधिकारियों के सरकारी बंगलों का लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया है। शहर की जलने वाले सड़कों की भी करोड़ों रुपये की देनदारी नगर परिषद पर है, जो कि सालों से बिजली निगम को नहीं की गई है। सिटी वन फीडर से स्ट्रीट लाइट्स के लिए होने वाली बिजली सप्लाई का 18 करोड़ रुपये और सिटी-2 फीडर से होने वाली सप्लाई का 42.3 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में नगर परिषद का कुल बकाया 60 करोड़ से भी ज्यादा का है।

कुंडी पीछे पार्क में लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। नगर परिषद के सरकारी भवनों का कनेक्शन बिजली निगम के बकाया बिल की वजह से कटा है। हालांकि अभी तक लिखित में हमारे पास कोई नोटिस नहीं आया है। मामले को जल्द ही हल करवाया जाएगा। - मनोज यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद


गुरु चौक के पास बने नगर परिषद अधिकारियों के बंगलों का बिजली बिल करीब चार लाख रुपय बकाया था। लंबे समय से बिल नहीं चुकाने के चलते बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। वहीं कॉमर्शियल बिल भी करोड़ों में बकाया है। -सत्यवीर यादव, कार्यकारी अभियंता, रेवाड़ी डिवीजन ।
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