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Panipat News: स्प्लेंडर ग्रांडे सोसाइटी पर यूएचबीवीएन की सख्ती, दो दिन में जवाब तलब
Sun, 31 May 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 31 May 2026 12:28 AM IST
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पानीपत। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) ने सेक्टर-19 स्थित स्प्लेंडर ग्रांडे सोसाइटी के बिल्डर पर सख्त रुख अपनाते हुए दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने तक की चेतावनी दी गई है।
निगम की जांच में सामने आया है कि सोसाइटी के लिए 4118.46 किलोवाट बिजली लोड स्वीकृत है, जबकि वर्तमान में केवल 525 किलोवाट लोड का ही उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में बिल्डर द्वारा लोड की कमी का हवाला देकर निवासियों को कनेक्शन देने से इन्कार करने का तर्क गलत पाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, बिजली लोड बढ़ाने के नाम पर 25 हजार रुपये प्रति किलोवाट के साथ जीएसटी वसूली करना नियमों के विरुद्ध है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि उपभोक्ताओं से केवल निर्धारित सरकारी शुल्क ही लिया जा सकता है। शिकायतों के बाद पूर्व में घटाया गया लोड भी दोबारा बढ़ाना पड़ा।
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शुक्रवार को एक्सईएन आदित्य कुंडू ने बिल्डर प्रबंधन को बैठक के लिए बुलाया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। वहीं, बड़ी संख्या में सोसाइटी निवासी बिजली निगम कार्यालय पहुंचे और बिल्डर पर सुविधाओं में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए।
सुविधाओं के नाम पर भी सवाल
निवासियों का कहना है कि क्लब, जिम, स्विमिंग पूल, टेनिस कोर्ट और बैडमिंटन कोर्ट जैसी सुविधाओं का वादा किया गया था, लेकिन इनमें से कोई भी सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा बेसमेंट पार्किंग के नाम पर राशि वसूलने के बावजूद पार्किंग की सुविधा ओपन एरिया में दी जा रही है।
मुख्य आरोप एक नजर में
बिजली लोड बढ़ाने के नाम पर मनमानी वसूली
स्वीकृत लोड होने के बावजूद कनेक्शन में बाधा
क्लब, जिम और अन्य सुविधाएं अधूरी
बेसमेंट पार्किंग के बजाय खुले में पार्किंग
शिकायतों के बावजूद बिल्डर प्रबंधन की चुप्पी
सोसाइटी के लिए पर्याप्त बिजली लोड पहले से स्वीकृत है। उपभोक्ताओं से बिजली लोड बढ़ाने के नाम पर किसी प्रकार की अनधिकृत राशि वसूलना नियमों के विरुद्ध है। बिल्डर से दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। समय पर जवाब नहीं दिया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- आदित्य कुंडू, कार्यकारी अभियंता, सब-अर्बन डिविजन, पानीपत।
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निगम की जांच में सामने आया है कि सोसाइटी के लिए 4118.46 किलोवाट बिजली लोड स्वीकृत है, जबकि वर्तमान में केवल 525 किलोवाट लोड का ही उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में बिल्डर द्वारा लोड की कमी का हवाला देकर निवासियों को कनेक्शन देने से इन्कार करने का तर्क गलत पाया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार, बिजली लोड बढ़ाने के नाम पर 25 हजार रुपये प्रति किलोवाट के साथ जीएसटी वसूली करना नियमों के विरुद्ध है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि उपभोक्ताओं से केवल निर्धारित सरकारी शुल्क ही लिया जा सकता है। शिकायतों के बाद पूर्व में घटाया गया लोड भी दोबारा बढ़ाना पड़ा।
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शुक्रवार को एक्सईएन आदित्य कुंडू ने बिल्डर प्रबंधन को बैठक के लिए बुलाया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। वहीं, बड़ी संख्या में सोसाइटी निवासी बिजली निगम कार्यालय पहुंचे और बिल्डर पर सुविधाओं में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए।
सुविधाओं के नाम पर भी सवाल
निवासियों का कहना है कि क्लब, जिम, स्विमिंग पूल, टेनिस कोर्ट और बैडमिंटन कोर्ट जैसी सुविधाओं का वादा किया गया था, लेकिन इनमें से कोई भी सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा बेसमेंट पार्किंग के नाम पर राशि वसूलने के बावजूद पार्किंग की सुविधा ओपन एरिया में दी जा रही है।
मुख्य आरोप एक नजर में
बिजली लोड बढ़ाने के नाम पर मनमानी वसूली
स्वीकृत लोड होने के बावजूद कनेक्शन में बाधा
क्लब, जिम और अन्य सुविधाएं अधूरी
बेसमेंट पार्किंग के बजाय खुले में पार्किंग
शिकायतों के बावजूद बिल्डर प्रबंधन की चुप्पी
सोसाइटी के लिए पर्याप्त बिजली लोड पहले से स्वीकृत है। उपभोक्ताओं से बिजली लोड बढ़ाने के नाम पर किसी प्रकार की अनधिकृत राशि वसूलना नियमों के विरुद्ध है। बिल्डर से दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। समय पर जवाब नहीं दिया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- आदित्य कुंडू, कार्यकारी अभियंता, सब-अर्बन डिविजन, पानीपत।