{"_id":"651c82b44d173a9ff405a42b","slug":"three-arrested-for-gang-rape-and-robbery-of-three-women-ones-leg-broken-mastermind-absconding-panipat-news-c-244-1-pnp1001-7060-2023-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: तीन महिलाओं से सामूहिक दुराचार और लूटपाट में तीन गिरफ्तार, एक की टूटी टांग, मास्टरमाइंड फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: तीन महिलाओं से सामूहिक दुराचार और लूटपाट में तीन गिरफ्तार, एक की टूटी टांग, मास्टरमाइंड फरार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। थाना मतलौडा के अंतर्गत दो डेरों पर तीन महिलाओं के साथ सामूहिक दुराचार और मारपीट के बाद एक महिला की मौत मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया, हालांकि पानीपत में महापाप का मास्टरमाइंड अभी फरार है। पुलिस की पूछताछ में धरे गए आरोपियों की पहचान जयभगवान निवासी अंबेहटा सहारनपुर उत्तर प्रदेश हाल निवास बत्रा काॅलोनी, सोनू निवासी दुर्गनपुर मुजफ्फरनगर हाल निवास बतरा कॉलोनी और नवीन निवासी बरवा धियरई जिला शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश हाल निवास गंगाराम कॉलोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों से दो देसी कट्टे और एक चाकू बरामद किया है। फिलहाल पुलिस दो आरोपियों को सात और एक आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने मंगलवार को अपने कार्यालय पर आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि 20 सितंबर को मतलौडा थाना के अंतर्गत एक डेरे पर चार बदमाशों ने तीन महिलाओं के साथ सामूहिक दुराचार की वारदात की थी। साथ ही 13 हजार रुपये और सोने की बाली की लूट ली थी। बदमाशों ने इससे पहले एक अन्य डेरे पर दंपति के साथ मारपीट कर पांच हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया था। वहीं बदमाशों की मारपीट से जख्मी हुई महिला बिमला की मौत हो गई थी। थाना मतलौडा पुलिस ने दोनों डेरों पर हुई घटनाओं में अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता काे देखते हुए एसआईटी के अलावा पुलिस की 10 टीमों को जांच में लगाया गया था। साथ ही बदमाशों पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस की सीआईए-थ्री की टीम मंगलवार को सूचना के आधार पर सिवाह और दीवाना गांव के नजदीक अंबाला-दिल्ली ट्रैक पर दबिश दे रही थी। तभी पुलिस को देखकर तीनों आरोपी भागने लगे। इस दौरान एक आरोपी के पैर में ट्रैक पर गिरने से गंभीर चोट आई। पुलिस की प्राथमिक जांच में तीनों ने सामूहिक दुराचार और लूटपाट की वारदात को कबूल किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी जयभगवान ने बताया है कि 20 सितंबर की रात को काबड़ी रोड रेलवे ओवरब्रिज के नजदीक उन्होंने शराब पार्टी की और फिर मतलौडा थाना अंतर्गत दो डेरों पर लूटपाट और सामूहिक दुराचार की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद बाइक पर सवार होकर वे पानीपत में किराए के घर पहुंचे थे, लेकिन पकड़े जाने के डर से उत्तर प्रदेश में शामली, बड़ोत और अन्य स्थानों पर रहे। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम को फिर से एक वारदात को अंजाम देने आए थे, तभी गुप्त सूचना पर पुलिस ने छापामारी कर काबू कर लिया।
पुलिस के अनुसार, अब तक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी जयभगवान लूटपाट और सामूहिक दुराचार की वारदात में शामिल था, जबकि सोनू भी इस दौरान मौजूद था। इसके अलावा आरोपी नवीन ने आठ अगस्त को इसी डेरे पर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। उस समय बदमाशों की धमकी के डर से पुलिस को पीड़ितों ने शिकायत नहीं दी थी।
विज्ञापन
पुलिस तीनों आरोपियों की ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने बुधवार को शिनाख्त परेड कराएगी। इसमें पीड़ित महिलाओं से आरोपियों की पहचान कराई जाएगी। इसके बाद पुलिस सामूहिक दुराचार में शामिल आरोपी का सैंपल लेगी।
आरोपी जयभगवान ने बताया कि मुज्जफरनगर जेल में उसकी तीन साथियों से मुलाकात हुई थी। उन्होंने उनके साथ मिलकर खेतों में ट्यूबवेलों पर चोरी करना शुरू कर दिया। फिर लूटपाट की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया।
एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि लूटपाट और सामूहिक दुराचार का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड अभी फरार है, जिसे जल्द ही काबू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मास्टरमाइंड पर पहले से 12-13 मुकदमे दर्ज हैं, हालांकि पुलिस ने उसके नाम का खुलासा अभी नहीं किया है। बताया गया कि वह मई माह में मुज्जफरनगर जेल से जमानत पर छूटकर आया था और उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ जेल में ही गैंग बनाया था। इसके बाद तीनों ने मिलकर अलग-अलग लोगों को शामिल कर वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। ये तीनों गैंग में कोर मेंबर थे। बाहरी कॉलोनियों में किराये के मकान में रहने वालों को ये मुख्य रूप से निशाना बनाते थे और रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम देते थे।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने मंगलवार को अपने कार्यालय पर आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि 20 सितंबर को मतलौडा थाना के अंतर्गत एक डेरे पर चार बदमाशों ने तीन महिलाओं के साथ सामूहिक दुराचार की वारदात की थी। साथ ही 13 हजार रुपये और सोने की बाली की लूट ली थी। बदमाशों ने इससे पहले एक अन्य डेरे पर दंपति के साथ मारपीट कर पांच हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया था। वहीं बदमाशों की मारपीट से जख्मी हुई महिला बिमला की मौत हो गई थी। थाना मतलौडा पुलिस ने दोनों डेरों पर हुई घटनाओं में अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता काे देखते हुए एसआईटी के अलावा पुलिस की 10 टीमों को जांच में लगाया गया था। साथ ही बदमाशों पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस की सीआईए-थ्री की टीम मंगलवार को सूचना के आधार पर सिवाह और दीवाना गांव के नजदीक अंबाला-दिल्ली ट्रैक पर दबिश दे रही थी। तभी पुलिस को देखकर तीनों आरोपी भागने लगे। इस दौरान एक आरोपी के पैर में ट्रैक पर गिरने से गंभीर चोट आई। पुलिस की प्राथमिक जांच में तीनों ने सामूहिक दुराचार और लूटपाट की वारदात को कबूल किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी जयभगवान ने बताया है कि 20 सितंबर की रात को काबड़ी रोड रेलवे ओवरब्रिज के नजदीक उन्होंने शराब पार्टी की और फिर मतलौडा थाना अंतर्गत दो डेरों पर लूटपाट और सामूहिक दुराचार की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद बाइक पर सवार होकर वे पानीपत में किराए के घर पहुंचे थे, लेकिन पकड़े जाने के डर से उत्तर प्रदेश में शामली, बड़ोत और अन्य स्थानों पर रहे। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम को फिर से एक वारदात को अंजाम देने आए थे, तभी गुप्त सूचना पर पुलिस ने छापामारी कर काबू कर लिया।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, अब तक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी जयभगवान लूटपाट और सामूहिक दुराचार की वारदात में शामिल था, जबकि सोनू भी इस दौरान मौजूद था। इसके अलावा आरोपी नवीन ने आठ अगस्त को इसी डेरे पर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। उस समय बदमाशों की धमकी के डर से पुलिस को पीड़ितों ने शिकायत नहीं दी थी।
विज्ञापन
पुलिस तीनों आरोपियों की ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने बुधवार को शिनाख्त परेड कराएगी। इसमें पीड़ित महिलाओं से आरोपियों की पहचान कराई जाएगी। इसके बाद पुलिस सामूहिक दुराचार में शामिल आरोपी का सैंपल लेगी।
आरोपी जयभगवान ने बताया कि मुज्जफरनगर जेल में उसकी तीन साथियों से मुलाकात हुई थी। उन्होंने उनके साथ मिलकर खेतों में ट्यूबवेलों पर चोरी करना शुरू कर दिया। फिर लूटपाट की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया।
एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि लूटपाट और सामूहिक दुराचार का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड अभी फरार है, जिसे जल्द ही काबू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मास्टरमाइंड पर पहले से 12-13 मुकदमे दर्ज हैं, हालांकि पुलिस ने उसके नाम का खुलासा अभी नहीं किया है। बताया गया कि वह मई माह में मुज्जफरनगर जेल से जमानत पर छूटकर आया था और उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ जेल में ही गैंग बनाया था। इसके बाद तीनों ने मिलकर अलग-अलग लोगों को शामिल कर वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। ये तीनों गैंग में कोर मेंबर थे। बाहरी कॉलोनियों में किराये के मकान में रहने वालों को ये मुख्य रूप से निशाना बनाते थे और रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम देते थे।