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Panipat News: यमुनानगर के व्यक्ति का 10वें दिन मिला शव
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पानीपत। यमुनानगर की शर्मा कॉलोनी कैंप निवासी एक व्यक्ति का पानीपत के नामुंडा गांव के पास नहर में 10वें दिन शव मिला। उसने फाइनेंसरों से तंग आकर 29 अगस्त को पश्चिमी यमुना नहर में हमीदा हेड पर छलांग लगाई थी। शव सड़ने के साथ ही गल गया है। गोताखोरों के प्रयास से सोशल मीडिया के ग्रुप में फोटो डालने के बाद शव की शिनाख्त हुई। परिजनों ने शुक्रवार पानीपत आकर शव की शिनाख्त की। परिजनों का आरोप है कि फाइनेंसरों से तंग आकर व्यक्ति ने आत्महत्या की थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
यमुनानगर की शर्मा कॉलोनी कैंप निवासी रूपेश ने बताया कि उसका छोटा भाई गगनदीप उर्फ गोल्डी एक आढ़ती के पास पल्लेदार था। उसने कैंप निवासी चार फाइनेंसरों से रुपये ब्याज पर लिए थे। जिसकी किस्त भर रहा था। इस बीच कुछ किस्त टूटने पर सभी ने ब्याज लगाना शुरू कर दिया। फाइनेंसर उसके भाई पर पैसे व ब्याज चुकाने का दबाव बनाने लगे। उसने समय मांगा तो आरोपी जान से मारने की धमकी देने लगे। उसे घर आकर प्रताड़ित करते थे और फोन कर जान से मारने की धमकी देते थे। जिससे उसका भाई गोल्डी परेशान हो गया था। गोल्डी 29 अगस्त को घर आया और खाना खाकर वापस चला गया।
रात करीब 11 बजे एक राहगीर के फोन से ताऊ के बेटे सुदर्शन को फोन किया। उसने बताया कि वह फाइनेंसरों से तंग आ गया है और वह नहर में कूद अपनी जान देने जा रहा है। परिजन जब तक नहर पर पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं मिला। गोल्डी की मोटरसाइकिल नहर किनारे खड़ी मिली। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। यमुनानगर शहर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गोल्डी की तलाश शुरू कर दी थी। गोल्डी दो बच्चों का पिता था।
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प्रदेश के सोशल मीडिया ग्रुप में डाली फोटो
पश्चिमी यमुना नहर यमुनानगर और इंद्री लाडवा से होते हुए करनाल के पास नहर में आकर मिलती है। माना जा रहा है कि शव परिजनों की नजरों में नहीं आया और उतराता हुआ पश्चिमी यमुना लिंक नहर में पहुंच गया। नामुंडा गांव के पास बृहस्पतिवार की रात करीब 10 बजे गोल्डी का शव नहर में उतराया हुआ मिला। जिसको गोताखोरों ने निकाला और पुलिस की सूचना दी। पानीपत पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। गोताखोरों ने गोल्डी की फोटो प्रदेश स्तरीय गोताखोरों के सोशल मीडिया ग्रुप में डाला। 29 अगस्त से गोल्डी की तलाश में जुटे परिजनों तक वह फोटो पहुंची और शुक्रवार को गोल्डी के परिजन पानीपत पहुंचे। जिन्होंने शव की शिनाख्त की।
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यमुनानगर की शर्मा कॉलोनी कैंप निवासी रूपेश ने बताया कि उसका छोटा भाई गगनदीप उर्फ गोल्डी एक आढ़ती के पास पल्लेदार था। उसने कैंप निवासी चार फाइनेंसरों से रुपये ब्याज पर लिए थे। जिसकी किस्त भर रहा था। इस बीच कुछ किस्त टूटने पर सभी ने ब्याज लगाना शुरू कर दिया। फाइनेंसर उसके भाई पर पैसे व ब्याज चुकाने का दबाव बनाने लगे। उसने समय मांगा तो आरोपी जान से मारने की धमकी देने लगे। उसे घर आकर प्रताड़ित करते थे और फोन कर जान से मारने की धमकी देते थे। जिससे उसका भाई गोल्डी परेशान हो गया था। गोल्डी 29 अगस्त को घर आया और खाना खाकर वापस चला गया।
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रात करीब 11 बजे एक राहगीर के फोन से ताऊ के बेटे सुदर्शन को फोन किया। उसने बताया कि वह फाइनेंसरों से तंग आ गया है और वह नहर में कूद अपनी जान देने जा रहा है। परिजन जब तक नहर पर पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं मिला। गोल्डी की मोटरसाइकिल नहर किनारे खड़ी मिली। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। यमुनानगर शहर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गोल्डी की तलाश शुरू कर दी थी। गोल्डी दो बच्चों का पिता था।
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प्रदेश के सोशल मीडिया ग्रुप में डाली फोटो
पश्चिमी यमुना नहर यमुनानगर और इंद्री लाडवा से होते हुए करनाल के पास नहर में आकर मिलती है। माना जा रहा है कि शव परिजनों की नजरों में नहीं आया और उतराता हुआ पश्चिमी यमुना लिंक नहर में पहुंच गया। नामुंडा गांव के पास बृहस्पतिवार की रात करीब 10 बजे गोल्डी का शव नहर में उतराया हुआ मिला। जिसको गोताखोरों ने निकाला और पुलिस की सूचना दी। पानीपत पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। गोताखोरों ने गोल्डी की फोटो प्रदेश स्तरीय गोताखोरों के सोशल मीडिया ग्रुप में डाला। 29 अगस्त से गोल्डी की तलाश में जुटे परिजनों तक वह फोटो पहुंची और शुक्रवार को गोल्डी के परिजन पानीपत पहुंचे। जिन्होंने शव की शिनाख्त की।