{"_id":"4745e728c2b15f1cca0dcd70f5857540","slug":"pragnant-lady-s-delivery-in-ambulance","type":"story","status":"publish","title_hn":"'मारने' वाली सड़क के बीच एबूंलेंस में जन्मी 'जिंदगी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'मारने' वाली सड़क के बीच एबूंलेंस में जन्मी 'जिंदगी'
अंबाला/ब्यूरो
Updated Sun, 25 Aug 2013 07:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर एंबूलेंस में अस्पताल ले जाया जा रहा था। दर्द से कराह रही महिला के लिए टूटी सड़क आफत बन गई और डिलीवरी एंबुलेंस में ही करवानी पड़ी। महिला ने बेटी को जन्म दिया है।
विज्ञापन
दरअसल, एंबुलेंस के जरिये एक गर्भवती महिला को नारायणगढ़ के कुराली से सिटी सिविल अस्पताल डिलीवरी के लिए लाया जा रहा था।
महिला के पति ने बताया कि शनिवार सुबह 9 बजे के करीब वह अपने गांव की पीएचसी में अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए लेकर आए। लेकिन अस्पताल से उसकी पत्नी जसबीर कौर को नौ बजे के बाद शहजादपुर अस्पताल में रेफर कर दिया।
विज्ञापन
वहां से उसे शहर के सिविल अस्पताल ले जाने को कहा। वहां सरकारी एंबुलेंस को बुलाया गया, तो वह डेढ़ घंटा लेट आई। जिस वजह से उसकी पत्नी का दर्द बढ़ता चला गया।
विज्ञापन
जिसके बाद वह अपनी पत्नी को एंबुलेंस में सिटी सिविल अस्पताल के लिए रवाना हो गए। पंजोखरा क्षेत्र में सड़क पर गहरे गड्ढों की वजह से उसकी पत्नी को झटके लगे और उसका दर्द और बढ़ गया।
जिस कारण उसकी पत्नी की वहीं डिलीवरी करनी पड़ी। इस दौरान विशेषज्ञों से फोन पर बातचीत होती रही।
यदि अनहोनी होती तो कौन जिम्मेवार?
हालांकि महिला और नवजात बच्ची अभी ठीक है और उन्हें सिविल अस्पताल में रखा गया है। लेकिन यदि इस दौरान कोई अनहोनी होती तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होता? पति के अनुसार प्रशासन को कम से कम सड़कें तो अच्छी बना देनी चाहिए। सरकार की यह अनदेखी तो किसी की जान पर आफत ला सकती है।