{"_id":"6a3cce525b7d1f879605dd6a","slug":"tragic-incident-in-panipat-two-girls-crushed-under-bundle-of-cloth-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानीपत में दर्दनाक हादसा: कपड़े की गांठ में दबी दो बच्चियां, माैत; विकास नगर में गोदाम में खेल रही थीं दोनों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानीपत में दर्दनाक हादसा: कपड़े की गांठ में दबी दो बच्चियां, माैत; विकास नगर में गोदाम में खेल रही थीं दोनों
Thu, 25 Jun 2026 12:15 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
Published by: Nivedita
Updated Thu, 25 Jun 2026 12:15 PM IST
सार
दोनों बच्चियां खेलते हुए गोदाम में कपड़े की गांठ में दब गई। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग गोदाम में काम करते हैं। हादसा सुबह के समय हुआ।
विज्ञापन
मातम मनाते परिजन
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पानीपत के विकास नगर में एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चियों की माैत हो गई। दोनों खेलते हुए गोदाम में कपड़े की गांठ में दब गई। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग गोदाम में काम करते हैं। हादसा सुबह के समय हुआ।
गोदाम में काम करते थे बच्चियों के परिजन
जानकारी के अनुसार, विकास नगर के पास स्थित एक गोदाम में काम करने वाले मजदूरों के बच्चे वहीं आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान ढाई साल की सोनम (पुत्री राम) और चार साल की प्रज्ञा (पुत्री नरेंद्र) खेलते-खेलते कपड़ों की बड़ी गांठों के बीच चली गईं। अचानक गांठें खिसक गईं और दोनों बच्चियां उनके नीचे दब गईं।
कपड़ों की गांठ के नीचे दबी मिली बच्चियां
काफी देर तक बच्चियों के नजर नहीं आने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। जब गोदाम में कपड़ों की गांठें हटाई गईं तो दोनों बच्चियां दबे हुए हालात में मिलीं। तुरंत उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में यह हादसा लापरवाही का प्रतीक माना जा रहा है। गोदाम में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोदाम में काम करने वाले मजदूर अपने बच्चों को साथ लेकर आते हैं, लेकिन वहां बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर श्रमिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है।
पुलिस ने दोनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, प्रशासन द्वारा भी घटना को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
गोदाम में काम करते थे बच्चियों के परिजन
जानकारी के अनुसार, विकास नगर के पास स्थित एक गोदाम में काम करने वाले मजदूरों के बच्चे वहीं आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान ढाई साल की सोनम (पुत्री राम) और चार साल की प्रज्ञा (पुत्री नरेंद्र) खेलते-खेलते कपड़ों की बड़ी गांठों के बीच चली गईं। अचानक गांठें खिसक गईं और दोनों बच्चियां उनके नीचे दब गईं।
विज्ञापन
कपड़ों की गांठ के नीचे दबी मिली बच्चियां
काफी देर तक बच्चियों के नजर नहीं आने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। जब गोदाम में कपड़ों की गांठें हटाई गईं तो दोनों बच्चियां दबे हुए हालात में मिलीं। तुरंत उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में यह हादसा लापरवाही का प्रतीक माना जा रहा है। गोदाम में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोदाम में काम करने वाले मजदूर अपने बच्चों को साथ लेकर आते हैं, लेकिन वहां बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर श्रमिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है।
पुलिस ने दोनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, प्रशासन द्वारा भी घटना को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की बात कही जा रही है।