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Panipat News: फ्रांस के नाम पर युवकों को बेलारूस भेजा, एक माह तक बंधक बना ऐंठे पैसे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:35 AM IST
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Youths sent to Belarus in the name of France, held hostage for a month and extorted money
पानीपत । एग्रो मॉल के पास स्थित मार्केट बोर्ड कॉलोनी के दो युवकों के साथ एक पुलिस कर्मचारी समेत चार आरोपियों ने विदेश भेजने के नाम पर 12 लाख की ठगी कर ली। दोनों युवकों को बेलारूस भेजने उन्हें एक माह तक कमरे में बंद रखा। उनके साथ मारपीट की गई। घर से पैसे मंगवाकर उन्हें देने का दबाव बनाया गया। वह युवक बेलारूस पुलिस की मदद से किसी तरह भारत वापस लौटे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने आपबीती परिजनों को बताई। चांदनी बाग थाना पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले में केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को दी शिकायत में मार्केट बोर्ड कालोनी, निवासी साहिल शर्मा ने बताया कि पुलिस की डायल 112 पर तैनात अमित, उसका भाई अशोक, कोर्ट परिसर का टाइपिस्ट चांद उर्फ चांदी और रोहतक निवासी विकास ने उसके साथ विदेश भेजने के नाम पर ठगी की है। अमित, अशोक व चांद करनाल के गोली गांव के रहने वाले हैं। यह सभी युवाओं को विदेश भेजने का काम करते हैं।
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15 जुलाई 2023 को अशोक ने उसे कॉल की थी। उसने कहा कि वह उसे और दीपक निवासी गांव गोली करनाल को अपने पास फ्रांस में बुला लेगा। वहां उनकी नौकरी भी लगवा देगा। इसी दिन पुलिसकर्मी अमित उनके घर पहुंचा। जिसने कहा कि वह खुद पुलिस में है। वह अशोक का भाई है। उसने विदेश भेजने के नाम पर 20 लाख रुपये की मांग की। जिनकी बात 12 लाख रुपये में तय हुई। 10-11 अगस्त को आरोपियों ने उनसे रुपये ले लिए। 13 सितंबर को अमित का उसके पास फोन आया। जिसने कहा कि उन्हें कल एयरपोर्ट पहुंचना है, सारा काम हो गया है। पासपोर्ट-वीजा-टिकट सब एयरपोर्ट पर ही मिल जाएंगे। 14 सितंबर को वह दोनों एयरपोर्ट पहुंचे। जहां उन्हें रूस का वीजा थमा दिया। उन्होंने कहा कि रूस पहुंचने पर फ्रांस का वीजा मिल जाएगा। बेला रूस भेजने के बाद वहां उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। जहां उनके खूब मारपीट की गई। उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए। उन्हें बेहोश होने तक पीटा जाता था। होश आने के बाद दबाब डाल कर उनसे और रुपये मंगवाए जाते थे। एक माह तक दोनों कमरे में बंद रहे। किसी तरह वहां से वे निकल कर स्थानीय पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने उनसे कहा कि 300 यूरो मंगवा लो, वह उन्हें भारत भिजवा देंगे। 10 नवंबर 2023 को वे किसी तरह भारत वापस पहुंचे। यहां उन्होंने परिजनों को आपबीती बताई। साथ ही पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने सुनवाई नहीं की, तो उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई थी।
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