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Panipat News: दो दिन की बारिश ने तोड़ी धूल की परत, एक्यूआई 50 अंक नीचे ग्रीन जोन में आया
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दो दिन की बारिश ने तोड़ी धूल की परत, एक्यूआई 50 अंक गिरकर ग्रीन जोन में आया
- सोमवार को 45 दर्ज किया गया एक्यूआई, स्वास्थ्य लिए बेहतर
- पानीपत को माना गया है देश का 11वां सबसे प्रदूषित शहर
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। लगातार दो दिन हुई बारिश पर्यावरण के लिए बेहतर साबित हो रही है। बारिश से हवा के कारण बनी प्रदूषण की परत टूट गई है। धूल के कण भूमि पर गिरे हैं। दो दिन में एक्यूआई 50 अंक नीचे आकर सोमवार को 45 पर पहुंच गया, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जा रहा है। शुक्रवार को एक्यूआई 95 था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। पिछले दो दिनों से पानीपत का एक्यूआई ग्रीन जोन में है। पानीपत को देश का 11वां सबसे प्रदूषित शहर माना गया है। क्योंकि यहां से हर रोज 90 हजार वाहन गुजरते हैं और यहां लगभग 15 हजार उद्योग चलते हैं। पानीपत की हवा को जीने के लिए अयोग्य भी माना जा चुका है। अब बरसात से कुछ दिन प्रदूषण से राहत मिलेगी। अक्तूबर के बाद पानीपत का एक्यूआई अक्सर 300 के पार पहुंच जाता है। इससे शहर में कैंसर व हृदय रोगी भी बढ़े हैं।
पिछले छह दिनों का एक्यूआई-
दिनांक एक्यूआई
21 जून 92
22 जून 77
23 जून 90
24 जून 95
25 जून 42
26 जून 45
बारिश से प्रदूषण की परत टूटी : डॉ. राजेंद्र
प्रदूषण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि अक्सर हवा के दबाव से धूल के कणों की परत बन जाती है। धूल के कण ऊपर नहीं उठ पाते। इससे कई बार स्मॉग की स्थिति भी बन जाती है। अब बारिश हुई है तो निश्चित रूप से प्रदूषण की परत टूटी है। इससे एक्यूआई में भी गिरावट आई है। पानीपत के उद्योग बायोमास पर शिफ्ट हुए हैं तो इससे भी राहत है। अब पानीपत में प्रदूषण का बड़ा कारण यहां से हर रोज गुजरने वाले लगभग एक लाख वाहन हैं।
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- सोमवार को 45 दर्ज किया गया एक्यूआई, स्वास्थ्य लिए बेहतर
- पानीपत को माना गया है देश का 11वां सबसे प्रदूषित शहर
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। लगातार दो दिन हुई बारिश पर्यावरण के लिए बेहतर साबित हो रही है। बारिश से हवा के कारण बनी प्रदूषण की परत टूट गई है। धूल के कण भूमि पर गिरे हैं। दो दिन में एक्यूआई 50 अंक नीचे आकर सोमवार को 45 पर पहुंच गया, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जा रहा है। शुक्रवार को एक्यूआई 95 था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। पिछले दो दिनों से पानीपत का एक्यूआई ग्रीन जोन में है। पानीपत को देश का 11वां सबसे प्रदूषित शहर माना गया है। क्योंकि यहां से हर रोज 90 हजार वाहन गुजरते हैं और यहां लगभग 15 हजार उद्योग चलते हैं। पानीपत की हवा को जीने के लिए अयोग्य भी माना जा चुका है। अब बरसात से कुछ दिन प्रदूषण से राहत मिलेगी। अक्तूबर के बाद पानीपत का एक्यूआई अक्सर 300 के पार पहुंच जाता है। इससे शहर में कैंसर व हृदय रोगी भी बढ़े हैं।
पिछले छह दिनों का एक्यूआई-
दिनांक एक्यूआई
21 जून 92
22 जून 77
23 जून 90
24 जून 95
25 जून 42
26 जून 45
बारिश से प्रदूषण की परत टूटी : डॉ. राजेंद्र
प्रदूषण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि अक्सर हवा के दबाव से धूल के कणों की परत बन जाती है। धूल के कण ऊपर नहीं उठ पाते। इससे कई बार स्मॉग की स्थिति भी बन जाती है। अब बारिश हुई है तो निश्चित रूप से प्रदूषण की परत टूटी है। इससे एक्यूआई में भी गिरावट आई है। पानीपत के उद्योग बायोमास पर शिफ्ट हुए हैं तो इससे भी राहत है। अब पानीपत में प्रदूषण का बड़ा कारण यहां से हर रोज गुजरने वाले लगभग एक लाख वाहन हैं।
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