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जब तेंदुए ने हमला किया, बेबस हो गया था...
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बापौली। अतौलापुर में तेंदुए के पकड़े जाने के बाद भी ग्रामीणों में भय बना है। इस ऑपरेशन में शामिल फॉरेस्ट रेंजर वीरेंद्र सिंह का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। फॉरेस्ट रेंजर वीरेंद्र सिंह को फिलहाल आईसीयू में रखा गया है। बापौली थाना प्रभारी जगजीत सिंह घायल होने के बावजूद रविवार को ड्यूटी पर लौट आए। उन्होंने बताया कि जब तेंदुए ने उन पर हमला किया वह बेबस हो गए थे। उनके दाहिने हाथ को तेंदुए ने अपने मुंह में ले लिया था। एक बार तो लगा कि अब बचेंगे नहीं। उन्होंने पहले कमांडों ट्रेनिंग की है। कई ऐसे ऑपेशन में शामिल रहे हैं। इसलिए खुद पर विश्वास भी था। जब तेेंदुए ने उन पर हमला किया उन्होंने साहस दिखाते हुए तेंदुए के मुंह पर हाथ मार दिया था। इसी वक्त दूसरे लोग भी आ गए थे। यह अनुभव काफी डरावना और सिखाने वाला था।
अधमी गांव निवासी श्रीनिवास ने बताया कि डेढ़ माह पहले भी यमुना के पास तेंदुआ देखा गया था। किसी ने इस पर विश्वास नहीं किया। अब यमुना में पानी कम हुआ तो गांवों की ओर आ गया। यमुना का जलस्तर कम होने से ही यह तेंदुआ इस ओर आया है।
ग्रामीण जयपाल शास्त्री ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारी रात को देर से पहुंचे थे। पुलिस ने बहुत बहादुरी से काम किया है। हालांकि अब भी गांव में दहशत का माहौल है।
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अधमी गांव निवासी श्रीनिवास ने बताया कि डेढ़ माह पहले भी यमुना के पास तेंदुआ देखा गया था। किसी ने इस पर विश्वास नहीं किया। अब यमुना में पानी कम हुआ तो गांवों की ओर आ गया। यमुना का जलस्तर कम होने से ही यह तेंदुआ इस ओर आया है।
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ग्रामीण जयपाल शास्त्री ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारी रात को देर से पहुंचे थे। पुलिस ने बहुत बहादुरी से काम किया है। हालांकि अब भी गांव में दहशत का माहौल है।
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