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आग से साढे़ तीन एकड़ में गेहूं के फाने जलकर राख
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मतलौडा। जिले के गांव भालसी में अनाजमंडी रोड पर एक किसान के साढे़ तीन एकड़ खेत में अज्ञात कारणों से लगी आग में गेहूं के फाने जलकर राख हो गए। फाने जलने से किसान के समक्ष पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है।
गांव भालसी वासी किसान जोगेंद्र उर्फ संजय ने बताया कि उसके अनाजमंडी रोड पर साढे़ तीन एकड़ क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई हुई थी। तीन दिन पूर्व उसने कंबाइन मशीन से गेहूं की कटाई तो करवा ली थी लेकिन गेहूं के फांस-फाने का भूसा बनवाना शेष था। भूसा बनवाने के लिए वह रीपर मशीन की इंतजार कर रहा था। मंगलवार को वह काम के सिलसिले में पानीपत चला गया। दोपहर करीब एक बजे अज्ञात कारणों से उसके खेत में आग लग गई। आग के कारण उसके साढ़े तीन एकड़ खेत में खड़े फाने जलकर खाक हो गए। पड़ोसियों ने उसे उसके खेत में आग लगी होने की सूचना दी। जब तक वह खेत में पहुंचा, तब तक खेत में फाने जलकर नष्ट हो चुके थे।
किसान जोगेंद्र उर्फ संजय ने बताया कि आग के कारण गेहूं के फाने जलने से उसके सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। भूसा बनवाना काफी महंगा पड़ रहा है। एक ट्राली भूसा बनवाने के साढे़ पांच हजार रूपये मांगे जा रहे हैं। ऐसे में उसे 15 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
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गांव भालसी वासी किसान जोगेंद्र उर्फ संजय ने बताया कि उसके अनाजमंडी रोड पर साढे़ तीन एकड़ क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई हुई थी। तीन दिन पूर्व उसने कंबाइन मशीन से गेहूं की कटाई तो करवा ली थी लेकिन गेहूं के फांस-फाने का भूसा बनवाना शेष था। भूसा बनवाने के लिए वह रीपर मशीन की इंतजार कर रहा था। मंगलवार को वह काम के सिलसिले में पानीपत चला गया। दोपहर करीब एक बजे अज्ञात कारणों से उसके खेत में आग लग गई। आग के कारण उसके साढ़े तीन एकड़ खेत में खड़े फाने जलकर खाक हो गए। पड़ोसियों ने उसे उसके खेत में आग लगी होने की सूचना दी। जब तक वह खेत में पहुंचा, तब तक खेत में फाने जलकर नष्ट हो चुके थे।
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किसान जोगेंद्र उर्फ संजय ने बताया कि आग के कारण गेहूं के फाने जलने से उसके सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। भूसा बनवाना काफी महंगा पड़ रहा है। एक ट्राली भूसा बनवाने के साढे़ पांच हजार रूपये मांगे जा रहे हैं। ऐसे में उसे 15 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
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