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लघु उद्योग के लिए लोन पास कराने की एवज में लिए 20 हजार, विजिलेंस ने रंगेहाथ पकड़ा
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पानीपत। जींद के उद्यमी से लघु उद्योग के लोन के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले हरियाणा खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की पानीपत यूनिट के प्रभारी और उनके कंप्यूटर ऑपरेटर भतीजे को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। दोनों को जींद की विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। दूसरी ओर बुधवार को ठेकेदार से पेमेंट के बिल पास कराने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपी एचएसवीपी जेई सुनील मेहता को विजिलेंस ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
विजिलेंस टीम ने ग्राम उद्योग बोर्ड की पानीपत यूनिट के प्रभारी और भतीजे को रंगे हाथ पकड़ने के लिए उद्यमी को पाउडर लगाकर दो-दो हजार रुपये के 20 नोट दिए थे। विजिलेंस ने जैसे ही चाचा-भतीजा के हाथ धुलवाए, पानी गुलाबी हो गया। आरोपियों पर करनाल के स्टेट विजिलेंस थाने में केस दर्ज किया गया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। जींद विजिलेंस के इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि जींद के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने शिकायत दी थी। बताया था कि वह लघु उद्योग शुरू करना चाहता है। उसने 25 लाख के लोन के लिए आवेदन किया था। हरियाणा खादी ग्राम उद्योग को लोन आवेदन सत्यापित करना होता है। इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ती है। जींद प्रभारी का चार्ज सेक्टर 18 निवासी अनिल कुमार के पास है। उन्होंने अपने कंप्यूटर ऑपरेटर भतीजे गांव मच्छरौली निवासी विनय के माध्यम से एक प्रतिशत यानी 25 हजार रुपये की मांग की थी। इतने रुपये नहीं दे पाने की बात कहने पर अनिल कुमार ने 20 हजार रुपये में सौदा तय किया। इसके बाद उसे जींद से पानीपत बुलाया गया। बस स्टैंड से कॉल करने पर अनिल कुमार ने भतीजे विनय को बस स्टैंड पर भेजा। कुछ देर बाद विनय बस स्टैंड पहुंच गया और उन्हें बाइक पर बैठाकर इधर-उधर घुमाते हुए गलियों में ले जाकर 20 हजार ले लिए। इसके बाद उसने उसे बस स्टैंड छोड़ा और चला गया। विजिलेंस की टीम उन्हें मॉनीटर कर रही थी। टीम कार्रवाई करते हुए ग्राम उद्योग के कार्यालय पहुंची। वहां अनिल कुमार मिला, जिसने भतीजे विनय को कॉल कर विजिलेंस के आने के बारे में बताया। यह बात सुनते ही विनय ने फोन स्विच ऑफ कर दिया था। टीम अनिल को गिरफ्तार कर बस स्टैंड पहुंची। वहां भागने की फिराक में बैठे विनय को भी गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने विनय से रिश्वत के 20 हजार रुपये बरामद कर लिए।
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विजिलेंस टीम ने ग्राम उद्योग बोर्ड की पानीपत यूनिट के प्रभारी और भतीजे को रंगे हाथ पकड़ने के लिए उद्यमी को पाउडर लगाकर दो-दो हजार रुपये के 20 नोट दिए थे। विजिलेंस ने जैसे ही चाचा-भतीजा के हाथ धुलवाए, पानी गुलाबी हो गया। आरोपियों पर करनाल के स्टेट विजिलेंस थाने में केस दर्ज किया गया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। जींद विजिलेंस के इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि जींद के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने शिकायत दी थी। बताया था कि वह लघु उद्योग शुरू करना चाहता है। उसने 25 लाख के लोन के लिए आवेदन किया था। हरियाणा खादी ग्राम उद्योग को लोन आवेदन सत्यापित करना होता है। इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ती है। जींद प्रभारी का चार्ज सेक्टर 18 निवासी अनिल कुमार के पास है। उन्होंने अपने कंप्यूटर ऑपरेटर भतीजे गांव मच्छरौली निवासी विनय के माध्यम से एक प्रतिशत यानी 25 हजार रुपये की मांग की थी। इतने रुपये नहीं दे पाने की बात कहने पर अनिल कुमार ने 20 हजार रुपये में सौदा तय किया। इसके बाद उसे जींद से पानीपत बुलाया गया। बस स्टैंड से कॉल करने पर अनिल कुमार ने भतीजे विनय को बस स्टैंड पर भेजा। कुछ देर बाद विनय बस स्टैंड पहुंच गया और उन्हें बाइक पर बैठाकर इधर-उधर घुमाते हुए गलियों में ले जाकर 20 हजार ले लिए। इसके बाद उसने उसे बस स्टैंड छोड़ा और चला गया। विजिलेंस की टीम उन्हें मॉनीटर कर रही थी। टीम कार्रवाई करते हुए ग्राम उद्योग के कार्यालय पहुंची। वहां अनिल कुमार मिला, जिसने भतीजे विनय को कॉल कर विजिलेंस के आने के बारे में बताया। यह बात सुनते ही विनय ने फोन स्विच ऑफ कर दिया था। टीम अनिल को गिरफ्तार कर बस स्टैंड पहुंची। वहां भागने की फिराक में बैठे विनय को भी गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने विनय से रिश्वत के 20 हजार रुपये बरामद कर लिए।
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