{"_id":"5a8721a54f1c1b9f268ba730","slug":"121518805413-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- तीन साल से बनकर तैयार हैं 88 दुकानों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- तीन साल से बनकर तैयार हैं 88 दुकानों
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिर अटका स्टेडियम की दुकानों का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में बनी 88 दुकानों का मामला फिर अटक गया। दुकान मालिकों ने इनका कब्जा लेने से इनकार कर दिया। ऐसे में फिर से एक बार से बड़ी समस्या बन गई है।
वर्ष 2011-12 में पंचायती राज विभाग की ओर से राव तुलाराम स्टेडियम में 88 दुकानों की बोली छोड़ी गई। इनमें 44 दुकानें नीचे और 44 दुकानें ऊपर बनी। नीचे वाली दुकानों की पगड़ी चार लाख और ऊपर वाली दुकानों की पगड़ी तीन लाख रुपये रखी गई। इसके बाद यह दुकानें वर्ष 2015 में बनकर तैयार हो गए। लेकिन उस समय दुकान लेेने वाले ने दुकानों के आगे चारदीवारी, ट्रांसफार्मर नहीं होने सहित कई कमियां निकाल दी। जिसके बाद नगर परिषद जहां सामने की बाउंड्री तुड़वाकर वहां रेलिंग लगवाई। वहीं पार्किंग की व्यवस्था भी की गई। बिजली निगम ने ट्रांसफार्मर लगवाया। कोई नहीं रहने से इनकी स्थिति बिगडने लगी। इसके बाद पंचायत विभाग ने रंग-रोगन सहित अन्य काम किए। नगराधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित भी की गई। काफी दिनों तक पंचायत और खेल विभाग के बीच दुकानों के हैंडओवर को लेकर मामला भी अटका रहा। लेकिन पिछले माह पंचायत विभाग ने सभी कमियां पूरी कर इन्हें खेल विभाग को सौंप दिया। जिसके बाद बुधवार को खेल विभाग ने इनके मालिक बुलाए। लेकिन दुकान लेने वालों ने नई शर्तें लगाकर इन दुकानों को लेने से इनकार कर दिया। ऐेसे में खेल विभाग के पसीने छूट गए हैं।
--------------
यह होना था लाभ
यह दुकानें वर्ष 2015 में ही बनकर तैयार हो गई थी। दुकान लेने वालों को इनका तय शुदा किराया खेल विभाग को देने था। इस पैसे से होने वाली आमदनी को खेलों के विकास पर खर्च करना था। जिससे स्टेडियम में माली के मानदेय सहित अन्य सुविधाओं का विकास करना था। लेकिन यह इन दुकानों पर कब्जा नहीं लेने से यह मामला फिर अटक गया है।
विज्ञापन
-----------
अभी यह लगा दी शर्त
इन दुकान वालों ने अब सामने लगी ग्रिल हटवाने, दुकानों का किराया कम करने, शर्त के अनुसार जो किराया तीन साल में 25 प्रतिशत बढ़ाना था उसे घटाकर 10 प्रतिशत करने, पाइन की लाइन बिछाने एवं पार्किंग स्थल को पक्का कराने की मांग की। हालांकि इन दुकान वालों ने इस संबंध में डीसी सेे भी मिलने की बात कही। नियमानुसार इन दुकानों का किराया एक मार्च से शुरू होना है। लेकिन कब्जा नहीं लेने से खेल विभाग के सामने नई समस्या बन आई है।
-----------
दुकान वालों ने नई शर्तें लगा दी हैं। अब क्या कर सकते हैं। पहले ये शर्तें नहीं थी। देखते हैं। इन्हें फिर से बुलाकर समझाने का प्रयास किया जाएगा।
सुकन्या, जिला खेल अधिकारी, रेवाड़ी
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में बनी 88 दुकानों का मामला फिर अटक गया। दुकान मालिकों ने इनका कब्जा लेने से इनकार कर दिया। ऐसे में फिर से एक बार से बड़ी समस्या बन गई है।
वर्ष 2011-12 में पंचायती राज विभाग की ओर से राव तुलाराम स्टेडियम में 88 दुकानों की बोली छोड़ी गई। इनमें 44 दुकानें नीचे और 44 दुकानें ऊपर बनी। नीचे वाली दुकानों की पगड़ी चार लाख और ऊपर वाली दुकानों की पगड़ी तीन लाख रुपये रखी गई। इसके बाद यह दुकानें वर्ष 2015 में बनकर तैयार हो गए। लेकिन उस समय दुकान लेेने वाले ने दुकानों के आगे चारदीवारी, ट्रांसफार्मर नहीं होने सहित कई कमियां निकाल दी। जिसके बाद नगर परिषद जहां सामने की बाउंड्री तुड़वाकर वहां रेलिंग लगवाई। वहीं पार्किंग की व्यवस्था भी की गई। बिजली निगम ने ट्रांसफार्मर लगवाया। कोई नहीं रहने से इनकी स्थिति बिगडने लगी। इसके बाद पंचायत विभाग ने रंग-रोगन सहित अन्य काम किए। नगराधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित भी की गई। काफी दिनों तक पंचायत और खेल विभाग के बीच दुकानों के हैंडओवर को लेकर मामला भी अटका रहा। लेकिन पिछले माह पंचायत विभाग ने सभी कमियां पूरी कर इन्हें खेल विभाग को सौंप दिया। जिसके बाद बुधवार को खेल विभाग ने इनके मालिक बुलाए। लेकिन दुकान लेने वालों ने नई शर्तें लगाकर इन दुकानों को लेने से इनकार कर दिया। ऐेसे में खेल विभाग के पसीने छूट गए हैं।
विज्ञापन
--------------
यह होना था लाभ
यह दुकानें वर्ष 2015 में ही बनकर तैयार हो गई थी। दुकान लेने वालों को इनका तय शुदा किराया खेल विभाग को देने था। इस पैसे से होने वाली आमदनी को खेलों के विकास पर खर्च करना था। जिससे स्टेडियम में माली के मानदेय सहित अन्य सुविधाओं का विकास करना था। लेकिन यह इन दुकानों पर कब्जा नहीं लेने से यह मामला फिर अटक गया है।
विज्ञापन
-----------
अभी यह लगा दी शर्त
इन दुकान वालों ने अब सामने लगी ग्रिल हटवाने, दुकानों का किराया कम करने, शर्त के अनुसार जो किराया तीन साल में 25 प्रतिशत बढ़ाना था उसे घटाकर 10 प्रतिशत करने, पाइन की लाइन बिछाने एवं पार्किंग स्थल को पक्का कराने की मांग की। हालांकि इन दुकान वालों ने इस संबंध में डीसी सेे भी मिलने की बात कही। नियमानुसार इन दुकानों का किराया एक मार्च से शुरू होना है। लेकिन कब्जा नहीं लेने से खेल विभाग के सामने नई समस्या बन आई है।
-----------
दुकान वालों ने नई शर्तें लगा दी हैं। अब क्या कर सकते हैं। पहले ये शर्तें नहीं थी। देखते हैं। इन्हें फिर से बुलाकर समझाने का प्रयास किया जाएगा।
सुकन्या, जिला खेल अधिकारी, रेवाड़ी