{"_id":"66eb8d5558c7666eb20f59f4","slug":"two-more-dengue-patients-found-health-department-lost-sleep-panipat-news-c-244-1-pnp1003-124514-2024-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: डेंगू के दो और मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग की उड़ी नींद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: डेंगू के दो और मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग की उड़ी नींद
विज्ञापन
पानीपत। जिले में डेंगू के हर रोज केस मिल रहे हैं। बुधवार को डेंगू के दो और नए केस मिले हैं। यह केस सनौली रोड व नूरवाला क्षेत्र में मिले हैं। दोनों की निजी अस्पताल से रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची है। अब वीरवार को स्वास्थ्य विभाग यहां पर एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाएगा। यहां बुखार से पीड़ित लोगों की स्लाइड तैयार की जाएगी। नगर निगम यहां पर फॉगिंग कराएगा।
जिले में इस तरह डेंगू के रोगियों की संख्या 25 पहुंच चुकी है। इनमें से 18 केस रिकवर हो चुके हैं। सात डेंगू पीड़ित निजी अस्पतालों में दाखिल हैं। जिले में दो दिन में डेंगू के 12 केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। मंगलवार को भी जिले में एक ही दिन में डेंगू के 10 केस मिले थे। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से राजपूत कॉलोनी, नारायणा गांव, हनुमान कॉलोनी, सेक्टर 12, आजाद नगर, शहरमालपुर, सनौली रोड, न्यू सब्जी मंडी,दुर्गा कॉलोनी व समालखा में एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई गई। यह केस इन्हीं क्षेत्रों में मिले थे। यहां बुखार से पीड़ित लोगों की स्लाइड बनाई जा रही हैं। अब तक यहां लगभग 110 लोगों की स्लाइड तैयार कर जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम से इन क्षेत्रों में फॉगिंग करने व खाली प्लॉटों में जमा पानी में काला तेल डालने की अपील की है। जिले में इस साल डेंगू के 25 व मलेरिया के तीन केस मिल चुके हैं।
बॉक्स
तीनों विभागों में तालमेल की कमी से बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग में तालमेल की कमी से हर साल डेंगू का खतरा गहरा गया है। स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाने व जागरूकता कार्यक्रम करने का है। नगर निगम की शहरी क्षेत्र व जिला पंचायती राज विभाग का जिम्मा ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग करने व खाली प्लॉटों से पानी निकालने का है। समय रहते विभाग इन कामों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाते, इसलिए डेंगू का खतरा हर साल गहरा जाता है।
विज्ञापन
बॉक्स
हर रोज 60-70 लोगों के लिए जा रहे सैंपल
जिला नागरिक अस्पताल में जांच के लिए आ रहे हर तीसरे मरीज में डेंगू व मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की लैब में हर रोज 60-70 डेंगू व मलेरिया के सैंपल लिए जा रहे हैं। जिन मरीजों में बुखार के साथ साथ, शरीर में दर्द, थकान व सर्दी लगने जैसे लक्षण हैं उनके टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में 1522 ओपीडी हुई। बुखार, खासी, जुकाम व थकावट के 388 मरीज पहुंचे। अब इन मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी एक फिजिशियन समेत तीन डॉक्टरों को दी गई है। जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में भी प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के बुखार के 20 से अधिक रोगी पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर में डेंगू मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं।
बॉक्स
4862 जगहों पर मिला लार्वा
एक जनवरी से अब तक 267399 घरों तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंची। यहां 4862 जगहों पर लार्वा मिला। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने नष्ट किया और इन परिवारों को नोटिस जारी किए हैं। सबसे अधिक लार्वा प्लॉटों में जमा पानी में मिल रहा है।
साल दर साल डेंगू के मरीज-
साल- मरीज
2020- 274
2021- 287
2022- 296
2023- अब तक 25
वर्जन :
उप सिविल सर्जन डॉ. सुनील संडूजा ने बताया कि जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं वहां लोगों की जांच कराई जा रही है। नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग को फॉगिंग करने को कहा गया है। पूरे जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मरीजों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 18 वार्ड तैयार किए हैं। इनमें वार्ड में 60 बेड आरक्षित किए हैं।
विज्ञापन
जिले में इस तरह डेंगू के रोगियों की संख्या 25 पहुंच चुकी है। इनमें से 18 केस रिकवर हो चुके हैं। सात डेंगू पीड़ित निजी अस्पतालों में दाखिल हैं। जिले में दो दिन में डेंगू के 12 केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। मंगलवार को भी जिले में एक ही दिन में डेंगू के 10 केस मिले थे। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से राजपूत कॉलोनी, नारायणा गांव, हनुमान कॉलोनी, सेक्टर 12, आजाद नगर, शहरमालपुर, सनौली रोड, न्यू सब्जी मंडी,दुर्गा कॉलोनी व समालखा में एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई गई। यह केस इन्हीं क्षेत्रों में मिले थे। यहां बुखार से पीड़ित लोगों की स्लाइड बनाई जा रही हैं। अब तक यहां लगभग 110 लोगों की स्लाइड तैयार कर जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम से इन क्षेत्रों में फॉगिंग करने व खाली प्लॉटों में जमा पानी में काला तेल डालने की अपील की है। जिले में इस साल डेंगू के 25 व मलेरिया के तीन केस मिल चुके हैं।
विज्ञापन
बॉक्स
तीनों विभागों में तालमेल की कमी से बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग में तालमेल की कमी से हर साल डेंगू का खतरा गहरा गया है। स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाने व जागरूकता कार्यक्रम करने का है। नगर निगम की शहरी क्षेत्र व जिला पंचायती राज विभाग का जिम्मा ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग करने व खाली प्लॉटों से पानी निकालने का है। समय रहते विभाग इन कामों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाते, इसलिए डेंगू का खतरा हर साल गहरा जाता है।
विज्ञापन
बॉक्स
हर रोज 60-70 लोगों के लिए जा रहे सैंपल
जिला नागरिक अस्पताल में जांच के लिए आ रहे हर तीसरे मरीज में डेंगू व मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की लैब में हर रोज 60-70 डेंगू व मलेरिया के सैंपल लिए जा रहे हैं। जिन मरीजों में बुखार के साथ साथ, शरीर में दर्द, थकान व सर्दी लगने जैसे लक्षण हैं उनके टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में 1522 ओपीडी हुई। बुखार, खासी, जुकाम व थकावट के 388 मरीज पहुंचे। अब इन मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी एक फिजिशियन समेत तीन डॉक्टरों को दी गई है। जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में भी प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के बुखार के 20 से अधिक रोगी पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर में डेंगू मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं।
बॉक्स
4862 जगहों पर मिला लार्वा
एक जनवरी से अब तक 267399 घरों तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंची। यहां 4862 जगहों पर लार्वा मिला। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने नष्ट किया और इन परिवारों को नोटिस जारी किए हैं। सबसे अधिक लार्वा प्लॉटों में जमा पानी में मिल रहा है।
साल दर साल डेंगू के मरीज-
साल- मरीज
2020- 274
2021- 287
2022- 296
2023- अब तक 25
वर्जन :
उप सिविल सर्जन डॉ. सुनील संडूजा ने बताया कि जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं वहां लोगों की जांच कराई जा रही है। नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग को फॉगिंग करने को कहा गया है। पूरे जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मरीजों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 18 वार्ड तैयार किए हैं। इनमें वार्ड में 60 बेड आरक्षित किए हैं।