फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Unseasonal rain in Haryana: Farmers' concerns grow as paddy stored in marketplaces gets soaked

हरियाणा में बेमौसम बारिश: किसानों की चिंता बढ़ी, मंडियों में पड़ा धान भीगा; ठंड बढ़ने से तापमान में गिरावट

Fri, 30 Oct 2026 09:32 AM IST
Naveen अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा
अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा Published by: Naveen Updated Fri, 30 Oct 2026 09:32 AM IST
सार

पानीपत में वीरवार देर रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों और मंडी आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश के कारण विभिन्न अनाज मंडियों में खुले में पड़ा लगभग 5500 मीट्रिक टन धान भीग गया है।

विज्ञापन
Unseasonal rain in Haryana: Farmers' concerns grow as paddy stored in marketplaces gets soaked
हरियाणा में मौसम ने ली करवट - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बेमौसम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कुरुक्षेत्र, पानीपत, बादली और झज्जर जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और ठंडक बढ़ गई है। इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर धान और सरसों की फसलों को लेकर।

विज्ञापन


कुरुक्षेत्र में मौसम में बदलाव, बारिश की संभावना
कुरुक्षेत्र जिले में लगातार दूसरे दिन भी मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। आसमान में गहरे बादल छाए हुए हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है। इस बदलाव के कारण तापमान में काफी गिरावट आई है, अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम में इस बदलाव से किसानों और राइस मिल संचालकों में चिंता है, क्योंकि अनाज मंडियों में अभी भी करीब 1 लाख मीट्रिक टन धान पड़ा है। खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन


पानीपत में फसलों पर आफत, मंडियों में भीगा धान
पानीपत जिले में वीरवार देर रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों और मंडी आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश के कारण विभिन्न अनाज मंडियों में खुले में पड़ा लगभग 5500 मीट्रिक टन धान भीग गया है। पानीपत तहसील में सबसे अधिक 21 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मंडियों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे सुखाने के लिए रखा गया धान और बोरियों में बंद फसल दोनों ही पानी की चपेट में आ गए। किसानों का कहना है कि भीगे हुए धान में नमी का स्तर बढ़ने से इसके खराब होने और उचित दाम न मिलने का खतरा है। प्रशासन द्वारा किए गए तिरपाल और उठान के इंतजाम भी अपर्याप्त साबित हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बादली क्षेत्र में किसानों को दोहरी मार
बादली क्षेत्र में रात भर हुई झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांवों की गलियों और मुख्य रास्तों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। किसानों के लिए यह बारिश दोहरी मार लेकर आई है। खेतों में खड़ी धान की फसल तेज हवा और बारिश से जमीन पर बिछ गई है, जिससे दाने काले पड़ने और पैदावार घटने का डर है। वहीं, सरसों की बुवाई को भी झटका लगा है। पिछले दस दिनों से चल रही सरसों की बुवाई का बोया बीज बारिश से खराब हो गया है और खेतों में पानी भरने से बुवाई सड़ने की आशंका है।

झज्जर में बारिश से तापमान में गिरावट
झज्जर शहर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से लगातार रुक-रुक कर बारिश जारी है। बारिश के कारण मौसम में ठंडक आ गई है और तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 7 डिग्री कम है। बारिश के चलते शहर के मुख्य मार्गों पर पानी भर गया है। मंडियों में रखी फसलों को तिरपाल से ढकने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ फसलें बारिश के पानी की चपेट में आ गईं। मौसम विभाग ने आज भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

Trending Videos

रेवाड़ी में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित, सड़कों पर भरा पानी, बढ़ी ठंड

रेवाड़ी में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार सुबह से हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। शहर की कई सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और ठंड का अहसास बढ़ गया है। लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं।

जिले में 29 अक्टूबर सुबह आठ बजे से 30 अक्टूबर सुबह आठ बजे तक हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार रेवाड़ी में 46.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 56 एमएम बारिश पल्हावास में हुई। वहीं मनेठी में 15 एमएम, धारूहेड़ा में 29.5 एमएम, दहिना में 34.5 एमएम, बावल में 31 एमएम, कोसली में 20 एमएम और नाहड़ में 20.4 एमएम बारिश दर्ज की गई।

बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों और सड़कों पर पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर वाहन चालकों को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा। वहीं मौसम में ठंडक बढ़ने से सुबह और शाम के समय लोगों को ठंड महसूस होने लगी है। बारिश का असर दैनिक गतिविधियों पर भी देखने को मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed