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जवाब तलब-----
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:53 AM IST
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दूषित पानी को लेकर प्रदूषण बोर्ड व जनस्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब
रेवाड़ी। जिले के गांव खरखड़ा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी खुले में छोड़े जाने पर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जनस्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब किया है। यह पानी साहबी नदी में छोड़ा जाना चाहिए था, लेकिन विभागीय अनदेखी के कारण पानी खुले में ही छोड़ा जा रहा है।
इससे परेशान खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव की ओर से पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को जनस्वास्थ्य विभाग की शिकायत की गई। उसने बताया कि उनके गांव खरखड़ा में पंचायत की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए लगभग 21 एकड़ जमीन दी गई थी। विभाग की ओर से करीब तीन एकड़ में ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन संशोधित पानी को साहबी नदी में डालने की बजाय खुले में ही छोड़ा जा रहा है। इस पानी से आसपास के उपजाऊ खेत खराब हो रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा अधिकारियों को कई बार इसकी शिकायत भी की है, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। ग्रामीण द्वारा शिकायत के बाद पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया है। उधर, जनस्वास्थ्य विभाग की मानें तो खरखड़ा एसटीपी से साहबी नदी तक पाइप लाइन डाली जानी है, जिसके टेंडर हो चुके हैं।
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रेवाड़ी। जिले के गांव खरखड़ा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी खुले में छोड़े जाने पर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जनस्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब किया है। यह पानी साहबी नदी में छोड़ा जाना चाहिए था, लेकिन विभागीय अनदेखी के कारण पानी खुले में ही छोड़ा जा रहा है।
इससे परेशान खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव की ओर से पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को जनस्वास्थ्य विभाग की शिकायत की गई। उसने बताया कि उनके गांव खरखड़ा में पंचायत की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए लगभग 21 एकड़ जमीन दी गई थी। विभाग की ओर से करीब तीन एकड़ में ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन संशोधित पानी को साहबी नदी में डालने की बजाय खुले में ही छोड़ा जा रहा है। इस पानी से आसपास के उपजाऊ खेत खराब हो रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा अधिकारियों को कई बार इसकी शिकायत भी की है, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। ग्रामीण द्वारा शिकायत के बाद पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया है। उधर, जनस्वास्थ्य विभाग की मानें तो खरखड़ा एसटीपी से साहबी नदी तक पाइप लाइन डाली जानी है, जिसके टेंडर हो चुके हैं।
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