फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   rao inderjeet singh left congress

सांसद राव इंद्रजीत ने कांग्रेस को दिया जोर का झटका

Tue, 24 Sep 2013 03:11 AM IST
रेवाड़ी/ब्यूरो
रेवाड़ी/ब्यूरो Updated Tue, 24 Sep 2013 03:11 AM IST
विज्ञापन
rao inderjeet singh left congress
अहीरवाल के दिग्गज नेता और गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने आखिरकार लंबे कयास के बाद कांग्रेस को अलविदा कह दिया।
विज्ञापन


उन्होंने शहीदी दिवस के अवसर पर रेवाड़ी के राव तुलाराम स्टेडियम में सोमवार को आयोजित रैली में यह घोषणा की।

इस दौरान कांग्रेस के कई ब्लाकों के प्रधान और अन्य नेता भी पार्टी को छोड़ते हुए उनके साथ खड़े हुए। राव इंद्रजीत सिंह के कांग्रेस छोड़ने से कांग्रेस को अहीरवाल बेल्ट में बड़ा झटका लगा है।

काफी दिनों से विकास में भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साध रहे गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह के बारे में पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। सीएलयू के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को घेरने के बाद तो यह लगभग पक्का हो गया था कि वे अब कांग्रेस में नहीं रहेंगे। इसके बाद उनकी बेटी आरती राव ने अलग पार्टी का गठन कर लिया।
विज्ञापन


उन्होंने अभी किसी पार्टी में जाने या अपनी बेटी की पार्टी ज्वाइन करने के संबंध में खुलासा नहीं किया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को गुड़गांव संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। उन्होंने ऐलान किया कि अगली रैली झज्जर में होगी। राव की घोषणा का भारी जनसमूह ने खड़े होकर समर्थन किया। राव ने अपने संबोधन में किसी भी दूसरे राजनीतिक दल का जिक्र नहीं किया, इसे भविष्य की राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हुड्डा और उनके समर्थकों को दी खुली चुनौती
राव ने चुटकी लेते हुए कहा कि सीएम हुड्डा उनका विरोध करने के लिए जिन कांग्रेसियों का इस्तेमाल करते हैं वह कप्तान, उनका बेटा, दान सिंह, नरेंद्र, अनीता यादव, सुखबीर कटारिया और धर्मबीर सहित कोई भी गुड़गांव संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़कर देख लें। कटाक्ष करते हुए राव ने कहा कि इन बेचारों ने तो सीएल्यू से पैसा कमाया है, चुनाव लड़ने के बाद बेचारे फिर सड़क पर आ जाएंगे। उनका विवाद भी हुड्डा से है इसलिए बेहतर है कि हुड्डा खुद चुनाव लडे़ं फिर जनता इस बात का निर्णय कर देगी कि गलत कौन है।

सीएम के पिता का गुणगान, तुला राम का नाम तक नहीं : राव
राव ने कहा कि उनका विवाद पानी के समान बंटवारे, नौकरियों और विकास में भेदभाव को लेकर शुरू हुआ था। उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए अपने सभी रिश्ते नाते खत्म करते हुए जनता से अपने रिश्ते को सर्वोपरि करार दिया। राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हर क्षेत्र में इलाके से भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रेवाड़ी में एक प्रदर्शनी लगाई थी, उसमें भी राव तुला राम जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी और हेमु का जिक्र तक नहीं किया था। इस साल स्वतंत्रता दिवस पर राव तुलाराम स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में राव तुला राम का नाम भी नहीं लिया था, जबकि सीएम के पिता व दादा का गुणगान किया गया था।

शहीदी दिवस पर कांग्रेसियों को घेरा
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उन पर शहीदी दिवस के नाम पर राजनीति करने के आरोप लगते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मंच से आज वह प्रायश्चित भी करना चाहते हैं। शहीदी दिवस पर संयुक्त पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार प्रताप सिंह कैरों आकर राव बीरेंद्र सिंह से माफ मांगते हैं और स्वर्गीय इंदिरा गांधी राव बीरेंद्र सिंह को उनकी विशाल हरियाणा पार्टी को कांग्रेस में विलय करने का अनुरोध करने इस दिन रेवाड़ी में आई थीं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस के प्रधान पद से हटाने और चौ. भजन लाल को प्रधान बना देने पर हुड्डा, चौ. बीरेंद्र सिंह, चौ. हरपाल सिंह और कुमारी सैलजा उनके पास शहीदी दिवस पर रैली करने का अनुरोध लेकर आए थे। रैली करने पर उन्होंने उन्हे अपना नेता माना था।


इन्होंने की रैली में शिरकत
रैली को राव की बेटी आरती राव, प्यारे लाल कटारिया रोहतक, शमशेर सिंह खरखड़ा, गुड़गांव के मेयर विमल यादव, रेवाड़ी जिला परिषद प्रधान सुदेश यादव, पूर्व जिला परिषद के चेयरमैन अभय सिंह यादव, गुड़गांव कांग्रेस के शहरी प्रधान जीएल शर्मा, रेवाड़ी ग्रामीण कांग्रेस के प्रधान बनवारी लाल, महेंद्रगढ़ जिला कांग्रेस प्रधान भाई राम सिंह, मेवात विकास मंच के प्रधान जाहिद हुसैन, प्रो. करम इलाही, फिरोजपुर झिरका नगर परिषद के प्रधान अर्जुन देव चावला, पुन्हाना के पूर्व प्रधान कपूर चंद गोयल और मेवात जिला परिषद सदस्य जहीर खान ने भो संबोधित किया।

राव इंद्रजीत सिंह का सफर
11 फरवरी 1950 को जन्म
1977 में उनके पिता राव बीरेंद्र सिंह की हरियाणा विशाल पार्टी का कांग्रेस में विलय
1998, 2004 और 2009 में लोकसभा सांसद बने
1977, 1982, 1991 और 1999 में विधायक बने
2004 से 2009 के बीच केंद्र में केंद्रीय राज्यमंत्री रहे

राव समर्थकों में लगी कांग्रेस छोड़ने की होड़
रेवाड़ी। राव तुलाराम स्टेडियम में सोमवार को आयोजित शहीदी दिवस समारोह में जैसे ही कांग्रेस के बागी सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया तो उनके पीछे-पीछे दर्जनों समर्थकों ने भी इस्तीफे देने की घोषणा शुरू कर दी।  

सबसे पहले जिला रेवाड़ी ग्रामीण कांग्रेस प्रधान डॉ. बनवारी लाल ने अपनी पूरी कार्यकारिणी का इस्तीफा राव इंद्रजीत सिंह को सौंप दिया। उसके बाद महेंद्रगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान भाई राम सिंह ने जिला कार्यकारिणी का इस्तीफा उन्हें सौंपा। इसी कड़ी में गुड़गांव जिले के शहरी कांग्रेस प्रधान जीएल शर्मा ने 70 पदाधिकारियों का इस्तीफा सौंपा। बावल विधानसभा से कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ चुके कांग्रेस पीसीसी मेंबर भरत सिंह, बावल विधान सभा के ब्लाक प्रधान वीरेंद्र महलावत, बादशाहपुर विधान सभा के ब्लाक प्रधान मनोज यादव, गुड़गांव ग्रामीण कांग्रेस प्रधान विवेक यादव, गुड़गांव युवा उपाध्यक्ष मनीष यादव के अलावा सोनिया गांधी एसोसिएशन के प्रवीण कुमार ने इस्तीफा दे दिया।

 
भेदभाव के लिए लड़ रहे पिता जी का समर्थन करो : आरती राव
रेवाड़ी। राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव ने शहीदी दिवस पर आयोजित रैली को संबोधित करते हुए जहां महिला अत्याचार पर चिंता प्रकट की, वहीं पंडाल में मौजूद जनसमूह से अपने पिता का समर्थन करने का आह्वान किया। आरती ने कहा कि विगत 5-6 साल से उनके पिता क्षेत्र के साथ हो रहे भेदभाव के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अपने इलाके का सीएम बनने पर भेदभाव खत्म होगा।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed