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Panipat News: उग्राखेड़ी की अनु मलिक ने जीता रजत पदक
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अनु मलिक। स्रोत : सोशल मीडिया
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पानीपत। सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में अनु मलिक ने रजत पदक जीत प्रदेश का नाम रोशन किया है। वीरवार को बिहार में आयोजित हैंडबॉल सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में उग्राखेड़ी की बेटी अनु मलिक ने पदक अपने नाम किया। अनु इससे पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल देश का नाम रोशन कर चुकी है।
कोच शिवाजी संधू ने बताया कि उग्राखेड़ी की रहने वाली अनु मलिक पिछले नौ साल से उसके पास हैंडबॉल का अभ्यास कर रही है। इस दौरान वह कई बार राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी है। अनु ने बताया कि उसके पिता जगबीर मलिक एक किसान हैं और माता सुमित्रा देवी गृहिणी है। वे तीन बहने हैं। उसकी बचपन से रुचि हैंडबॉल खेल में रही है, जिसके लिए उसे परिवार से पूरा सहयोग मिला। परिवार के सहयोग से वह स्कूली शिक्षा के साथ ही राज्य स्तर पर खेलने लगी थी। बाद में वह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल देश का नाम रोशन कर चुकी है। वीरवार को बिहार में हुई प्रतियोगिता में उसने दिल्ली टीम की तरफ से भाग लिया था। इसमें उसकी टीम ने रजत पदक जीत प्रदेश का नाम रोशन किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना एकमात्र लक्ष्य -
अनु मलिक ने बताया कि वह पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है। आगे भी इसी तरह खेलते हुए देश का नाम रोशन करना चाहती है। इसके लिए वह नियमित रूप से गांधीनगर स्थित साईं अकादमी में अभ्यास करती है। इसमें उसके कोच शिवाजी संधू का भरपूर सहयोग रहा है। अनु मलिक अब दिल्ली की तरफ से खेलती है। पहले वह हरियाणा की तरफ से खेलती थी। अनु मलिक ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च प्रदर्शन को लेकर लगातार मेहनत कर रही है। पिता जगबीर मलिक और मां सुमित्रा देवी ने बताया कि उनको अपनी बेटी पर गर्व है।
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कोच शिवाजी संधू ने बताया कि उग्राखेड़ी की रहने वाली अनु मलिक पिछले नौ साल से उसके पास हैंडबॉल का अभ्यास कर रही है। इस दौरान वह कई बार राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी है। अनु ने बताया कि उसके पिता जगबीर मलिक एक किसान हैं और माता सुमित्रा देवी गृहिणी है। वे तीन बहने हैं। उसकी बचपन से रुचि हैंडबॉल खेल में रही है, जिसके लिए उसे परिवार से पूरा सहयोग मिला। परिवार के सहयोग से वह स्कूली शिक्षा के साथ ही राज्य स्तर पर खेलने लगी थी। बाद में वह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल देश का नाम रोशन कर चुकी है। वीरवार को बिहार में हुई प्रतियोगिता में उसने दिल्ली टीम की तरफ से भाग लिया था। इसमें उसकी टीम ने रजत पदक जीत प्रदेश का नाम रोशन किया।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना एकमात्र लक्ष्य -
अनु मलिक ने बताया कि वह पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है। आगे भी इसी तरह खेलते हुए देश का नाम रोशन करना चाहती है। इसके लिए वह नियमित रूप से गांधीनगर स्थित साईं अकादमी में अभ्यास करती है। इसमें उसके कोच शिवाजी संधू का भरपूर सहयोग रहा है। अनु मलिक अब दिल्ली की तरफ से खेलती है। पहले वह हरियाणा की तरफ से खेलती थी। अनु मलिक ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च प्रदर्शन को लेकर लगातार मेहनत कर रही है। पिता जगबीर मलिक और मां सुमित्रा देवी ने बताया कि उनको अपनी बेटी पर गर्व है।

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