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किसान गोष्ठी का आयोजन
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:08 AM IST
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किसानों को बताई उत्तम खेती की तकनीक
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग जाटूसाना रेवाड़ी की ओर से जाटूसाना खंड के बालावास जमापुर गांव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया। गोष्ठी में केवीके रामपुरा रेवाड़ी के वैज्ञानिकों ने किसानों को विभिन्न फसलों की उत्तम खेती के गुर सिखाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. दीपक यादव ने की। किसानों को विभाग की विभिन्न स्कीमों से अवगत कराया। साथ ही बताया कि समन्वित खेती से कम भूमि में अधिक आय की जा सकती है। अब किसान को खेती की नई तकनीक अपनानी पड़ेगी। इसके लिए क्षेत्र के हिसाब से फसलें उगाएं, फसल उत्पादक समूह बनाएं तथा उत्पाद को सीधे बाजार में बचें, जिससे किसानों को अधिक मुनाफा होगा। समन्वित खेती में कृषि से जुड़े सहायक व्यवसाय जैसे वर्मीकंपोस्ट, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मछली पालन तथा बागवानी अपने संसाधनों के अनुसार अवश्य अपनाएं, जिससे कम जोत में अधिक आमदनी हो सके।
उच्च उत्पादन प्रबंधन की दी जानकारी
डॉ. बलराज ने किसानों को जैव कीटनाशकों की जानकारी दी। रासायनिक कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग न करने का आह्वान किया। डॉ. अनिल यादव (मृदा विषय विशेषज्ञ) केवीके रामपुरा रेवाड़ी ने विभिन्न खरीफ एवं रबी फसलों के उच्च उत्पादन प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. अनिल यादव ने भूमि परीक्षण के आधार पर और फसल के अनुसार पोषक तत्व डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसान लवणीय मृदा व लवणीय पानी को सहन करने वाली किस्मों की बिजाई करें। डा. अनिल यादव ने किसानों को बताया कि सूक्ष्म पोषक तत्वों जिंक एवं सल्फर की भी पूर्ति करें ताकि फसल अपना पूरा उत्पादन दे सके। डॉ. योगेश चंद ने किसानों को कपास में आने वाले विभिन्न कीटों के रासायनिक व जैविक नियंत्रण की जानकारी दी। डॉ. मनोज ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गैर ऋण किसान स्वेच्छा से ही फसल बीमा करा सकते हैं। ओलावृष्टि, जलभराव एवं भूस्खलन से खड़ी फसल में नुकसान होने पर क्लेम खेत स्तर पर मिलेगा। फसल कटाई के 14 दिन के अंदर फसल में नुकसान होने पर भी क्लेम खेत स्तर पर ही मिलेगा। ऋणी किसानों का बीमा बैंक रिकार्ड में दर्ज रकबे/फसल के हिसाब से होगा। इंजीनियर राजकुमार (कृषि अभियांत्रिकी) केवीके रामपुरा रेवाड़ी ने विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक युग में उच्च उत्पादन के लिए मशीनीकरण का विशेष महत्व है। इस अवसर पर सरपंच बिरेंद्र, रतीराम, मनोज, दलबीर, दीपक, रामकिशन, हरविंद्र आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग जाटूसाना रेवाड़ी की ओर से जाटूसाना खंड के बालावास जमापुर गांव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया। गोष्ठी में केवीके रामपुरा रेवाड़ी के वैज्ञानिकों ने किसानों को विभिन्न फसलों की उत्तम खेती के गुर सिखाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. दीपक यादव ने की। किसानों को विभाग की विभिन्न स्कीमों से अवगत कराया। साथ ही बताया कि समन्वित खेती से कम भूमि में अधिक आय की जा सकती है। अब किसान को खेती की नई तकनीक अपनानी पड़ेगी। इसके लिए क्षेत्र के हिसाब से फसलें उगाएं, फसल उत्पादक समूह बनाएं तथा उत्पाद को सीधे बाजार में बचें, जिससे किसानों को अधिक मुनाफा होगा। समन्वित खेती में कृषि से जुड़े सहायक व्यवसाय जैसे वर्मीकंपोस्ट, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मछली पालन तथा बागवानी अपने संसाधनों के अनुसार अवश्य अपनाएं, जिससे कम जोत में अधिक आमदनी हो सके।
उच्च उत्पादन प्रबंधन की दी जानकारी
डॉ. बलराज ने किसानों को जैव कीटनाशकों की जानकारी दी। रासायनिक कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग न करने का आह्वान किया। डॉ. अनिल यादव (मृदा विषय विशेषज्ञ) केवीके रामपुरा रेवाड़ी ने विभिन्न खरीफ एवं रबी फसलों के उच्च उत्पादन प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. अनिल यादव ने भूमि परीक्षण के आधार पर और फसल के अनुसार पोषक तत्व डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसान लवणीय मृदा व लवणीय पानी को सहन करने वाली किस्मों की बिजाई करें। डा. अनिल यादव ने किसानों को बताया कि सूक्ष्म पोषक तत्वों जिंक एवं सल्फर की भी पूर्ति करें ताकि फसल अपना पूरा उत्पादन दे सके। डॉ. योगेश चंद ने किसानों को कपास में आने वाले विभिन्न कीटों के रासायनिक व जैविक नियंत्रण की जानकारी दी। डॉ. मनोज ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गैर ऋण किसान स्वेच्छा से ही फसल बीमा करा सकते हैं। ओलावृष्टि, जलभराव एवं भूस्खलन से खड़ी फसल में नुकसान होने पर क्लेम खेत स्तर पर मिलेगा। फसल कटाई के 14 दिन के अंदर फसल में नुकसान होने पर भी क्लेम खेत स्तर पर ही मिलेगा। ऋणी किसानों का बीमा बैंक रिकार्ड में दर्ज रकबे/फसल के हिसाब से होगा। इंजीनियर राजकुमार (कृषि अभियांत्रिकी) केवीके रामपुरा रेवाड़ी ने विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक युग में उच्च उत्पादन के लिए मशीनीकरण का विशेष महत्व है। इस अवसर पर सरपंच बिरेंद्र, रतीराम, मनोज, दलबीर, दीपक, रामकिशन, हरविंद्र आदि मौजूद रहे।
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