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रेल यात्रियों की सुरक्षा दांव पर
जींद/अमरजीत एस. गिल
Updated Sun, 13 Oct 2013 11:58 PM IST
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दिल्ली बठिंडा रेलमार्ग पर रात में लगभग एक दर्जन गाड़ियों में सफर करने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षा अब पूरी तरह से दांव पर लग चुकी है।
पिछले तीन सप्ताह में इस रेलमार्ग पर जींद और टोहाना के बीच दो बार बदमाश अपने हाथ दिखा चुके हैं। पहली घटना 25 सितंबर को जींद बरसौला स्टेशन के बीच और दूसरी बड़ी 6 अक्तूबर को धमतान साहिब और धरौदी रेलवे स्टेशन के बीच हुई है। इसके बावजूद रेलवे पुलिस सतर्क नहीं हुई है। वहीं, लूट तक की घटना को जीआरपी मामूली सी चेन पुलिंग की घटना मानकर मामला दर्ज नहीं करती है।
इन घटनाओं से बना डर
25 सितंबर को भी जबलपुर से जम्मूतवी जा रही 11449 एक्सप्रेस गाड़ी में लूट की कोशिश की गई थी। जम्मूतवी एक्सप्रेस गाड़ी जींद रेलवे स्टेशन से सुबह 3 बजकर 27 मिनट पर नरवाना के लिए रवाना हुई, लेकिन इस गाड़ी के एसी कोच से तीन बार जींद और बरसौला के बीच चेन पुलिंग की गई। जींद से चलकर इस गाड़ी को 3 बजकर 36 मिनट पर बरसौला रेलवे स्टेशन को क्रॉस कर लेना चाहिए था, लेकिन बार-बार चेन पुलिंग करने के कारण इस गाड़ी ने 4 बजकर 12 मिनट के बाद बरसौला स्टेशन क्रॉस किया। करीब 35 मिनट तक यह गाड़ी चेन पुलिंग होने के कारण जंगलों में खड़ी रही। रात के समय जंगल में चेन पुलिंग से कोई भी बड़ी वारदात हो सकती है।
06 अक्तूबर की सुबह अवध असम एक्सप्रेस गाड़ी में लुटेरों ने खूब उत्पात मचाया। चार यात्रियों पर चाकुओं से वार किया और वे चेन पुलिंग करके फरार हो गए। पुलिस ने घायल यात्रियों का जींद में इलाज करवाया और गाड़ी में बैठाकर रवाना कर दिया, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
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रेलवे अधिकारियों की सूचना पर भी कार्रवाई नहीं
25 सितंबर को तीन बार चेन पुलिंग की घटना का मेमो बनाकर बरसौला रेलवे स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर कुलदीप सिंह ने पुलिस को भेजा। पुलिस ने इस घटना को भी मामूली मानकर मामला रफा दफा कर दिया। रेलवे के मेमो का अगर जींद जीआरपी हलके में लेती है तो इस बारे में रेलवे के आला अधिकारियों को अवगत कराया जाना चाहिए, जो नहीं किया जा रहा।
एसी डिब्बों तक में गड़बड़
25 सितंबर को एसी डिब्बों में चेन पुलिंग की घटना को भी पुलिस ने हल्के में लिया। यदि अपराधी एसी डिब्बों में घुसकर अपराधी चेन खींच सकते हैं तो सामान्य डिब्बों की सुरक्षा तो रामभरोसे है। अभी तक पुलिस यह भी पता नहीं कर पाई है कि चेन खींचने वाले कौन थे। यह बात तो जांच के बाद ही खुलकर सामने आ सकती है।
चेन पुलिंग की एक घटना की जानकारी मिली थी, इसके बाद टीम के साथ जाकर नरवाना और जींद का दौरा किया था। पुलिस को अलर्ट किया गया है। रात में गाड़ियों में चेन पुलिंग होती है तो यह बहुत बड़ी घटना है।
- रमेशचंद्र, डीएसपी, रेलवे, हिसार
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पिछले तीन सप्ताह में इस रेलमार्ग पर जींद और टोहाना के बीच दो बार बदमाश अपने हाथ दिखा चुके हैं। पहली घटना 25 सितंबर को जींद बरसौला स्टेशन के बीच और दूसरी बड़ी 6 अक्तूबर को धमतान साहिब और धरौदी रेलवे स्टेशन के बीच हुई है। इसके बावजूद रेलवे पुलिस सतर्क नहीं हुई है। वहीं, लूट तक की घटना को जीआरपी मामूली सी चेन पुलिंग की घटना मानकर मामला दर्ज नहीं करती है।
इन घटनाओं से बना डर
25 सितंबर को भी जबलपुर से जम्मूतवी जा रही 11449 एक्सप्रेस गाड़ी में लूट की कोशिश की गई थी। जम्मूतवी एक्सप्रेस गाड़ी जींद रेलवे स्टेशन से सुबह 3 बजकर 27 मिनट पर नरवाना के लिए रवाना हुई, लेकिन इस गाड़ी के एसी कोच से तीन बार जींद और बरसौला के बीच चेन पुलिंग की गई। जींद से चलकर इस गाड़ी को 3 बजकर 36 मिनट पर बरसौला रेलवे स्टेशन को क्रॉस कर लेना चाहिए था, लेकिन बार-बार चेन पुलिंग करने के कारण इस गाड़ी ने 4 बजकर 12 मिनट के बाद बरसौला स्टेशन क्रॉस किया। करीब 35 मिनट तक यह गाड़ी चेन पुलिंग होने के कारण जंगलों में खड़ी रही। रात के समय जंगल में चेन पुलिंग से कोई भी बड़ी वारदात हो सकती है।
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06 अक्तूबर की सुबह अवध असम एक्सप्रेस गाड़ी में लुटेरों ने खूब उत्पात मचाया। चार यात्रियों पर चाकुओं से वार किया और वे चेन पुलिंग करके फरार हो गए। पुलिस ने घायल यात्रियों का जींद में इलाज करवाया और गाड़ी में बैठाकर रवाना कर दिया, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
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रेलवे अधिकारियों की सूचना पर भी कार्रवाई नहीं
25 सितंबर को तीन बार चेन पुलिंग की घटना का मेमो बनाकर बरसौला रेलवे स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर कुलदीप सिंह ने पुलिस को भेजा। पुलिस ने इस घटना को भी मामूली मानकर मामला रफा दफा कर दिया। रेलवे के मेमो का अगर जींद जीआरपी हलके में लेती है तो इस बारे में रेलवे के आला अधिकारियों को अवगत कराया जाना चाहिए, जो नहीं किया जा रहा।
एसी डिब्बों तक में गड़बड़
25 सितंबर को एसी डिब्बों में चेन पुलिंग की घटना को भी पुलिस ने हल्के में लिया। यदि अपराधी एसी डिब्बों में घुसकर अपराधी चेन खींच सकते हैं तो सामान्य डिब्बों की सुरक्षा तो रामभरोसे है। अभी तक पुलिस यह भी पता नहीं कर पाई है कि चेन खींचने वाले कौन थे। यह बात तो जांच के बाद ही खुलकर सामने आ सकती है।
चेन पुलिंग की एक घटना की जानकारी मिली थी, इसके बाद टीम के साथ जाकर नरवाना और जींद का दौरा किया था। पुलिस को अलर्ट किया गया है। रात में गाड़ियों में चेन पुलिंग होती है तो यह बहुत बड़ी घटना है।
- रमेशचंद्र, डीएसपी, रेलवे, हिसार