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महिला आयोग सख्त, चेयरपर्सन ने ली पूरे मामले की रिपोर्ट, सस्पेंड एएसआई को दी क्लीन चिट
ब्यूरो पानीपत
Updated Fri, 24 Mar 2017 01:02 AM IST
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डॉक्टर से हुई पूछताछ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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समालखा की एक कॉलोनी में नाबालिग बच्ची के साथ दुराचार और नाजुक अंग जलाने के मामले में बाल संरक्षण आयोग के बाद महिला आयोग भी सख्त हो गया है। वीरवार को महिला आयोग की चेयरपर्सन पानीपत रेस्ट हाउस पहुंची और पूरे मामले की रिपोर्ट ली। चेयरपर्सन ने रिपोर्ट देखने के बाद सस्पेंड एएसआई की गलती ना मानते हुए उसे क्लीन चिट दे दी। वहीं डॉक्टर ने इस बारे में अनभिज्ञता जताते हुए भविष्य में ऐसी गलती ना करने की बात कही है। चेयरपर्सन ने शोंधापुर स्थित बाल अनाथालय का दौरा कर बच्ची का हाल जाना। इसके बाद वे थाना चांदनी बाग पहुंची, जहां विद्यानंद कॉलोनी निवासी किशोरी का अपहरण कर दुराचार करने के मामले में रिपोर्ट मांगी। चेयरपर्सन ने मामले की जांच का जिम्मा थाना चांदनी बाग प्रभारी को सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई करने की बात कही है।
समालखा की एक कॉलोनी में बच्ची से दुराचार करने और नाजुक अंग पर कोयला डालने के मामले में महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल वीरवार को पानीपत रेस्ट हाउस पहुंची। जहां मामले में सस्पेंड की गई एएसआई योगेश कुमारी, बच्ची का मेडिकल करने वाले डॉ. आशीष, एमएस. डॉ. आलोक जैन और बोर्ड में शामिल डॉ. लीपिका को तलब किया गया। महिला आयोग की चेयरपर्सन के रेस्ट हाउस में पहुंचने की सूचना पर डीएसपी विद्यावती, डीएसपी समालखा दलबीर सिंह, महिला थाना प्रभारी कविता और थाना समालखा प्रभारी नरेंद्र दहिया भी मौके पर पहुंचे। चेयरपर्सन ने रेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटे तक हर पहलू पर बातचीत की और मामले की पूर्ण जानकारी मांगी।
एएसआई और डॉक्टर ने दिए बयान
सस्पेंड एएसआई योगेश ने बताया कि उसे एक बच्ची लावारिस हालत में घूमती मिली थी। उसने बच्ची से पूछताछ की, लेकिन बच्ची ने कुछ नहीं बताया। इसकी सूचना सीडब्ल्यूसी अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद बच्ची का मेडिकल कराकर बाल अनाथालय में भेज दिया गया था।
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वहीं बच्ची का मेडिकल करने वाले डॉक्टर आशीष ने बताया कि बच्ची को मेडिकल करवाने के लिए लाया गया था। बच्ची के साथ किसी भी प्रकार की दुराचार करने की बात नहीं बताई गई थी। बच्ची से भी पूछा गया था, उसने भी ऐसी कोई बात नहीं बताई। उसने समझा बच्ची से मारपीट हुई है, इसी आधार पर उसका मेडिकल करवाया गया। अगर दुराचार जैसी कोई बात सामने आती तो महिला डॉक्टर द्वारा मेडिकल करवाया जाता। डॉ. आशीष ने अपनी गलती मानते हुए भविष्य में इसका ध्यान रखने की बात कही।
सस्पेंड एएसआई को दी क्लीन चिट
महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल द्वारा तलब की गई सस्पेंड एएसआई को मामले की जानकारी के बाद क्लीन चिट दे दी गई। वहीं डॉ. आशीष को भविष्य में इस प्रकार की गलती ना दोहराने के निर्देश दिए गए हैं। चेयरपर्सन ने कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ 6 पॉक्सो एक्ट के तहत पहले ही केस दर्ज किया हुआ है। वहीं बंधुआ मजदूरी करवाने की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। उन्होंने कहा कि बच्ची की उम्र करीब 11 साल है। अगर बच्ची शुरुआत में ही अपने साथ हुए हादसे की बात बता देती तो शायद इस प्रकार की लापरवाही नहीं होती।
लड़की के माता-पिता बराबर के दोषी
चेयरपर्सन ने कहा कि किराया पूरा न होने पर बच्ची को इस प्रकार छोड़कर चले जाना निंदनीय कार्य है। इस मामले में लड़की के माता-पिता भी बराबर के दोषी हैं। प्राथमिक जांच में वे ग्वालियर के बताए जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश के लिए अन्य राज्यों की पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
बच्ची को देख छलक पड़े आंसू
चेयरपर्सन बाद में जाटल रोड शोंधापुर स्थित बाल अनाथालय पहुंची और बच्ची का हाल जाना। उन्होंने बाल अनाथालय की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। बच्ची से बात करते हुए कमलेश पांचाल की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने बच्ची को बेहतर सुविधाएं देने की बात कहते हुए उसकी पढ़ाई की भी व्यवस्था करवाने की बात कही।
चेयरपर्सन ने किशोरी का अपहरण व दुराचार मामले का लिया संज्ञान
वहीं चेयरपर्सन वीरवार दोपहर बाद थाना चांदनी बाग पहुंची, जहां उन्होंने किशोरी का अपहरण कर दुराचार करने के मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों की जांच की। मामले में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। कमलेश पांचाल ने पीड़िता व उसकी मां से बातचीत कर मामले की जानकारी मांगी। दूसरे पक्ष का कहना है कि लड़की की कोर्ट मैरिज करवाई थी। बाद में लड़की पक्ष ने मेहर के रूप में दो लाख रुपये की मांग की थी, जिसके बाद ही उन पर आरोप लगाए गए थे। कमलेश पांचाल ने करीब सवा घंटे तक पुलिस अधिकारियों व दोनों पक्षों से बातचीत करने के बाद थाना चांदनी बाग प्रभारी जसपाल ढिल्लो को मामले में गहनता से जांच के आदेश दिए हैं।
यह है मामला
थाना चांदनीबाग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी निवासी महिला ने सीडब्ल्यूसी अधिकारियों को बताया था कि 29 नवंबर 2011 को मनमोहन नगर निवासी मोसीन उसकी नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर ले गया था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने 12 दिसंबर 2016 को लड़की को बरामद कर लिया और कोर्ट के आदेश पर लड़की को बाल अनाथालय भेज दिया। कुछ दिन बाद लड़की को उसकी मां के हवाले कर दिया गया। लड़की की मां ने गांव उग्राखेड़ी के स्कूल में अपनी बेटी का दाखिला करवाया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी को शिकायत दी। जिससे नाराज मोसीन ने 27 फरवरी की सुबह लड़की का दोबारा अपहरण कर लिया था। आरोप है कि उसके साथ दुराचार किया गया। जिससे वह गर्भवती हो गई थी। लड़की की मां सीडब्ल्यूसी अधिकारियों से मिली और आरोपियों की गिरफ्तार करवाने और लड़की का गर्भपात करवाने की मांग की। सीडब्ल्यूसी अधिकारियों ने लड़की की मां को न्याय दिलवाने का भरोसा दिलवाया था।
एसएचओ ने इस मामले में रखा पक्ष
एसएचओ चांदनी बाग जसपाल सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी मोसीन को गिरफ्तार कर पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पहले यह मामला एएसआई बलवान सिंह के पास था। बाद में इसे एसआई सरोज को सौंप दिया था। उन्होंने मामले में गहनता से जांच करने की बात कही है।
मेरे संज्ञान में समालखा व चांदनी बाग थाना क्षेत्र में एक नाबालिग व एक किशोरी के साथ दुराचार करने का मामला आया था। इस मामले में पीड़ितों और पुलिस अधिकारियों से बात की गई है। समालखा की कॉलोनी में बच्ची के साथ दुराचार कर नाजुक अंग जलाने के मामले में एएसआई का कोई कसूर नहीं है। वहीं डॉक्टर ने भी अनदेखी के चलते ऐसा किया है। इस मामले में आगामी उचित कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। आयोग बच्ची के मां-बाप को तलाश करेगा और उसकी शिक्षा व भविष्य को लेकर हर संभव कदम उठाएगा।
कमलेश पांचाल, चेयरपर्सन, हरियाणा महिला आयोग।
समालखा पहुंची बाल संरक्षण आयोग की टीम, की जांच
बाल संरक्षण आयोग, पंचकूला तथा बाल कल्याण समिति पानीपत की टीम ग्यारह साल की लड़की से दुष्कर्म करने तथा उसके नाजुक अंग जलाने के मामले में वीरवार को आरोपी के घर पहुंची। टीम ने वहां मौजूद पांच वर्ष के बच्चे से बात की। साथ ही पड़ोसियों से भी बातचीत की। लोगों में इस घटना को लेकर आरोपियों के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला।
वीरवार सुबह बाल संरक्षण आयोग, पंचकूला की सदस्य सुनीता देवी तथा बाल कल्याण समिति पानीपत के सदस्य सरोज आट्टा, किरण मलिक, हरिदास शास्त्री हनुमान कॉलोनी स्थित आरोपियों के घर पर पहुंचे। उन्होंने पांच वर्ष के बच्चे से बातों-बातों में घर पर पीड़ित लड़की के साथ किए गए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी हासिल की। बच्चे ने अपनी दादी व पिता के बारे में सारा कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। बच्चे ने बताया कि उसकी दादी ने चिमटे से पीड़ित लड़की को जलाया था। घर का सारा काम उसी से करवाया जाता था तथा कई बार उसकी पिटाई भी की जाती थी। सुनीता ने इस संदर्भ में बताया कि छोटे बच्चे से जो जानकारी मिली है उससे पता लगता है कि घर में पीड़ित लड़की को प्रताड़ित किया गया। उसके साथ दुष्कर्म की पहले ही पुष्टि हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। आसपास के लोगों ने बताया कि दिवाली के आसपास लड़की के माता-पिता उसे लेने आए थे। लेकिन आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और किराया देने के बाद ही लड़की को छोड़ने की बात कही।
नौकरों की तरह करवाते थे काम, पहले भी भागी
लोगों ने बताया कि आरोपी उससे नौकरों की तरह काम करवाते थे। घर में झाडू़ पोछा, बर्तन साफ करना, खाना बनाना सारा काम छोटी से बच्ची से करवाया जाता था। इससे दुखी होकर पहले भी दो-तीन बार लड़की घर से भाग गई थी लेकिन वे उसे पकड़ लाए। वहीं पीड़ित लड़की को चिमटे से जलाने वाली महिला कमला के नाम की दूसरी महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक महिला ने बताया कि उसका घर कुछ दूरी पर है, लेकिन एक जैसा नाम होने के कारण वह परेशान हो गई है। कई बार उससे लोग इस बारे में पूछते हैं।
पीड़िता के मां-बाप की तलाश में आयोग
किराए पर रहने वाले पीड़ित लड़की की मां रेखा और बाद में उसका पिता विनोद घर छोड़कर चले गए थे। जांच के लिए पहुंची टीम ने लोगों से सहयोग करने का आह्वान करते हुए इस बारे में किसी तरह की जानकारी मिलने पर उनसे संपर्क करने को कहा है।
यह है मामला
ज्ञात हो कि हनुमान कालोनी में पीड़ित लड़की अपने माता-पिता के साथ कमला के घर किराए पर रहती थी। कुछ महीने पहले उसके मां-बाप कही चले गए। जिसके बाद पीड़िता को मकान मालिक ने अपने यहां रख लिया। लड़की ने मकान मालिक सुनील पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। साथ ही आरोपी की मां कमला पर नाजुक अंग के पास चिमटे से जलाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद प्रशासन सजग हुआ। इस मामले में दुष्कर्म के आरोपी सुनील तथा उसकी मां कमला को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
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समालखा की एक कॉलोनी में बच्ची से दुराचार करने और नाजुक अंग पर कोयला डालने के मामले में महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल वीरवार को पानीपत रेस्ट हाउस पहुंची। जहां मामले में सस्पेंड की गई एएसआई योगेश कुमारी, बच्ची का मेडिकल करने वाले डॉ. आशीष, एमएस. डॉ. आलोक जैन और बोर्ड में शामिल डॉ. लीपिका को तलब किया गया। महिला आयोग की चेयरपर्सन के रेस्ट हाउस में पहुंचने की सूचना पर डीएसपी विद्यावती, डीएसपी समालखा दलबीर सिंह, महिला थाना प्रभारी कविता और थाना समालखा प्रभारी नरेंद्र दहिया भी मौके पर पहुंचे। चेयरपर्सन ने रेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटे तक हर पहलू पर बातचीत की और मामले की पूर्ण जानकारी मांगी।
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सस्पेंड एएसआई योगेश ने बताया कि उसे एक बच्ची लावारिस हालत में घूमती मिली थी। उसने बच्ची से पूछताछ की, लेकिन बच्ची ने कुछ नहीं बताया। इसकी सूचना सीडब्ल्यूसी अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद बच्ची का मेडिकल कराकर बाल अनाथालय में भेज दिया गया था।
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वहीं बच्ची का मेडिकल करने वाले डॉक्टर आशीष ने बताया कि बच्ची को मेडिकल करवाने के लिए लाया गया था। बच्ची के साथ किसी भी प्रकार की दुराचार करने की बात नहीं बताई गई थी। बच्ची से भी पूछा गया था, उसने भी ऐसी कोई बात नहीं बताई। उसने समझा बच्ची से मारपीट हुई है, इसी आधार पर उसका मेडिकल करवाया गया। अगर दुराचार जैसी कोई बात सामने आती तो महिला डॉक्टर द्वारा मेडिकल करवाया जाता। डॉ. आशीष ने अपनी गलती मानते हुए भविष्य में इसका ध्यान रखने की बात कही।
सस्पेंड एएसआई को दी क्लीन चिट
महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल द्वारा तलब की गई सस्पेंड एएसआई को मामले की जानकारी के बाद क्लीन चिट दे दी गई। वहीं डॉ. आशीष को भविष्य में इस प्रकार की गलती ना दोहराने के निर्देश दिए गए हैं। चेयरपर्सन ने कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ 6 पॉक्सो एक्ट के तहत पहले ही केस दर्ज किया हुआ है। वहीं बंधुआ मजदूरी करवाने की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। उन्होंने कहा कि बच्ची की उम्र करीब 11 साल है। अगर बच्ची शुरुआत में ही अपने साथ हुए हादसे की बात बता देती तो शायद इस प्रकार की लापरवाही नहीं होती।
लड़की के माता-पिता बराबर के दोषी
चेयरपर्सन ने कहा कि किराया पूरा न होने पर बच्ची को इस प्रकार छोड़कर चले जाना निंदनीय कार्य है। इस मामले में लड़की के माता-पिता भी बराबर के दोषी हैं। प्राथमिक जांच में वे ग्वालियर के बताए जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश के लिए अन्य राज्यों की पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
बच्ची को देख छलक पड़े आंसू
चेयरपर्सन बाद में जाटल रोड शोंधापुर स्थित बाल अनाथालय पहुंची और बच्ची का हाल जाना। उन्होंने बाल अनाथालय की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। बच्ची से बात करते हुए कमलेश पांचाल की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने बच्ची को बेहतर सुविधाएं देने की बात कहते हुए उसकी पढ़ाई की भी व्यवस्था करवाने की बात कही।
चेयरपर्सन ने किशोरी का अपहरण व दुराचार मामले का लिया संज्ञान
वहीं चेयरपर्सन वीरवार दोपहर बाद थाना चांदनी बाग पहुंची, जहां उन्होंने किशोरी का अपहरण कर दुराचार करने के मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों की जांच की। मामले में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। कमलेश पांचाल ने पीड़िता व उसकी मां से बातचीत कर मामले की जानकारी मांगी। दूसरे पक्ष का कहना है कि लड़की की कोर्ट मैरिज करवाई थी। बाद में लड़की पक्ष ने मेहर के रूप में दो लाख रुपये की मांग की थी, जिसके बाद ही उन पर आरोप लगाए गए थे। कमलेश पांचाल ने करीब सवा घंटे तक पुलिस अधिकारियों व दोनों पक्षों से बातचीत करने के बाद थाना चांदनी बाग प्रभारी जसपाल ढिल्लो को मामले में गहनता से जांच के आदेश दिए हैं।
यह है मामला
थाना चांदनीबाग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी निवासी महिला ने सीडब्ल्यूसी अधिकारियों को बताया था कि 29 नवंबर 2011 को मनमोहन नगर निवासी मोसीन उसकी नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर ले गया था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने 12 दिसंबर 2016 को लड़की को बरामद कर लिया और कोर्ट के आदेश पर लड़की को बाल अनाथालय भेज दिया। कुछ दिन बाद लड़की को उसकी मां के हवाले कर दिया गया। लड़की की मां ने गांव उग्राखेड़ी के स्कूल में अपनी बेटी का दाखिला करवाया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी को शिकायत दी। जिससे नाराज मोसीन ने 27 फरवरी की सुबह लड़की का दोबारा अपहरण कर लिया था। आरोप है कि उसके साथ दुराचार किया गया। जिससे वह गर्भवती हो गई थी। लड़की की मां सीडब्ल्यूसी अधिकारियों से मिली और आरोपियों की गिरफ्तार करवाने और लड़की का गर्भपात करवाने की मांग की। सीडब्ल्यूसी अधिकारियों ने लड़की की मां को न्याय दिलवाने का भरोसा दिलवाया था।
एसएचओ ने इस मामले में रखा पक्ष
एसएचओ चांदनी बाग जसपाल सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी मोसीन को गिरफ्तार कर पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पहले यह मामला एएसआई बलवान सिंह के पास था। बाद में इसे एसआई सरोज को सौंप दिया था। उन्होंने मामले में गहनता से जांच करने की बात कही है।
मेरे संज्ञान में समालखा व चांदनी बाग थाना क्षेत्र में एक नाबालिग व एक किशोरी के साथ दुराचार करने का मामला आया था। इस मामले में पीड़ितों और पुलिस अधिकारियों से बात की गई है। समालखा की कॉलोनी में बच्ची के साथ दुराचार कर नाजुक अंग जलाने के मामले में एएसआई का कोई कसूर नहीं है। वहीं डॉक्टर ने भी अनदेखी के चलते ऐसा किया है। इस मामले में आगामी उचित कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। आयोग बच्ची के मां-बाप को तलाश करेगा और उसकी शिक्षा व भविष्य को लेकर हर संभव कदम उठाएगा।
कमलेश पांचाल, चेयरपर्सन, हरियाणा महिला आयोग।
समालखा पहुंची बाल संरक्षण आयोग की टीम, की जांच
बाल संरक्षण आयोग, पंचकूला तथा बाल कल्याण समिति पानीपत की टीम ग्यारह साल की लड़की से दुष्कर्म करने तथा उसके नाजुक अंग जलाने के मामले में वीरवार को आरोपी के घर पहुंची। टीम ने वहां मौजूद पांच वर्ष के बच्चे से बात की। साथ ही पड़ोसियों से भी बातचीत की। लोगों में इस घटना को लेकर आरोपियों के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला।
वीरवार सुबह बाल संरक्षण आयोग, पंचकूला की सदस्य सुनीता देवी तथा बाल कल्याण समिति पानीपत के सदस्य सरोज आट्टा, किरण मलिक, हरिदास शास्त्री हनुमान कॉलोनी स्थित आरोपियों के घर पर पहुंचे। उन्होंने पांच वर्ष के बच्चे से बातों-बातों में घर पर पीड़ित लड़की के साथ किए गए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी हासिल की। बच्चे ने अपनी दादी व पिता के बारे में सारा कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। बच्चे ने बताया कि उसकी दादी ने चिमटे से पीड़ित लड़की को जलाया था। घर का सारा काम उसी से करवाया जाता था तथा कई बार उसकी पिटाई भी की जाती थी। सुनीता ने इस संदर्भ में बताया कि छोटे बच्चे से जो जानकारी मिली है उससे पता लगता है कि घर में पीड़ित लड़की को प्रताड़ित किया गया। उसके साथ दुष्कर्म की पहले ही पुष्टि हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। आसपास के लोगों ने बताया कि दिवाली के आसपास लड़की के माता-पिता उसे लेने आए थे। लेकिन आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और किराया देने के बाद ही लड़की को छोड़ने की बात कही।
नौकरों की तरह करवाते थे काम, पहले भी भागी
लोगों ने बताया कि आरोपी उससे नौकरों की तरह काम करवाते थे। घर में झाडू़ पोछा, बर्तन साफ करना, खाना बनाना सारा काम छोटी से बच्ची से करवाया जाता था। इससे दुखी होकर पहले भी दो-तीन बार लड़की घर से भाग गई थी लेकिन वे उसे पकड़ लाए। वहीं पीड़ित लड़की को चिमटे से जलाने वाली महिला कमला के नाम की दूसरी महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक महिला ने बताया कि उसका घर कुछ दूरी पर है, लेकिन एक जैसा नाम होने के कारण वह परेशान हो गई है। कई बार उससे लोग इस बारे में पूछते हैं।
पीड़िता के मां-बाप की तलाश में आयोग
किराए पर रहने वाले पीड़ित लड़की की मां रेखा और बाद में उसका पिता विनोद घर छोड़कर चले गए थे। जांच के लिए पहुंची टीम ने लोगों से सहयोग करने का आह्वान करते हुए इस बारे में किसी तरह की जानकारी मिलने पर उनसे संपर्क करने को कहा है।
यह है मामला
ज्ञात हो कि हनुमान कालोनी में पीड़ित लड़की अपने माता-पिता के साथ कमला के घर किराए पर रहती थी। कुछ महीने पहले उसके मां-बाप कही चले गए। जिसके बाद पीड़िता को मकान मालिक ने अपने यहां रख लिया। लड़की ने मकान मालिक सुनील पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। साथ ही आरोपी की मां कमला पर नाजुक अंग के पास चिमटे से जलाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद प्रशासन सजग हुआ। इस मामले में दुष्कर्म के आरोपी सुनील तथा उसकी मां कमला को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।