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आस्था कुंज से स्कूल गए दो छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:56 PM IST
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आस्था कुंज से स्कूल गए दो छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। शहर के काली माता रोड के समीप स्थित आस्था कुंज में रहने वाले दो छात्र मंगलवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। छात्रों के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने छात्रों की खोज के लिए शहर में सर्च अभियान चलाया लेकिन देर शाम तक छात्रों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
जानकारी के अनुसार काली माता रोड पर स्थित आस्था कुंज में रहने वाले हरेंद्र और विजय आस्था कुंज से सटे अग्रसेन स्कूल में कक्षा छह में पढ़ते हैं। मंगलवार दोनों छात्र सुबह के समय समीप स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल में पढ़ने के लिए गए थे। दोपहर दो बजे छुट्टी होने के बाद भी जब शाम तक बच्चे आस्था कुंज में नहीं लौटे तो कर्मचारियों ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। छात्रों के लापता होने की सूचना के बाद आस्था कुंज प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और बच्चों की तलाश के लिए शहरभर में सर्च अभियान चलाने के बाद स्टेशन और बस स्टैंड पर बसों में भी तलाशी लेकिन शाम तक बच्चों की कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लापता हुआ बच्ची विजय कुमार यूपी के बिजनौर तथा हरेंद्र सिंह बहादुरगढ़ के आसपास क्षेत्र के रहने वाला है।
36 बच्चे रहे हैं आस्था कुंज में
जिला बाल कल्याण परिषद की तरफ से संचालित आस्था कुंज में वर्तमान में 36 बच्चे रहते हैं। इनमें से अधिकांश शिक्षा गृहण कर रहे हैं। यहां करीब 15 लोगों का स्टॉफ कार्यरत है, जिनमें वार्डन से लेकर अन्य शामिल है। चाइल्ड वेलफेयर समिति द्वारा पिछले पांच साल में आस्था कुंज में रहने वाले करीब चार सौ बच्चों के परिजनों की तलाश कर उन्हें सौंपा गया है। रेलवे स्टेशन तथा अन्य स्थानों पर अनाथ के तौर पर मिलने वाले बच्चों को यहां पर संभाला जाता है तथा उनको शिक्षा दिलाई जाती है।
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फरवरी में भागे थे पांच बच्चे
इसी वर्ष 5 फरवरी को आस्था कुंज में रहने वाले पांच बच्चें रात को अचानक जंगले की जाली तोड़कर लापता हो गए थे। हालांकि काफी भागदौड़ के बाद पुलिस द्वारा गांव करनावास के समीप से बच्चों को बरामद कर लिया गया था। बाद में बच्चों ने बताया था कि वार्डन उन्हें पीटती थी इसलिए भागे थे। हालांकि वार्डन पर लगाए आरोपों की भी जांच भी की गई थी लेकिन प्रशासन ने उन्हें अपनी जांच में क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद अब फिर बच्चों के अचानक लापता होने के बाद प्रशासन की तरफ भी सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिरकार आस्था कुंज में बच्चों के साथ सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।
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बच्चों के अजमेर जाने की संभावना अधिक
बच्चों के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद चाइल्ड वेलफेयर समिति के सदस्य राकेश भार्गव भी आस्था कुंज में पहुंच गए। उन्होंने बताया कि आस्था कुंज में रहने वाले बच्चों की काउंसिंलिंग की तो कुछ बच्चों ने बताया कि लापता बच्चों में शामिल विजय पिछले दो दिन से अजमेर जाने की बात करता था। संभवतया दोनों बच्चे राजस्थान की ओर गए हो। लिहाजा आरपीएफ को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। बच्चों के पास उनके स्कूल बैग भी है।
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वर्जन
बच्चों के स्कूल से वापस नहीं आने की सूचना मिलते ही समिति के सदस्य आस्था कुंज पहुंच गए, बच्चों से पूछताछ की गई। लापता बच्चों की कोई शिकायत नहीं थी। समिति बच्चों के लापता होने के मामले की जांच कर रही है। कमेटी के सदस्य महीने करीब छह बार बच्चों की काउंसिलिंग करती है। - राकेश भार्गव, सदस्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। शहर के काली माता रोड के समीप स्थित आस्था कुंज में रहने वाले दो छात्र मंगलवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। छात्रों के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने छात्रों की खोज के लिए शहर में सर्च अभियान चलाया लेकिन देर शाम तक छात्रों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
जानकारी के अनुसार काली माता रोड पर स्थित आस्था कुंज में रहने वाले हरेंद्र और विजय आस्था कुंज से सटे अग्रसेन स्कूल में कक्षा छह में पढ़ते हैं। मंगलवार दोनों छात्र सुबह के समय समीप स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल में पढ़ने के लिए गए थे। दोपहर दो बजे छुट्टी होने के बाद भी जब शाम तक बच्चे आस्था कुंज में नहीं लौटे तो कर्मचारियों ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। छात्रों के लापता होने की सूचना के बाद आस्था कुंज प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और बच्चों की तलाश के लिए शहरभर में सर्च अभियान चलाने के बाद स्टेशन और बस स्टैंड पर बसों में भी तलाशी लेकिन शाम तक बच्चों की कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लापता हुआ बच्ची विजय कुमार यूपी के बिजनौर तथा हरेंद्र सिंह बहादुरगढ़ के आसपास क्षेत्र के रहने वाला है।
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36 बच्चे रहे हैं आस्था कुंज में
जिला बाल कल्याण परिषद की तरफ से संचालित आस्था कुंज में वर्तमान में 36 बच्चे रहते हैं। इनमें से अधिकांश शिक्षा गृहण कर रहे हैं। यहां करीब 15 लोगों का स्टॉफ कार्यरत है, जिनमें वार्डन से लेकर अन्य शामिल है। चाइल्ड वेलफेयर समिति द्वारा पिछले पांच साल में आस्था कुंज में रहने वाले करीब चार सौ बच्चों के परिजनों की तलाश कर उन्हें सौंपा गया है। रेलवे स्टेशन तथा अन्य स्थानों पर अनाथ के तौर पर मिलने वाले बच्चों को यहां पर संभाला जाता है तथा उनको शिक्षा दिलाई जाती है।
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फरवरी में भागे थे पांच बच्चे
इसी वर्ष 5 फरवरी को आस्था कुंज में रहने वाले पांच बच्चें रात को अचानक जंगले की जाली तोड़कर लापता हो गए थे। हालांकि काफी भागदौड़ के बाद पुलिस द्वारा गांव करनावास के समीप से बच्चों को बरामद कर लिया गया था। बाद में बच्चों ने बताया था कि वार्डन उन्हें पीटती थी इसलिए भागे थे। हालांकि वार्डन पर लगाए आरोपों की भी जांच भी की गई थी लेकिन प्रशासन ने उन्हें अपनी जांच में क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद अब फिर बच्चों के अचानक लापता होने के बाद प्रशासन की तरफ भी सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिरकार आस्था कुंज में बच्चों के साथ सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।
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बच्चों के अजमेर जाने की संभावना अधिक
बच्चों के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद चाइल्ड वेलफेयर समिति के सदस्य राकेश भार्गव भी आस्था कुंज में पहुंच गए। उन्होंने बताया कि आस्था कुंज में रहने वाले बच्चों की काउंसिंलिंग की तो कुछ बच्चों ने बताया कि लापता बच्चों में शामिल विजय पिछले दो दिन से अजमेर जाने की बात करता था। संभवतया दोनों बच्चे राजस्थान की ओर गए हो। लिहाजा आरपीएफ को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। बच्चों के पास उनके स्कूल बैग भी है।
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वर्जन
बच्चों के स्कूल से वापस नहीं आने की सूचना मिलते ही समिति के सदस्य आस्था कुंज पहुंच गए, बच्चों से पूछताछ की गई। लापता बच्चों की कोई शिकायत नहीं थी। समिति बच्चों के लापता होने के मामले की जांच कर रही है। कमेटी के सदस्य महीने करीब छह बार बच्चों की काउंसिलिंग करती है। - राकेश भार्गव, सदस्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी।