हरियाणा पुलिस के पास है 'गहलोत-पायलट' केस की 'चाबी', जांच एजेंसियों के कंधों को बनाया सहारा!

जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 22 Jul 2020 05:03 PM IST
विज्ञापन
गुरुग्राम का आईटीसी होटल
गुरुग्राम का आईटीसी होटल - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

राजस्थान पुलिस के पास यह जानकारी थी कि आईटीसी रिजॉर्ट में कौन-कौन विधायक मौजूद हैं। गुरुग्राम प्रशासन से सहयोगा मांगने के बावजूद पचास मिनट तक जांच टीम को होटल के बाहर ही इंतजार करना पड़ा। जब इजाजत मिली तो उस वक्त वहां राजस्थान का कोई भी विधायक मौजूद नहीं था...

विस्तार

राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार को अस्थिर करने के मामले की जांच भले ही पेचीदा होती जा रही है, मगर इसके समाधान की चाबी ज्यादा दूर नहीं है। सूत्रों के अनुसार, वह चाबी हरियाणा पुलिस के पास है। गुरुग्राम पुलिस के एक अधिकारी की मानें तो यह केस जल्द सुलझ सकता है, बशर्ते सीसीटीवी फुटेज का आदान-प्रदान ईमानदारी से हो।
विज्ञापन

दूसरी तरफ राजस्थान पुलिस यह बात अच्छी तरह जानती है, इसलिए वहां के डीजीपी ने हरियाणा पुलिस के महानिदेशक से सहयोग मांगा है। दिल्ली पुलिस आयुक्त से भी सहयोग की अपील की गई है। इसके बावजूद राजस्थान पुलिस 'अलादीन का चिराग' खोज रही है। लेकिन उसे यह उम्मीद नहीं है कि हरियाणा पुलिस उस होटल की सीसीटीवी फुटेज राजस्थान पुलिस को देगी, जहां पर सचिन पायलट समर्थक विधायक ठहरे हुए थे।
 
एक तरफ अशोक गहलोत और सचिन पायलट, दोनों ही खेमे अपनी जीत की आस लगाए बैठे हैं। दूसरी ओर ये दोनों नेता विभिन्न जांच एजेंसियों के कंधों से बंदूक चला रहे हैं। गहलोत सरकार को अस्थिर करने के मामले की जांच के लिए विशेष सहयोग समूह (एसओजी) बनाया गया है। इस समूह के सदस्य गुरुग्राम के उस होटल के बाहर तक पहुंचे थे, जहां पर राजस्थान के विधायक ठहरे हुए थे।
राजस्थान पुलिस के पास यह जानकारी थी कि आईटीसी के रिजॉर्ट में कौन-कौन विधायक मौजूद हैं। इस बारे में गुरुग्राम प्रशासन से सहयोगा मांगा गया था, लेकिन पचास मिनट तक जांच टीम को होटल के बाहर ही इंतजार करना पड़ा। जब इस टीम को भीतर जाने की इजाजत मिली तो उस वक्त वहां राजस्थान का कोई भी विधायक मौजूद नहीं था।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, हरियाणा पुलिस के पास रिजॉर्ट में आए सभी विधायकों की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। हालांकि बाद में उस जगह के कुछ कैमरे खराब होने की बात कही गई, जहां राजस्थान के विधायक ठहरे थे। इसके बाद जब उन विधायकों को बाहर निकाला गया, तो सादे कपड़ों में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उनका वीडियो बनाया था। कौन से विधायक के हाथ में क्या सामान था, मसलन फाइल, अटैची या कागजात ये सभी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई पड़ रहा है।

राजस्थान पुलिस ने पूरे आत्मविश्वास से विधायकों की जानकारी दी थी

सूत्रों का कहना है कि राजस्थान पुलिस ने गुरुग्राम प्रशासन को विधायकों के केस को लेकर सारी जानकारी दी थी। इसके बाद भी उन्हें होटल में प्रवेश नहीं करने दिया गया। विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा ऑडियो वायरल होने के बाद इस मामले में पूछताछ करने के लिए एसओजी की पांच सदस्यीय टीम गुरुग्राम पहुंची थी।

गुरुग्राम में तैनात हरियाणा पुलिस के एक अधिकारी ने नाम का खुलासा न करने की शर्त पर बताया कि इस मामले में जब तक सरकार की हरी झंडी नहीं मिलती, तब तक हरियाणा पुलिस एक अक्षर भी नहीं बताएगी। इतना तय है कि राजस्थान के विधायकों की वीडियो फुटेज हरियाणा पुलिस के पास है।

उनसे मिलने कौन आया था और वे यहां से किस जगह पर गए, यह सब जानकारी है। राजस्थान पुलिस के डीजीपी भूपेंद्र यादव ने अब जांच में सहयोग की अपील की है, वह महज एक प्रोटोकॉल से ज्यादा कुछ नहीं है।

आमने-सामने हैं राजस्थान की एसओजी और केंद्रीय एजेंसियां 

राजस्थान में दोनों खेमे अपना प्रभाव दिखाते हुए जांच एजेंसियों की भरपूर मदद ले रहे हैं। मुख्यमंत्री गहलोत एसओजी और सीआईडी महकमे को आगे रखकर केस की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं तो वहीं दूसरा खेमा केंद्रीय एजेंसियों के सहारे बैठा है। आयकर विभाग की टीमें गहलोत के करीबियों पर छापा मार चुकी हैं, जबकि ईडी की टीम भी अब मैदान में आ गई है।

बुधवार को ईडी ने अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन के आवास एवं दूसरी जगहों पर छापेमारी की है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी राजस्थान की चुनी हुई सरकार को गिराने का षड़यंत्र कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 13 जुलाई को इनकम टैक्स और ईडी के छापे डलवाए गए। कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा, धर्मेंद्र राठौड़ और फेयरमोंट होटल के मालिक रत्न शर्मा को धमकाने, दबाने और कुचलने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X