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Panipat News: एक ही मुद्रा में ज्यादा देर बैठने, खड़े होने से बढ़ रहा कमर और घुटनों का दर्द
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जिला नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपी के लिए रोजाना पहुंच रहे 70 मरीज
स्वीटी सांगवान
पानीपत। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने और खड़े रहने से घुटने और कमर से संबंधित रोग बढ़ रहे हैं। यह समस्या बुजुर्ग में ही नहीं युवाओं में भी बढ़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में ऐसे प्रतिदिन करीब 70 मरीज फिजियोथेरेपी के आ रहे हैं। उनको फिजियोथेरेपी करने के साथ उठने और बैठने का सही आसन बताया जा रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि वर्तमान में आधे से ज्यादा लोगों की जीविका कामकाजी हो गई है जिससे उन्हें ज्यादा देर खड़े रहना या बैठना पड़ रहा है। ज्यादा देर एक मुद्रा में बैठने या खड़े रहने से घुटने, कमर, गर्दन, कंधा व जोड़ का दर्द बढ़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में ऐसे रोगियों की संख्या प्रतिदिन बढ़ने लगी है। अस्पताल में एक दिन इसकी ओपीडी लगभग 70 हो जाती हैं।
इस पॉजिशन में यह बीमारी हो रही
डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि लोगों की बैठने और खड़े होने की मुद्रा ठीक नहीं है। कुछ लोग ज्यादातर समय तक झुक कर बैठते हैं या फोन का प्रयोग करते समय ज्यादा देर एक ही मुद्रा में रहते हैं जिससे उनमें कंधे, गर्दन व कमर में दर्द रहने लगता है। इसी तरह लंबे समय तक एक ही मुद्रा में खड़े रहने से घुटनों की बीमारी बढ़ रही है। युवाओं और 45 साल के लोगों में घुटनों की बीमारी ज्यादा बढ़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में इनके इलाज के लिए मशीनें उपलब्ध हैं। माइक्रोडायोथर्मी मशीन कमर दर्द के लिए, टेन्श मशीन गर्दन, कमर, कंधा, घुटना-जोड़ दर्द के लिए, अल्ट्रासोनिक मशीन मांस फटने, सूजन ठीक करने के लिए, ट्रैक्शन मशीन कमर-गर्दन गैप के लिए, सयूमलेटर मशीन फ्रेक्चर के बाद मूव न होने पर प्रयोग की जाती है। स्ट्रेटिक, वैक्स बाथ, सॉल्डर विल, फिंगर लेडर, पुली, सीपीएम आदि मशीनों की सुविधा भी अस्पताल में हैं। संवाद
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वर्जन :
सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने बताया कि अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट बच्चों के लिए और युवा व बुजुर्गों के लिए अलग-अलग हैं। अस्पताल में 12 बेड की सुविधा है जिससे मरीजों को अच्छे से इलाज मिल पा रहा है। आजकल इससे संबंधित ओपीडी भी बढ़ रही है। लोगों को लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे या खड़े नहीं रहना चाहिए।
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स्वीटी सांगवान
पानीपत। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने और खड़े रहने से घुटने और कमर से संबंधित रोग बढ़ रहे हैं। यह समस्या बुजुर्ग में ही नहीं युवाओं में भी बढ़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में ऐसे प्रतिदिन करीब 70 मरीज फिजियोथेरेपी के आ रहे हैं। उनको फिजियोथेरेपी करने के साथ उठने और बैठने का सही आसन बताया जा रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि वर्तमान में आधे से ज्यादा लोगों की जीविका कामकाजी हो गई है जिससे उन्हें ज्यादा देर खड़े रहना या बैठना पड़ रहा है। ज्यादा देर एक मुद्रा में बैठने या खड़े रहने से घुटने, कमर, गर्दन, कंधा व जोड़ का दर्द बढ़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में ऐसे रोगियों की संख्या प्रतिदिन बढ़ने लगी है। अस्पताल में एक दिन इसकी ओपीडी लगभग 70 हो जाती हैं।
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इस पॉजिशन में यह बीमारी हो रही
डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि लोगों की बैठने और खड़े होने की मुद्रा ठीक नहीं है। कुछ लोग ज्यादातर समय तक झुक कर बैठते हैं या फोन का प्रयोग करते समय ज्यादा देर एक ही मुद्रा में रहते हैं जिससे उनमें कंधे, गर्दन व कमर में दर्द रहने लगता है। इसी तरह लंबे समय तक एक ही मुद्रा में खड़े रहने से घुटनों की बीमारी बढ़ रही है। युवाओं और 45 साल के लोगों में घुटनों की बीमारी ज्यादा बढ़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में इनके इलाज के लिए मशीनें उपलब्ध हैं। माइक्रोडायोथर्मी मशीन कमर दर्द के लिए, टेन्श मशीन गर्दन, कमर, कंधा, घुटना-जोड़ दर्द के लिए, अल्ट्रासोनिक मशीन मांस फटने, सूजन ठीक करने के लिए, ट्रैक्शन मशीन कमर-गर्दन गैप के लिए, सयूमलेटर मशीन फ्रेक्चर के बाद मूव न होने पर प्रयोग की जाती है। स्ट्रेटिक, वैक्स बाथ, सॉल्डर विल, फिंगर लेडर, पुली, सीपीएम आदि मशीनों की सुविधा भी अस्पताल में हैं। संवाद
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वर्जन :
सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने बताया कि अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट बच्चों के लिए और युवा व बुजुर्गों के लिए अलग-अलग हैं। अस्पताल में 12 बेड की सुविधा है जिससे मरीजों को अच्छे से इलाज मिल पा रहा है। आजकल इससे संबंधित ओपीडी भी बढ़ रही है। लोगों को लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे या खड़े नहीं रहना चाहिए।