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Panipat News: ‘स्पार्क’ के जरिये विज्ञान विषय को देंगे बढ़ावा
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पानीपत। शिक्षा विभाग राजकीय स्कूलों में विज्ञान को बढ़ावा देने और विज्ञान पर विद्यार्थियों की पकड़ को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। इसी के तहत एससीईआरटी ने ‘स्पार्क’ कार्यक्रम के शुभारंभ और निष्पादन की योजना तैयार की है। ‘स्पार्क’ के माध्यम से गतिविधियों, अनुसंधान और ज्ञान के माध्यम से विज्ञान का संवर्धन करने में मदद मिलेगी। एससीईआरटी ने विज्ञान को बढ़ावा देने और बोर्ड प्रदर्शन के उत्थान के उद्देश्य से ‘स्पार्क’ कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम को लेकर एससीईआरटी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर स्पार्क कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम के तहत पिछले तीन शैक्षणिक सत्र के दौरान कम बोर्ड परिणाम वाले विज्ञान संकाय के पांच सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का चयन किया जाएगा जिनकी सूची 30 जून तक तैयार करनी होगी।
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क्या है स्पार्क कार्यक्रम
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से जारी निर्देशानुुसार एनईपी-2020 में समग्र शिक्षा और वैश्विक नागरिकता के लिए चल रही प्रतिबद्धता के दृष्टिगत विज्ञान को बढ़ावा देने और छात्रों के बोर्ड प्रदर्शन के उत्थान के उद्देश्य से स्पार्क कार्यक्रम 18 जून को ओरिएंटेशन के दौरान लॉन्च किया गया है। स्पार्क का अर्थ गतिविधियों, अनुसंधान और ज्ञान के माध्यम से विज्ञान का संवर्धन करना है। यह उस जिले में न्यूनतम 5 स्कूलों (प्रति जिले स्कूलों की कुल संख्या = 5 x डायट विज्ञान संकाय की संख्या) को कवर करेगा, जिनकी बोर्ड कक्षाओं का परिणाम जिले में सबसे कम है। इन स्कूलों का डायट संकाय द्वारा पूरे सत्र के दौरान नियमित आधार पर दौरा किया जाएगा। स्पार्क कार्यक्रम छात्रों की जिज्ञासा और विज्ञान के प्रति उनके जुनून को प्रेरित और पोषित करेगा। स्पार्क के माध्यम से स्कूलों में गतिशील और सहायक वातावरण का निर्माण हरियाणा के जिज्ञासु छात्रों और शिक्षकों के लिए एक वरदान होगा।
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इन बिंदुुओं का करना होगा पालन
- कम बोर्ड परिणाम वाले स्कूलों (प्रति डाइट विज्ञान संकाय में 5 स्कूल) की सूची डाइट प्राचार्य द्वारा संबंधित डीईओ के साथ उचित परामर्श के साथ तैयार की जानी है और 30 जून को या उससे पहले इस कार्यालय में प्रस्तुत की जानी चाहिए।
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- चयनित स्कूल सीनियर सेकेंडरी होना चाहिए और उसमें साइंस स्ट्रीम होनी चाहिए।
- विजिटिंग अधिकारी सुबह की असेंबली से पहले स्कूल पहुंचेंगे और वहां कम से कम तीन घंटे रुकेंगे।
- शैक्षणिक सहायता - यात्रा के दौरान डाइट संकाय 12वीं कक्षा और 10वीं कक्षा के अलावा 6वीं, 7वीं, 8वीं में से एक के साथ बातचीत करेगा।
- छठी से आठवीं कक्षा में संकाय पाठ्यक्रम के मासिक वितरण के अनुरूप कक्षा में 2-3 व्यावहारिक गतिविधियां करेगा।
- अनुसंधान का शीर्षक, शैक्षणिक उपकरण और रिपोर्ट सत्र 2024-25 के अंत तक एससीईआरटी को प्रस्तुत की जाएगी। हालाँकि, मासिक प्रगति को डाइट संकायों और एससीईआरटी की ऑनलाइन मासिक बैठक के दौरान साझा किया जाएगा।
वर्जन-
शिक्षा विभाग राजकीय स्कूलों में विज्ञान को बढ़ावा देने और विज्ञान पर विद्यार्थियों की पकड़ को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। इसी के तहत एससीईआरटी ने स्पार्क कार्यक्रम के शुभारंभ और निष्पादन की योजना तैयार की है। स्पार्क कार्यक्रम छात्रों की जिज्ञासा और विज्ञान के प्रति उनके जुनून को प्रेरित और पोषित करेगा। स्पार्क के माध्यम से स्कूलों में गतिशील और सहायक वातावरण का निर्माण हरियाणा के जिज्ञासु छात्रों और शिक्षकों के लिए एक वरदान होगा।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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क्या है स्पार्क कार्यक्रम
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से जारी निर्देशानुुसार एनईपी-2020 में समग्र शिक्षा और वैश्विक नागरिकता के लिए चल रही प्रतिबद्धता के दृष्टिगत विज्ञान को बढ़ावा देने और छात्रों के बोर्ड प्रदर्शन के उत्थान के उद्देश्य से स्पार्क कार्यक्रम 18 जून को ओरिएंटेशन के दौरान लॉन्च किया गया है। स्पार्क का अर्थ गतिविधियों, अनुसंधान और ज्ञान के माध्यम से विज्ञान का संवर्धन करना है। यह उस जिले में न्यूनतम 5 स्कूलों (प्रति जिले स्कूलों की कुल संख्या = 5 x डायट विज्ञान संकाय की संख्या) को कवर करेगा, जिनकी बोर्ड कक्षाओं का परिणाम जिले में सबसे कम है। इन स्कूलों का डायट संकाय द्वारा पूरे सत्र के दौरान नियमित आधार पर दौरा किया जाएगा। स्पार्क कार्यक्रम छात्रों की जिज्ञासा और विज्ञान के प्रति उनके जुनून को प्रेरित और पोषित करेगा। स्पार्क के माध्यम से स्कूलों में गतिशील और सहायक वातावरण का निर्माण हरियाणा के जिज्ञासु छात्रों और शिक्षकों के लिए एक वरदान होगा।
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इन बिंदुुओं का करना होगा पालन
- कम बोर्ड परिणाम वाले स्कूलों (प्रति डाइट विज्ञान संकाय में 5 स्कूल) की सूची डाइट प्राचार्य द्वारा संबंधित डीईओ के साथ उचित परामर्श के साथ तैयार की जानी है और 30 जून को या उससे पहले इस कार्यालय में प्रस्तुत की जानी चाहिए।
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- चयनित स्कूल सीनियर सेकेंडरी होना चाहिए और उसमें साइंस स्ट्रीम होनी चाहिए।
- विजिटिंग अधिकारी सुबह की असेंबली से पहले स्कूल पहुंचेंगे और वहां कम से कम तीन घंटे रुकेंगे।
- शैक्षणिक सहायता - यात्रा के दौरान डाइट संकाय 12वीं कक्षा और 10वीं कक्षा के अलावा 6वीं, 7वीं, 8वीं में से एक के साथ बातचीत करेगा।
- छठी से आठवीं कक्षा में संकाय पाठ्यक्रम के मासिक वितरण के अनुरूप कक्षा में 2-3 व्यावहारिक गतिविधियां करेगा।
- अनुसंधान का शीर्षक, शैक्षणिक उपकरण और रिपोर्ट सत्र 2024-25 के अंत तक एससीईआरटी को प्रस्तुत की जाएगी। हालाँकि, मासिक प्रगति को डाइट संकायों और एससीईआरटी की ऑनलाइन मासिक बैठक के दौरान साझा किया जाएगा।
वर्जन-
शिक्षा विभाग राजकीय स्कूलों में विज्ञान को बढ़ावा देने और विज्ञान पर विद्यार्थियों की पकड़ को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। इसी के तहत एससीईआरटी ने स्पार्क कार्यक्रम के शुभारंभ और निष्पादन की योजना तैयार की है। स्पार्क कार्यक्रम छात्रों की जिज्ञासा और विज्ञान के प्रति उनके जुनून को प्रेरित और पोषित करेगा। स्पार्क के माध्यम से स्कूलों में गतिशील और सहायक वातावरण का निर्माण हरियाणा के जिज्ञासु छात्रों और शिक्षकों के लिए एक वरदान होगा।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।