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जिले के 28 स्कूलों के ऊपर से गुजरती है हाईटेंशन तार : डीईओ
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:56 AM IST
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जिले के 28 स्कूलों के ऊपर से गुजरती है हाईटेंशन तार : डीईओ
डीसी: आपने क्या किया? समिति को क्यों नहीं बताया अभी तक
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
स्कूल सुरक्षा समिति की बैठक में बुधवार को उपायुक्त ने शिक्षा अधिकारियों को जमकर लताड़ा। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे मामलों में स्कूलों के पास और ऊपर से गुजरने वाले हाईटेंशन लाइन का मामला भी उठा। कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में 28 स्कूल ऐसे हैं, जिनके ऊपर या समीप से हाईटेंशन लाइन गुजरती है। इनसे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस पर उपायुक्त पंकज कुमार ने पूछा कि आपने अभी तक इस संबंध में क्या किया है? इसका उनसे कोई जवाब नहीं देते बना। डीसी ने शिक्षा अधिकारियों को फटकारते हुए कहा कि इस बारे में समिति या बिजली निगम को अभी तक जानकारी क्यों नहीं दी गई। यह बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। इस बारे में जो भी जरूरी है जल्द सुनिश्चित करें।
बैठक के बाद अमर उजाला ने शिक्षा अधिकारियों से इन 28 स्कूलों की जानकारी चाही तो इन लोगों का कहना था कि उनको सिर्फ भाड़ावास के एक स्कूल का नाम पता है। बाकी नाम एक कर्मचारी के पास हैं। वह रिलीव हो गया है, उसने अभी चार्ज नहीं दिया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन 28 स्कूलों के बच्चे असुरक्षा के आवरण तले पढ़ाई कर रहे हैं।
स्कूल सुरक्षा समिति की बैठक में बुधवार को स्कूलों की सुरक्षा, सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के मापदंड पूरे करने, नान टीचिंग और टीचिंग स्टाफ का वैरिफिकेशन करने के अलावा अन्य मामलों पर भी चर्चा हुई।
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नहीं बख्शे जाएंगे कोताही बरतने वाले
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के मापदंड पूरे करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि स्कूलों की सुरक्षा में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को नहीं बख्शा जाएगा। इसके लिए बनाई कमेटी नियमित रूप से जांच करेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्कूलों का निरीक्षण कागजों के बजाए धरातल पर करें। इसका वह स्वयं निरीक्षण करेंगे। स्कूल के नॉन टीचिंग स्टाफ की वेरिफिकेशन कराएं ताकि उनके बैकग्राउंड का पता लग सके।
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यह भी दिए निर्देश
उपायुक्त ने रेडक्रास और दमकल केंद्र कार्यालय से संपर्क कर स्कूलों में शिविर लगाकर फर्स्ट एड और आपदाओं के बारे में बच्चों को जागरूक करने, सभी स्कूलों में फर्स्ट एड किट सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन यंत्र होने चाहिए। इसके लिए वेंडर से संपर्क करें। स्कूलों में बच्चों को दूरभाष नंबर 100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया जाए। सभी स्कूलों में आपातकालीन नंबरों की सूची चस्पा की जाए ताकि बच्चों को उसके बारे में ज्ञान हो। उपायुक्त ने कहा कि सुरक्षा जागरूकता के लिए स्कूलों में भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं कराई जाएं। बैठक में एसडीएम रेवाड़ी कुशल कटारिया, बावल एसडीएम सुरेश, डीएसपी सुरेश हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान डॉ. सूर्य कमल, नगर परिषद के एमई अजय सिक्का, रेडक्रास सहायक सचिव रवि हुड्डा आदि मौजूद थे।
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यह बोले शिक्षा अधिकारी
मेरे पास दो-तीन दिन पहले ही चार्ज आया है। मुझे अभी इस बारे में पता नहीं है। डिप्टी डीईओ इस बारे में बता सकते हैं। - सुरेश गोरिया, मौलिक शिक्षा अधिकारी
28 स्कूल ऐसे हैं जिनके ऊपर या समीप से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। जिस कर्मचारी के पास यह लिस्ट थी। वह दरअसल रिलीव हो गया है। अभी उसने चार्ज नहीं दिया है। मुझे केवल भाड़ावास के सरकारी स्कूल की ही जानकारी है। - चंद्रप्रकाश अहलावत, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी
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बिना मान्यता चल रहे तीन स्कूल सील
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने जिले में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को बंद कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया ने बुधवार को जिला सचिवालय में हुई बैठक में उपायुक्त को बताया कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया जारी है। बावल के ज्ञानदीप स्कूल, धारूहेड़ा के शारदा पब्लिक स्कूल और जानकी देवी पब्लिक स्कूल को बंद कर दिया गया है। अन्य गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सील करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नर्सरी से पांचवीं, प्रथम से आठवीं, नर्सरी से यूकेजी, नर्सरी से छठी, नर्सरी से चौथी, प्री-नर्सरी से नर्सरी, प्रथम से सातवीं, प्री से एलकेजी, प्री नर्सरी से दूसरी, प्री नर्सरी से प्रथम, प्री नर्सरी से द्वितीय, प्री नर्सरी से तृतीय, नर्सरी से तृतीय कक्षा तक के 99 ऐसे स्कूल हैं, जो गैर मान्यता प्राप्त चल रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए डीसी ने जिले में नायब तहसीलदार बावल बनवारी लाल, नायब तहसीलदार मनेठी कनैहया लाल, नायब तहसीलदार धारूहेड़ा राजबीर सिंह, नायब तहसीलदार रेवाड़ी अजीत सिंह और मनीष कुमार तहसीलदार रेवाड़ी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। एसडीएम रेवाड़ी और एसडीएम बावल को इस पूरी कार्रवाई का ओवर ऑल इंचार्ज नियुक्त किया हुआ है।
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डीसी: आपने क्या किया? समिति को क्यों नहीं बताया अभी तक
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
स्कूल सुरक्षा समिति की बैठक में बुधवार को उपायुक्त ने शिक्षा अधिकारियों को जमकर लताड़ा। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे मामलों में स्कूलों के पास और ऊपर से गुजरने वाले हाईटेंशन लाइन का मामला भी उठा। कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में 28 स्कूल ऐसे हैं, जिनके ऊपर या समीप से हाईटेंशन लाइन गुजरती है। इनसे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस पर उपायुक्त पंकज कुमार ने पूछा कि आपने अभी तक इस संबंध में क्या किया है? इसका उनसे कोई जवाब नहीं देते बना। डीसी ने शिक्षा अधिकारियों को फटकारते हुए कहा कि इस बारे में समिति या बिजली निगम को अभी तक जानकारी क्यों नहीं दी गई। यह बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। इस बारे में जो भी जरूरी है जल्द सुनिश्चित करें।
बैठक के बाद अमर उजाला ने शिक्षा अधिकारियों से इन 28 स्कूलों की जानकारी चाही तो इन लोगों का कहना था कि उनको सिर्फ भाड़ावास के एक स्कूल का नाम पता है। बाकी नाम एक कर्मचारी के पास हैं। वह रिलीव हो गया है, उसने अभी चार्ज नहीं दिया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन 28 स्कूलों के बच्चे असुरक्षा के आवरण तले पढ़ाई कर रहे हैं।
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स्कूल सुरक्षा समिति की बैठक में बुधवार को स्कूलों की सुरक्षा, सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के मापदंड पूरे करने, नान टीचिंग और टीचिंग स्टाफ का वैरिफिकेशन करने के अलावा अन्य मामलों पर भी चर्चा हुई।
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नहीं बख्शे जाएंगे कोताही बरतने वाले
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के मापदंड पूरे करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि स्कूलों की सुरक्षा में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को नहीं बख्शा जाएगा। इसके लिए बनाई कमेटी नियमित रूप से जांच करेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्कूलों का निरीक्षण कागजों के बजाए धरातल पर करें। इसका वह स्वयं निरीक्षण करेंगे। स्कूल के नॉन टीचिंग स्टाफ की वेरिफिकेशन कराएं ताकि उनके बैकग्राउंड का पता लग सके।
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यह भी दिए निर्देश
उपायुक्त ने रेडक्रास और दमकल केंद्र कार्यालय से संपर्क कर स्कूलों में शिविर लगाकर फर्स्ट एड और आपदाओं के बारे में बच्चों को जागरूक करने, सभी स्कूलों में फर्स्ट एड किट सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन यंत्र होने चाहिए। इसके लिए वेंडर से संपर्क करें। स्कूलों में बच्चों को दूरभाष नंबर 100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया जाए। सभी स्कूलों में आपातकालीन नंबरों की सूची चस्पा की जाए ताकि बच्चों को उसके बारे में ज्ञान हो। उपायुक्त ने कहा कि सुरक्षा जागरूकता के लिए स्कूलों में भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं कराई जाएं। बैठक में एसडीएम रेवाड़ी कुशल कटारिया, बावल एसडीएम सुरेश, डीएसपी सुरेश हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान डॉ. सूर्य कमल, नगर परिषद के एमई अजय सिक्का, रेडक्रास सहायक सचिव रवि हुड्डा आदि मौजूद थे।
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यह बोले शिक्षा अधिकारी
मेरे पास दो-तीन दिन पहले ही चार्ज आया है। मुझे अभी इस बारे में पता नहीं है। डिप्टी डीईओ इस बारे में बता सकते हैं। - सुरेश गोरिया, मौलिक शिक्षा अधिकारी
28 स्कूल ऐसे हैं जिनके ऊपर या समीप से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। जिस कर्मचारी के पास यह लिस्ट थी। वह दरअसल रिलीव हो गया है। अभी उसने चार्ज नहीं दिया है। मुझे केवल भाड़ावास के सरकारी स्कूल की ही जानकारी है। - चंद्रप्रकाश अहलावत, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी
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बिना मान्यता चल रहे तीन स्कूल सील
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने जिले में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को बंद कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया ने बुधवार को जिला सचिवालय में हुई बैठक में उपायुक्त को बताया कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया जारी है। बावल के ज्ञानदीप स्कूल, धारूहेड़ा के शारदा पब्लिक स्कूल और जानकी देवी पब्लिक स्कूल को बंद कर दिया गया है। अन्य गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सील करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नर्सरी से पांचवीं, प्रथम से आठवीं, नर्सरी से यूकेजी, नर्सरी से छठी, नर्सरी से चौथी, प्री-नर्सरी से नर्सरी, प्रथम से सातवीं, प्री से एलकेजी, प्री नर्सरी से दूसरी, प्री नर्सरी से प्रथम, प्री नर्सरी से द्वितीय, प्री नर्सरी से तृतीय, नर्सरी से तृतीय कक्षा तक के 99 ऐसे स्कूल हैं, जो गैर मान्यता प्राप्त चल रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए डीसी ने जिले में नायब तहसीलदार बावल बनवारी लाल, नायब तहसीलदार मनेठी कनैहया लाल, नायब तहसीलदार धारूहेड़ा राजबीर सिंह, नायब तहसीलदार रेवाड़ी अजीत सिंह और मनीष कुमार तहसीलदार रेवाड़ी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। एसडीएम रेवाड़ी और एसडीएम बावल को इस पूरी कार्रवाई का ओवर ऑल इंचार्ज नियुक्त किया हुआ है।