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संसद में कानून रद्द करने के बाद ही खत्म करेंगे आंदोलन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 01:15 AM IST
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Will end the agitation only after the law is repelled in Parliament
पानीपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि कानून वापस लेने का एलान से किसानों में दीपावली जैसी खुशी है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक कदम बताते हुए किसानों की जीत बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार सुबह तीनों कृषि कानूनों के वापसी की घोषणा कर दी थी। इसको लेकर पानीपत जिले के तमाम किसान संगठनों सहित आम किसानों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि भारतीय किसान यूनियन ने कहा है कि संसद में कृषि कानूनों को रद्द करने के बाद ही उनका आंदोलन समाप्त होगा। एमएसपी कानून लागू होने की मांग भी जारी रहेगी। वहीं, अन्य किसान संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बधाई का पात्र बताया है।
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कृषि कानून रद्द करने की घोषणा पर किसानों ने दी प्रतिक्रिया
किसानों के हित में एक साल तक चले किसान आंदोलन की यह जीत है। देश के किसान व किसान संगठनों का संघर्ष ऐतिहासिक रहा। सरकार को काले कानून वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा। प्रधानमंत्री को यह घोषणा पहले कर देनी चाहिए थी तो किसान इतना लंबा आंदोलन न करते। - बलबीर जागलान, किसान।
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यह किसानों की एकजुटता की जीत है। केंद्र सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ा है। केंद्र सरकार में बैठे मंत्री व प्रधानमंत्री समझ चुके हैं कि किसानों की बात और मांग जायज है। किसानों की बातों को समझने के बाद ही कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की गई है यह किसानों की बड़ी जीत है। - गणपत नैन, किसान।
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पीएम नरेंद्र मोदी की कानून वापसी की घोषणा से किसानों में खुशी है। सरकार के तीनों कृषि कानून वापस लेने से किसानों की एकता की जीत हुई है। पिछले एक साल से किसानों ने दिल्ली सहित जगह जगह धरना प्रदर्शन किए तो केंद्र सरकार को अपने फैंसले पर विचार करना पड़ा। - प्रदीप गाहल्याण, किसान।
प्रधानमंत्री के निर्णय का स्वागत है, भले ही यह काफी देर से लिया गया हो। यह किसान एकता की जीत है। सरकार बेवजह ही कृषि कानूनों को किसानों पर थोपना चाहती थी परंतु किसानों की एकता के सामने सरकार को झुकना ही पडा। संसद में भी सरकार अब इन सभी कानूनों को रद्द करे। - सुनील मलिक, किसान।
तीनों कृषि कानूनों की वापसी का सरकारी एलान किसानों की जीत है। प्रधानमंत्री की घोषणा स्वागत योग्य है। हालांकि सरकार ने यह फैसला किसानों के दबाव में लिया है। जिस तरह से किसानों ने एक साल तक संघर्ष किया है, उसी का परिणाम है कि सरकार को झुकना पड़ा। - सुभाष नैन, किसान।

प्रधानमंत्री का कदम सराहनीय व स्वागत योग्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून वापस लेकर न केवल किसानों के हित में यह फैसला लिया है बल्कि किसानों का मान सम्मान भी रखा है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री आने वाले समय मे किसानों के हित में और भी फैसले लेंगे। - भीम सिंह, किसान।
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