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सीएम साहब....हम किसान अपनी सरसों बेचे या नहीं बताएं...

Sat, 07 Jul 2018 01:08 AM IST
Updated Sat, 07 Jul 2018 01:08 AM IST
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सीएम साहब....हम किसान अपनी सरसों बेचे या नहीं बताएं...
सीएम साहब....हमें बताएं कि अपनी सरसों बेचे या नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। सीएम साहब....बड़ी मेहनत से सरसों पैदा की थी। उम्मीद थी कि सरकारी भाव चार हजार रुपये प्रति क्विंटल पर बिकने के बाद काफी फायदा होगा। हमारा गांव धामलावास रेवाड़ी से छह किलोमीटर दूर है लेकिन सरकारी खरीद का केंद्र हमारा बावल मंडी में बनाया गया था। समर्थन मूल्य की उम्मीद में हम 25 किलोमीटर दूर बावल मंडी में अपनी सरसों लेकर भी पहुंचे थे। पंजीकरण होने के बाद भी हमारी सरसों नहीं खरीदी गई। कई किसानों की सरसों खरीदी ली गई है। मैंने पहली बार सीएम विंडो में शिकायत की तो इसकी जांच बावल एसडीएम को सौंप दी गई थी लेकिन मुझे आज तक नहीं बताया गया है कि मेरी सरसों खरीदी जाएगी या नहीं।

अभी तक नहीं बेची 125 मण सरसों
गांव धामलावास निवासी किसान हरीशचंद्र इस शिकायत के माध्यम से सीएम विंडो और सरकार की किसानों के प्रति हमदर्दी का वास्तविक रूप देखना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर चार हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से तय रोस्टर के अनुसार उनके गांव का नंबर पांच और छह मई के लिए तय किया गया था। उससे पहले चार मई को बारिश होने और मौसम खराब होने की वजह बताकर मार्केट कमेटी की तरफ से इस दिन होने वाली खरीद का बाद में रोस्टर जारी करने की बात कही गई थी। तत्पश्चात सात मई को इन गांवों की सरसों खरीद की जाने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि सात मई को लगभग 14 गांवों के किसान बावल मंडी में पहुंचे लेकिन वहां पर उठान नहीं होने के कारण इन गांवों के किसानों की सरसों नहीं खरीदी गई। इसके बाद किसानों ने रोष जताना प्रारंभ कर दिया गया तो उनके पंजीकरण के लिए तमाम दस्तावेज लेकर उनको बताया कि उनका टोकन जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद 11 मई को उस सहित अन्य किसानों के दस्तावेज मंडी में ही पड़े मिले। इसके पश्चात उन्होंने 15 मई को मामले की शिकायत सीएम विंडो में दी जिस पर बावल एसडीएम को जांच अधिकारी बनाया गया था। जांच सौंपे जाने के बाद भी इस किसान को सीएम विंडो से भी न्याय मिला। अब किसान हरीशचंद्र ने शुक्रवार को दोबारा सीएम विंडो में रिमाइंडर देकर इस बात की जानकारी ली है कि मुझे यह बता दिया जाए कि मेरी सरसों की खरीद की जाएगी अन्यथा नहीं। किसान ने बताया कि उसने सरसों अभी तक नहीं बेची है। लगभग 125 मण सरसों अपने घर पर भंडारण की हुई है। जब तक सीएम विंडो से उचित जवाब नहीं मिलेगा तब तक वह सरसों नहीं बेचेगा।
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